Nepal Plane Crash: विजय माल्या का हुआ करता था नेपाल में क्रैश हुआ विमान, 6 सालों तक किंगफिशर का रहा हिस्सा
विजय माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस ने साल 2007 में ATR-72 को जानी-मानी फ्रेंच- इटैलियन रीजनल एयरक्राफ्ट मैन्यूफैक्चरर कंपनी ATR से 9N-ANC विमान खरीदा था।

नेपाल में रविवार को एक बड़ा विमान हादसा हो गया था। काठमांडू से पोखरा जा रहे यति एयरलाइंस का ATR-72 विमान क्रैश हो गया। इस विमान में क्रू मेंमर समेत कुल 72 लोग सवार थे। अब तक 68 लोगों के शव मिल चुके हैं। बाकी यात्रियों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। इस बीच इस विमान को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि ये विमान भारत के मशहूर उद्योगपति विजय माल्या का हुआ करता था।

इटली की कंपनी से खरीदा था विमान
विमान बेड़े-उपकरण आदि को ट्रैक करने वाली सीरियम फ्लीट्स की रिपोर्ट के मुताबिक दुर्घटनाग्रस्त ATR-72 विमान पहले शराब कारोबारी विजय माल्या के किंगफिशर एयरलाइंस का हिस्सा हुआ करता था। विजय माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस ने साल 2007 में इसे जानी-मानी फ्रेंच- इटैलियन रीजनल एयरक्राफ्ट मैन्यूफैक्चरर कंपनी ATR से 9N-ANC विमान खरीदा था।

6 साल तक किंगफिशर का रही हिस्सा
ATR की 754 सीरियल नंबर वाले इस विमान को भारत में VT-KAJ कॉलसाइन दी गई थी। 30 मार्च, 2013 तक यानि की 6 साल तक उड़ान भरने के बाद इस विमान ने किंगफिशर एयरलाइंस के हिस्से के रूप में उड़ान भरी थी। इसके बाद इसे थाईलैंड की नोक एयर को बेच दिया गया। दरअसल विजय माल्या की कंपनी किंग फिशर कई वित्तीय अनियमितताओं में घिर चुकी थी जिस वजह से कंपनी को कई विमानों को बेचना पड़ा था।

विमान का ब्लैक बॉक्स मिला
इस बीच खबर मिली है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स मिल गया है। इस ब्लैक बॉक्स के जरिए हादसे का कारण पता लगाया जा सकेगा। वहीं विमान हादसे को लेकर नेपाल में आज एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। इस विमान हादसे का शिकार हुए उत्तर प्रदेश के सभी पांच भारतीयों की पहचान हो गई है। इनकी पहचान अभिषेक कुशवाहा (25), विशाल शर्मा(22), अनिल कुमार राजभर( 27), सोनू जायसवाल (35) और संजय जायसवाल के रूप में हुई है। पांच भारतीयों में से चार पोखरा के पर्यटक केंद्र में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों में भाग लेने की योजना बना रहे थे।

15 साल पुराना है विमान
फ्लाइट ट्रैकिंग बेवसाइट फ्लाइट राडार-24 के मुताबिक यति एयरलाइंस का विमान 15 साल पुराना था। इसके साथ ही ये विमान अविश्वसनीय डेटा वाले पुराने ट्रांसपोंडर से लैस था। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक यति एयरलाइंस के पास ऊंचे पहाड़ी वाले इलाकों में विमान उड़ाने वाले अनुभवी पायलट्स की भारी कमी है। पर्वतीय देश नेपाल कई बार विमान हादसों का शिकार हो चुका है। हवाई सेवाओं पर नजर रखने वाली एक वेबसाइट ने नेपाल एयरलाइंस को सबसे खतरनाक एयरलाइंस की सूची में टॉप 10 लिस्ट में भी जगह दी हुई है। ऐसा बताया जाता है कि नेपाल में अस्थिर मौसम, कम दृश्यता और पहाड़ों के बीच बनीं कठिन हवाई पट्टियां इन हादसों का बड़ा कारण बनती हैं।












Click it and Unblock the Notifications