विजय माल्या के अवमानना केस में सोमवार को आएगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला
नई दिल्ली, 9 जुलाई: भारतीय सुप्रीम कोर्ट सोमवार को भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ चल रहे एक केस में सजा का ऐलान करेगा। ये मामला 2017 का है, उस दौरान माल्या ने अदालत के आदेशों का उल्लंघन करते हुए अपने बच्चों को 40 मिलियन डॉलर ट्रांसफर किया था, जबकि कोर्ट ने उसे बैंकों के बकाया 6200 करोड़ रुपये के भुगतान का आदेश दिया था। इसके बाद ही भगोड़े कारोबारी के खिलाफ अवमानना का केस हुआ।

फरवरी में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि बैंकों ने भगोड़े विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी से कुल ₹18,000 करोड़ की वसूली की थी। विजय माल्या किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़े बैंक लोन को नहीं चुकाने का आरोपी है, जिसकी कीमत 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
भारत लाने की हो रही कोशिश
आपको बता दें कि काफी वक्त से माल्या ब्रिटेन में है। भारत सरकार लगातार उसके प्रत्यार्पण की कोशिश कर रही है। अप्रैल में ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिश जॉनसन भारत आए थे। उस दौरान उनसे माल्या और नीरव मोदी को लेकर सवाल पूछा गया, जिस पर जॉनसन ने कहा कि ब्रिटेन में किसी भारतीय भगोड़े का स्वागत नहीं होगा। कुछ कानूनी बाधाओं के चलते उनका प्रत्यार्पण नहीं हो पा रहा है।
नीरव को भी झटका
वहीं भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें उसने अपने खिलाफ एसएफआईओ (Serious Fraud Investigation Office) की ओर जारी लुकआउट नोटिस को चुनौती दी थी। कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि ये एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला है, जिससे सरकारी खजाने को काफी ज्यादा नुकसान हुआ। ऐसे में लुकआउट नोटिस जायज है।












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