भारत-फ्रांस युद्धाभ्यास डेजर्ट नाइट 21, राजस्थान में पाकिस्तान की सीमा तक गरजे राफेल-सुखोई
जोधपुर। भारत की पश्चिमी सरहद यानी राजस्थान बॉर्डर गुरुवार गरज उठा। कभी आसमां में राफेल की रफ़्तार दिखी तो कभी सुखोई की गरजना सुनाई दी। मौका था भारत-फ्रांस युद्धाभ्यास का। भारतीय वायु सेना ने गुरुवार को देश की पश्चिमी सीमा पर फ्रांस के साथ मिलकर युद्धाभ्यास किया। यह दूसरा दिन था।

डमी मिसाइलें भी दागी गईं
इस दौरान देशों के लड़ाकू विमानों ने दुश्मन के इलाके में घुसने का अभ्यास किया। डमी मिसाइलें भी दागी गईं। इस युद्धाभ्यास का सबसे आकर्षण भारतीय वायु सेना की अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान सुखाई और रफाल। दोनों वायु सेनाओं के संयुक्त युद्धाभ्यास को 'डेजर्ट नाइट 21' नाम दिया गया। युद्धाभ्यास 24 जनवरी तक चलेगा। दोनों देशों के पायलटों ने बुधवार देर रात तक वार रूम में युद्धाभ्यास की रणनीति तैयार की।
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पांच दिन तक चलेगा युध्य्भ्यास डेजर्ट नाइट 21
बता दें कि पांच दिन तक चलने वाले इस युध्य्भ्यास में भारतीय वायु सैनिक और फ्रांस के वायु सैनिक साझा युद्धाभ्यास करेंगे। यह पहला मौका होगा कि फ्रांस तकनीक से बना राफेल विमान पहली बार देश मे होने जा रहे किसी युद्धाभ्यास का हिस्सा बना है। इस संयुक्त युद्धाभ्यास के पहले दिन दोनों देशों के बीच शेड्यूल ब्रीफिंग चली है, साथ ही पायलट , वायुसैनिकों का इंट्रोडक्शन सेशन आयोजित किया गया है। इस युद्धाभ्यास के लिए फ्रांस के 175 वायु सैनिकों का दल जोधपुर पहुंचा है। इससे पहले ग्लोबमास्टर युद्धाभ्यास से जुड़े साजो सामान को लेकर जोधपुर एयरबेस पर पहुंचा।

इस बार सबकी नजर राफेल पर
बता दें कि भारत और फ्रांस के वायु सैनिकों के बीच होने वाले संयुक्त युद्धाभ्यास के लिए जहां सुखोई ,मिराज जैसे लड़ाकू विमान तो मौजूद रहेंगे ही वहीं, इस बार सबकी नजर राफेल पर रहने वाली है। इसके अलावा फ्लाइट रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट और अवाक्स एयरक्राफ्ट भी भाग लेंगे। फ्रांस के रफाल के साथ एअरबस ए 330, मल्टीरोल टैंकर ट्रांसपोर्ट, ए 400 एम टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी इसका हिस्सा होंगे।

भारत पाकिस्तान के बीच 1070 किलोमीटर इंटरनेशनल बॉर्डर
उल्लेखनीय है कि राजस्थान का पश्चिमी इलाका व भारत पाकिस्तान सीमा पर स्थित है। यहां पर भारत पाकिस्तान के बीच 1070 किलोमीटर इंटरनेशनल बॉर्डर बनता है, जो राजस्थान के श्रीगंगानगर, बीकानेर, बाड़मेर, और जैसलमेर से होकर गुजरता है। इस अन्तर्राष्टीय सीमा रेखा का नाम रेडक्लिफ रेखा है। यह राजस्थान में उत्तर से गंगानगर जिले के हिंदमलकोट से लेकर दक्षिण में बाड़मेर के बाखासर (शाहगढ़) गांव तक विस्तृत है। जोधपुर में एयरफोर्स स्टेशन है, जो सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है।

जोधपुर का मौसम विमान उड़ाने के लिए श्रेष्ठ
सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार जोधपुर का मौसम अमूमन साफ रहता है जो कि विमान उड़ाने के लिए श्रेष्ठ है। तापमान की दृष्टि से भी यह जगह अन्य जगहों से बेहतर है। इसके अलावा देश की पश्चिमी सीमा से सटा यह क्षेत्र महत्वपूर्ण एयरबेस है। आपको बताते चलें कि राफेल डील से पहले जोधपुर एयरबेस पर ही राफेल का डेमो भी हुआ था और भारत और फ्रांस के उच्च सैन्य अधिकारियों ने जोधपुर से ही राफेल में उड़ान भरी थी।












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