अमेरिका में नहीं थम रहा भारतीय छात्रों की मौतों का सिलसिला, अब हैदराबाद के अब्दुल की क्लीवलैंड में हत्या!
Indian Student Found Dead in America: अमेरिका में भारतीय छात्रों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है और अब हैदराबाद के रहने वाले मोहम्मद अब्दुल अरफात का शव क्लीवलैंड में मिला है, जिसकी पुष्टि भारतीय दूतावास ने की है।
मोहम्मद अब्दुल अरफात, इस महीने की शुरूआत से ही लापता था और अब उसका शव ओहिया को क्लीवलैंड में मिला है। न्यूयॉर्क में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अब्दुल की दुखद मौत की खबर की पुष्टि की है।

भारतीय दूतावास ने परिवार के सदस्यों को आश्वासन दिया है, कि वह अब्दुल की मौत की गहन जांच के लिए स्थानीय एजेंसियों के साथ कॉर्डिनेट करेगा। गौरतलब है कि 25 वर्षीय अब्दुल ओहियो की क्लीवलैंड यूनिवर्सिटी में इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का छात्र था।
परिवार से इंसान का वादा
भारतीय दूतावास ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में पुष्टि की है, कि "यह जानकर दुख हुआ, कि श्री मोहम्मद अब्दुल अरफात, जिनकी तलाशी के लिए अभियान चल रहा था, क्लीवलैंड, ओहियो में वो मृत पाए गए हैं। मोहम्मद अरफात के परिवार के प्रति हमारी गहरी संवेदना है।"
इसके अलावा, दूतावास ने कहा है, कि भारतीय छात्र की मौत की गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी, स्थानीय एजेंसियों के संपर्क में हैं। बयान में आगे कहा गया है, कि "हम उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए शोक संतप्त परिवार को हर संभव सहायता दे रहे हैं।"
परिवार को आया था फिरौती के लिए फोन
इससे पहले 18 मार्च को दूतावास ने पुष्टि की थी, कि उन्हें लापता भारतीय छात्र के बारे में पता है, और उन्होंने कहा था, कि अधिकारी अब्दुल का पता लगाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं। हालांकि इसमें हैदराबाद में उनके माता-पिता को फिरौती के लिए कॉल आने के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी, लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है, कि परिवार के सदस्यों को अज्ञात लोगों से फोन आया, जिन्होंने 1,200 डॉलर की फिरौती मांगी, जो भारतीय मुद्रा में लगभग एक लाख रुपये है।
अज्ञात शख्स ने अब्दुल के पिता को कहा था, कि क्लीवलैंड में ड्रग बेचने वालों ने उसका अपहरण कर लिया है।
अब्दुल के पिता मोहम्मद सलीम ने कहा, कि फोन करने वाले ने रकम न देने पर उसके पिता को किडनी बेचने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा, कि "मुझे एक अज्ञात नंबर से फोन आया था, और फोन करने वाले ने मुझे बताया था, कि मेरे बेटे का अपहरण कर लिया गया है और उसने पैसे की मांग की। फोन करने वाले ने ये नहीं बताया, कि पैसे कैसे देने हैं।"
मोहम्मद सलीम के मुताबिक, उन्होंने जब अपने बेटे से बात कराने के लिए कहा, तो उस अज्ञात शख्स ने फोन पर बात कराने से इनकार कर दिया।
जिसके बाद डरे हुए परिवार वालों ने अमेरिका में रहने वाले अपने रिश्तेदारों को इसकी जानकारी दी और फिर मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस में दर्ज करवाई गई। वहीं, क्लीवलैंड पुलिस ने एक पोस्टर जारी किया था, जिसमें अब्दुल ने सफेद टी-शर्ट, लाल जैकेट और नीली जींस पहनी हुई थी। उस वक्त हताश परिवार ने शिकागो में इंडियन काउंसिल से भी अपील की थी, कि उनके बेटे को ढूंढने में उनकी मदद की जाए।
अमेरिका में भारतीय छात्रों पर हमले
संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय छात्रों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा हैौ और सिर्फ इस साल अभी तक कम से कम 9 छात्र मारे गये हैं। इसके अलावा, कई छात्रों को गंभीर हमलों का सामना भी करना पड़ा है।
इससे पहले जनवरी में 19 साल के भारतीय मूल के छात्र नील आचार्य के लापता होने की सूचना मिली थी, और फिर बाद में पर्ड्यू यूनिवर्सिटी वेस्ट लाफायेट परिसर में उनकी लाश मिली थी। नील आचार्य अमेरिकी नागरिक थे। अधिकारियों ने कहा है कि आचार्य पर शव परीक्षण के दौरान कोई आघात या महत्वपूर्ण चोटें नहीं पाई गईं और "इस समय किसी भी तरह की गड़बड़ी का संदेह नहीं है"।
इसके अलावा, इसी साल जनवरी में 25 वर्षीय भारतीय छात्र विवेक सैनी को जॉर्जिया में एक बेघर नशेड़ी ने पीट-पीट कर मार डाला था। इसी तरह, एक अन्य भारतीय छात्र, सैयद मजाहिर अली, जो हैदराबाद के रहने वाला हैं, और सूचना प्रौद्योगिकी में मास्टर की पढ़ाई कर रहा थे, उनका शिकागो में तीन अज्ञात लोगों ने पीछा किया और बेरहमी से हमला कर दिया था, हालांकि उनकी जान बच गई थी।












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