ट्रंप ने कहा, किसी को नहीं मालूम था महामारी आ रही है, जबकि जनवरी में ही सलाहकार ने उन्हें चेता दिया था!
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मार्च में बार-बार कहा था कि कोई भी वैश्विक महामारी बनकर उभरी कोरोना वायरस के वृहद संकट की भविष्यवाणी नहीं कर सकता था। गत 19 मार्च को ट्रम्प ने कहा था कि किसी को भी पता नहीं था कि यह वैश्विक अथवा महामारी है। एक सप्ताह बाद भी ट्रंप ने यही कहा था कि किसी ने भी नहीं सोचा होगा यह इतना घातक होगा।

लेकिन सोमवार को छपी द न्यूयॉर्क टाइम्स और एक्सियोस की रिपोर्टों के अनुसार ट्रम्प के स्वयं के प्रशासन में एक शीर्ष अधिकारी ने संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में COVID-19 वायरस के संभावित विनाशकारी प्रभावों के बारे में जनवरी के अंत में और फिर फरवरी में अलार्म बजा दिया था।
गौरतलब है गत 29 जनवरी को टाइम्स ने रिपोर्ट किया था कि ट्रम्प के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए अमेरिका को कोरोना वायरस के बारे में एक चेतावनी मेमो में कहा था कि संभावित कोरोना वायरस महामारी के जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, जो करीब डेढ़ लाख अमेरिकियों को मार सकती है। नवारो ने बाकायदा एक दस्तावेज में महामारी के बारे में चेताते हुए कहा था कि वायरस को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई तो अमेरिका को खरबों डॉलर का नुकसान झेलना पड़ेगा।

पीटर नवारो ने उक्त मेमो में कहा था कि पूर्ण विकसित कोरोना वायरस के विरूद्ध अमेरिकियों में प्रतिरक्षा सुरक्षा की कमी और मौजूदा इलाज स्थिति अथवा वैक्सीन की गैर मौजूदगी अमेरिकियों को लाचार बना देगी। उस समय नवारो की सिफारिश की थी कि अमेरिका वायरस के जन्मदाता देश चीन में यात्रा पर तत्काल प्रतिबंध लगाए। यही कारण था कि दो दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अधिकांश विदेशी नागरिकों को अमेरिका में प्रवेश करने से रोक दिया था।

हालांकि पिछले सप्ताह टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प के यात्रा प्रतिबंध लगाने के बाद भी कम से कम 430,000 यात्री चीन से सीधी उड़ानों पर अमेरिका पहुंचे हैं। अखबार ने सोमवार को कहा कि नवारो के जनवरी का मेमो "वेस्ट विंग के अंदर प्रसारित होने वाला सबसे उच्च-स्तर का अलर्ट था, क्योंकि तब कोरोनो वायरस संकट का सामना करने के लिए प्रशासन अपना पहला ठोस कदम उठा रहा था।

अपने पहले मेमो के लगभग एक महीने बाद पीटर नवारो ने कथित तौर पर राष्ट्रपति ट्रम्प को कोरोना वायरस महामारी को लेकर दोबारा एलर्ट किया। नवारो ने इस बार ट्रंप को COVID-19 के खतरे के बारे में चेतावनी को बढ़ाते हुए भी संबोधित किया था।
Axios की सूचना के मुताबिक गत 23 मार्च को नवारो ने दूसरे मेमो में लिखा था कि संभावित पूर्ण विकसित COVID-19 महामारी 100 मिलियन अमेरिकियों को संक्रमित कर सकती है और महामारी में 10 से 20 लाख अमेरिकियों की जान जा सकती है।

ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने वायरस की रोकथाम और उपचार के प्रयासों के लिए कम से कम 3 बिलियन डॉलर के आपातकालीन धनराशि को मंजूरी देने के लिए कांग्रेस का भी आह्वान किया था। मामले की गंभीरता को समझते हुए नवारो ने मेमो में लिखा था कि यह समय पेनी-पिंचिंग (पैसों को लेकर खींचतान) या हॉर्स ट्रेडिंग का नहीं है।

एक्सियोस के अनुसार नवारो के दोनों मेमो को व्हाइट हाउस, एनएससी और विभिन्न संघीय एजेंसियों के आसपास प्रसारित किया गया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपित ट्रम्प ने खुद मेमो को पढ़ा या नहीं, जिन्होंने मार्च के अंत तक COVID-19 के खतरे को बार-बार कमतर आंकते आए थे।

इसकी तस्दीक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गत 24 फरवरी को किया गया वह ट्वीट करता है, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि Covid-19 वायरस "संयुक्त राज्य अमेरिका में बहुत नियंत्रण में है। यह ट्वीट ट्रंप ने नवारो के दूसरे मेमो के एक दिन बाद किया था।

गौरतलब है विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गत 11 मार्च को COVID-19 को महामारी घोषित किया था। अमेरिका में वर्तमान में कोरोना वायरस से 10, 900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। व्हाइट हाउस ने पिछले हफ्ते चेतावनी दी थी कि अमेरिका में अंतिम मृत्यु टोल 100,000 से 240,000 भी हो सकती है।
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