भारत लौटकर कर्ज चुकाने और कानूनी प्रकिया का सामना करने को तैयार माल्या- सूत्र
नई दिल्ली: भारत के कई बैंकों से करीब 9,000 करोड़ रुपये का लोन लेकर फरार शराब व्यापारी विजय माल्या के मामले में बड़ी कामयाबी मिल सकती है। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि माल्या भारत आकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार है। सूत्रों के मुताबिक, वह भारत लौटकर बैंकों से लिया हुआ कर्ज भी चुकता करना चाहता है। माल्या के मामले में लंदन कोर्ट में केस भी चल रहा है जिसका फैसला 31 जुलाई को आने की उम्मीद की जा रही है।
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27 अगस्त को माल्या की है पेशी
माल्या पर बैंक फ्रॉड, मनी लॉन्डरिंग और बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस पर 10 हजार करोड़ रुपये के लोन का मामला चल रहा है। मुंबई में विशेष पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) कोर्ट ने भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ समन जारी कर उन्हें 27 अगस्त तक पेश होने को कहा था। मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज एमएस आजमी ने माल्या के खिलाफ दाखिल ईडी की दूसरी चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए यह समन जारी किया था।

कोर्ट में पेश न होने पर संपत्ति हो सकती है जब्त
वहीं, अगर माल्या 27 अगस्त को कोर्ट में पेश नहीं होता है तो उसे आर्थिक भगोड़ा घोषित किया जा सकता है। इसके अलावा उनकी संपत्ति भी जब्त की जा सकती है। ईडी ने विशेष अदालत से विजय माल्या की 12,500 करोड़ की संपत्ति जब्त करने की भी मांग की थी। माल्या ने हाल ही में कहा था कि वह बैंक डिफ़ॉल्ट के मामले पोस्टर बॉय और लोगों के गुस्से का कारण बन गया है।

31 जुलाई लंदन कोर्ट सुना सकती है अपना फैसला
उसने 15 अप्रैल, 2016 को पीएम और वित्त मंत्री को पत्र लिखकर अपना पक्ष रखने की अपील थी की थी। जबकि सीबीआई और ईडी दोनों ने ही माल्या के खिलाफ अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज कर रखे हैं। माल्या के प्रत्यर्पण पर फैसला 31 जुलाई को आने की उम्मीद है। वहीं, अंतिम बहस के दौरान 31 जुलाई को सीबीआई और ईडी अधिकारियों से लंदन कोर्ट में मौजूद रहने के लिए कहा गया है।
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