Balesh Kumar: भारतीय नौसेना का पूर्व सैनिक 'मौत' के 20 साल बाद मिला जिंदा! क्यों जी रहा था गुमनाम जिंदगी
Balesh Kumar Found alive after 20 years: भारतीय नौसेना के एक जवान बालेश कुमार की चौंका देने वाली स्टोरी सामने आई है। उसे 20 साल पहले मरा हुआ मान लिया गया था, वो अब जिंदा मिला है।
बालेश कुमार की सर्विस, मौत की कहानी और फिर 20 साल की गुमनाम जिंदगी जीने की वजह हर किसी को चौंका रही है। बालेश कुमार को जोधपुर जिले के डांगियावास थाना पुलिस दिल्ली से पकड़कर लाई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय नौसेना से रिटायर होने के बाद बालेश कुमार अपने भाई सुंदरलाल के साथ मिलकर ट्रांसपोर्ट का काम करने लगा। इसी दौरान अपने मित्र राजेश उर्फ खुशीराम की पत्नी के साथ अवैध संबंध बन गए, जिनकी भनक लगने पर राजेश का उसके साथ झगड़ा हुआ।
झगड़े के बाद बालेश व उसके भाई सुंदरलाल की हत्या कर दी। इसके बाद बालेश फरार हो गया और सुंदरलाल पकड़ा गया। फरारी के दौरान बालेश दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में अमन सिंह के नाम से रहने लगा। जबकि अमन सिंह मूलरूप से हरियाणा पानीपत का रहने वाला शख्स था। अमन सिंह के नाम से उसने ड्राइविंग लाइसेंस सहित सारे दस्तावेज बनवा लिए थे।
डांगियावास थाने के एसआई मनोज कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 1 मई 2004 को डांगियावास थाना क्षेत्र के पीथावास फांटा के पास एक ट्रक में आग गई थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। परिजनों एक मृतक की शिनाख्त ट्रक चालक पूर्व सैनिक बालेश कुमार के रूप में की थी। जबकि दूसरे शव की शिनाख्त नहीं हो पाई थी।
सबने यह मान लिया था कि बालेश कुमार की जिंदा जलने से मौत हो गई। जबकि वो जिंदा था और दिल्ली के आस-पास के इलाके में रह रहा था। हालांकि यह बात उसकी पत्नी संतोष को पता था। इसके बावजूद वह सैनिक की विधवा के रूप में सरकार से पेंशन लेती रही।
संतोष अपने पति बालेश कुमार के पास नफजगढ़ आती-जाती रही,मगर स्थायी रूप से नहीं रहती थी। पिछले साल अक्टूबर में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक गुप्त सूचना पर उसे पकड़ा और उसने पहले तो पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, मगर बाद में सख्ती बरती तो उसने सच उगल दिया।












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