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Koshyari vs Thackeray: क्या था उस चिठ्ठी में जिसको लेकर महाराष्ट्र में मचा है बवाल और सड़कों पर उतरे हैं नेता

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मुंबई। आज महाराष्ट्र में 'हिंदुत्व' को लेकर बवाल मचा है, नेतागण सड़कों पर उतरे हैं और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी के बीच वाक युद्ध छिड़ गया है,दरअसल बवाल एक चिठ्ठी को लेकर मचा है, जो कि राज्यपाल कोश्यारी ने सीएम ठाकरे को लिखा था, जिसमें उन्होंने 'मंदिर' बंद रखने और 'बार' खोलने को लेकर सवाल किए थे,अपनी चिठ्ठी में कोश्यारी ने मुख्यमंत्री से जल्द मंदिर खोलने की अपील करते हुए कहा था कि यह विडंबना है कि सरकार ने 'बार' और 'रेस्तरां' तो खोल दिए हैं, लेकिन देवी और देवताओं के स्थल को नहीं खोला है, जहां लोग शांति की तलाश में जाते हैं।

कोश्यारी ने पूछा-आपने अचानक खुद को धर्मनिरपेक्ष बना लिया है?

कोश्यारी ने पूछा-आपने अचानक खुद को धर्मनिरपेक्ष बना लिया है?

कोश्यारी ने लिखा था कि आप 'हिंदुत्व' के मजबूत पक्षधर रहे हैं, आपने अयोध्या जाकर भगवान राम के लिए सार्वजनिक रूप से अपनी भक्ति व्यक्त की थी, आप आषाढ़ी एकादशी पर विट्ठल रुक्मणी मंदिर गए थे लेकिन क्या आपने अचानक खुद को 'धर्मनिरपेक्ष' बना लिया है?, जिस शब्द से आपको नफरत है, कहीं आप आज उसी के मोहपाश में तो नहीं हैं।

यह पढ़ें:महाराष्ट्र: मंदिरों को फिर से खोलने को लेकर BJP का आंदोलन, हिरासत में लिए गए प्रसाद लाड समेत कई कार्यकर्ता

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    'आज देवी-देवताओं को तालों में बंद कर दिया गया'

    'आज देवी-देवताओं को तालों में बंद कर दिया गया'

    मुझे लगता है कि कहीं आपको पूजा स्थलों के फिर से खुलने और फिर से अचानक 'धर्मनिरपेक्ष' बने रहने के लिए कोई दैवीय प्रीमियर प्राप्त हो रहा है?, 1 जून से आपने मिशन फिर से शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन चार महीने बाद भी पूजा स्थल नहीं खोले जा सके हैं, कितने दुख की बात है कि आज देवी-देवताओं को तालों में बंद कर दिया गया है, ये बहुत ही निंदा वाला काम है।

    'मुझे आपके हिंदुत्व के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं'

    'मुझे आपके हिंदुत्व के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं'

    जिस पर सीएम उद्धव ठाकरे ने आज गर्वनर को तगड़ा जवाब देते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों को खोलने को लेकर सरकार विचार कर रही है, कोरोना महामारी की वजह से पूजा स्थलों को बंद करने का कदम उठाया गया था, जैसे एकदम से लॉकडाउन करना गलत कदम था, वैसे एकदम से सब अनलॉक करना भी गलत होगा, आपने मुझे 'हिंदुत्ववादी' कहा वो सही है, पर मुझे आपके 'हिंदुत्व' के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है, धार्मिक स्थलों को नहीं खोला तो 'सेक्युलर' और खोल दिया तो 'हिंदुत्ववादी',इस तरह की सोच आपकी ही सकती है।

    प्रदर्शनकारियों ने 'मदिरा चालू मंदिर बंद' जैसे नारे लगाए

    प्रदर्शनकारियों ने 'मदिरा चालू मंदिर बंद' जैसे नारे लगाए

    जहां एक ओर सीएम और गर्वनर के बीच वाकयुद्द चल रहा था तो वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आज मुंबई में राज्य की गठबंधन वाली शिवसेना नीत सरकार का जमकर विरोध किया, प्रदर्शनकारियों ने 'मदिरा चालू मंदिर बंद' जैसे नारे लगाए और प्लेकार्ड्स दिखाए, इस बीच मुंबई में सिद्धिविनायक मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता प्रसाद लाड को अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने हिरासत में लिया था, दरअसल महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के मद्देनजर अनलॉक-5 में भी मंदिरों के कपाट बंद रखे गए हैं, हालांकि केंद्र सरकार ने पहले ही धार्मिक स्थलों को खेलने की अनुमति दे दी है। इस बात से नाराज होकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने आज विरोध प्रदर्शन किया है।

    यह पढ़ें: कंगना ने महाराष्ट्र सरकार को कहा 'गुंडा सरकार', बोलीं- बाबर सेना से भी बदतर सोनिया सेना

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    English summary
    Maharashtra Governor Bhagat Singh Koshyari wrote to CM Uddhav Thackeray, seeking re-opening of places of worship with COVID precautions, here is his full Letter.
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