कोर्ट ने आंध्र सरकार को दी पेडलैंडारिकी इलू कार्यक्रम के तहत गरीबों के लिए घर निर्माण की अनुमति
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने मंगलवार को सरकार को गरीबों के लिए घरों का निर्माण करने की अनुमति दे दी।
हैदराबाद, 1 दिसंबर। जगन मोहन रेड्डी सरकार के प्रमुख कार्यक्रम पेडलैंडारिकी इलू के तहत गरीबों के लिए घरों के निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर कर दिया गया है। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने मंगलवार को सरकार को गरीबों के लिए घरों का निर्माण करने की अनुमति दे दी। पीठ ने यह भी कहा कि एकल न्यायाधीश के आदेश में की गई टिप्पणियों से कार्यक्रम पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

बता दें कि सिंगल जज बेंच ने अक्टूबर में योजना के तहत मकानों के निर्माण पर रोक लगा दी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने खंडपीठ के समक्ष अपील की थी। इस योजना के तहत राज्य 30 लाख लाभार्थियों के लिए साइटों को आवांटित करने और उनके लिए घरों का निर्माण करने की योजना बना रहा है। 128 याचिकाकर्ताओं के वकील वीएसआर अंजनेयुलु ने अदालत को सूचित किया कि वे अपनी याचिका वापस लेना चाहेंगे। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने केवल हाउस साइट्स प्राप्त करने के लिए याचिका दायर की थी और हाईकोर्ट से इस मामले में उचित फैसला सुनाने की प्रार्थना की थी।
यह भी पढ़ें: 'क्या यूपीए, अब कोई यूपीए नहीं रहा'- एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात के बाद बोलीं ममता बनर्जी
पीठ ने जब इस पर सरकार से राय मांगी तो महाधिवक्ता एस श्रीराम ने कहा कि उन्हें याचिकाएं वापस लेने पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को याचिकाकर्ताओं को हाउस साइट पट्टा देने में कोई आपत्ति नहीं है। श्रीराम और अतिरिक्त महाधिवक्ता पी सुधाकर रेड्डी ने भी पीठ से एकल न्यायाधीश के आदेश में किए गए संदर्भों को रद्द करने का आग्रह किया।












Click it and Unblock the Notifications