बेबाक सवाल पूछती है ये नन्ही सी धाकड़ पत्रकार, जानिए लिटिल जर्नलिस्ट वंशी तिवारी की इंस्पायरिंग स्टोरी
लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान आज हो रहा है। आम चुनाव की तैयारियों के बीच हैदराबाद के चारमीनार के आस पास, हाथ में माइक लिए एक नन्ही पत्रकार लोगों से सवाल पूछती नजर आ रही थी। ये लड़की है, वंशी तिवारी। उम्र केवल 16 साल और इरादा ऐसा जो बड़े-बड़ों को टक्कर दे। वंशी ने बीते तीन-चार सालों से पत्रकारिता करते हुए 'लिटिल जर्नलिस्ट' के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
जिस उम्र में बच्चे खेलते कूदते स्कूल कॉलेज जाते हुए समय बिताते हैं, उस छोटी सी उम्र में वंशी ने पत्रकारिता जैसे क्षेत्र में कदम रखा। उन्हें मालूम था कि यह राह आसान नहीं होने वाले, रास्ता चुनौती पूर्ण होने वाला है। एक ओर पढ़ाई तो दूसरी ओर पत्रकारिता का संतुलन बनाए रखते हुए वंशी तिवारी जैसे ही 11वीं की परीक्षाएं पूरी हुई निकल पड़ी लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरे कवर करने के लिए।
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'जनता की बात, वंशी तिवारी के साथ' कार्यक्रम के जरिए वंशी ने लोकसभा चुनाव में लोगों से उन मुद्दों के बारे में जानने की कोशिश की जिसके लिए वो इस बार वोट करेंगे। वंशी ने लोगों से ये जानने की कोशिश की कि वो किसे प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। यही नहीं, वंशी ने आम चुनावों को लेकर केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी से भी बातचीत की।
आपको बता दें, पिछले दिनों संपन्न हुए तेलंगाना विधानसभा चुनाव में इस 'लिटिल जर्नलिस्ट' वंशी ने कांग्रेस नेताओं से लेकर बीजेपी और बीआरएस नेताओं के इंटरव्यू लिए। आमतौर पर देश में चुनाव के दौरान बड़े-बड़े पत्रकारों को चुनाव कवर करते हुए देखा जाता है, लेकिन तेलंगाना चुनाव में इस 'लिटिल जर्नलिस्ट' को नेताओं का इंटरव्यू करता देख, हर कोई आश्चर्यचकित था।
वंशी के हौसले को देख बड़े-बड़े नेताओं से लेकर नामी पत्रकारों ने उनकी सराहना की। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केन्द्रीय मंत्री किशन रेड्डी, भाजपा सांसद लक्ष्मण हों या कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट, अलका लांबा, अभिनेत्री विजय शांति, सभी ने वंशी के हौसले की तारीफ करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
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इन नेताओं के अलावा वंशी ने पत्रकारिता के महत्व को लेकर वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई, राजीव रंजन का भी साक्षात्कार लिया। वहीं, दुसरी ओर वंशी ने चुनाव से पहले जहां कॉलेज के छात्रों के लिए मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चलाया, वहीं चुनाव के दौरान जनता के बीच जाकर उनसे मुद्दे भी उठाये।
वंशी को अगर देश की सबसे कम उम्र की पत्रकार कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। सिर्फ 12 साल की उम्र में सवाल पूछने की आदत ने वंशी को पत्रकारिता क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कोरोना की त्रासदी झेलने के बावजूद लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। यह सब देख वंशी ने उनसे सवाल पूछना शुरू किया।
तीन साल पहले जब इस विषय पर वीडियो बनाते हुए वंशी ने लोगों से बिना डरे सीधे सवाल पूछने शुरू किये तो कोई बहाने बनाने लगा तो कोई मुंह छिपाकर निकल पड़ा। हालांकि, कुछ लोगों ने अपनी गलती भी मानी। इस तरह शुरू हुए वंशी के पत्रकारिता का सफर। कई प्रेरणात्मक जागरूकता लानेवाली खबरें वंशी के कार्य में जुड़ती गई।
तेलंगाना के प्रमुख सामाजिक संघटन 'राजस्थानी स्नातक संघ' की ओर से वंशी को 'प्रतिभा पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। उनके कॉलेज की ओर से भी उन्हें मेडल देकर सम्मानित किया गया।
हैदराबाद की ये 'लिटिल जर्नलिस्ट' वंशी तिवारी अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रेरणात्मक कहानियों के साथ-साथ ऐसी 'गुड़ न्यूज' प्रस्तुत कर रही है जो समाज को सकारात्मक विचारों की दिशा में ले जा सके। जिस तरह ये ये लोगों से सवाल पूछती हैं, उसमें उनका हौसला और आत्मविश्वास साफ नजर आता है। वंशी के अंदर समाज में जागरूकता फैलाने की एक ललक नजर आती है।
वंशी के पत्रकारिता की राह पर आगे बढ़ने का श्रेय उनके पिता को जाता है जो खुद भी एक पत्रकार है। अपने पिता सूर्य प्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में वंशी पत्रकारिता के गुर सिख रही हैं। वो सिर्फ अपने चैनल को ही बुलंदियों तक नहीं ले जाना चाहती बल्कि इसके साथ-साथ जनता की मुश्किलों, उनके दर्द, उनकी समस्याओं को समाज और सरकार के सामने लाना चाहती हैं। वंशी जनता की आवाज बनना चाहती हैं।
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