वाहन चेकिंग के दौरान हुई मौत को अखिलेश ने बताया 'ट्रैफिक टेररिजम्म' तो हो गए ट्रोल
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नई दिल्ली- रविवार को दिल्ली से सटे नोएडा में वाहन चेकिंग के दौरान एक शख्स की हार्ट अटैक से हुई मौत को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे बीजेपी सरकार का ट्रैफिक टेररिज्म करार दिया है। हालांकि ट्विटर पर उन्होंने जैसे ही अपनी बात रखी लोगों ने उनको फौरन ट्रोल करना शुरू कर दिया और हर बात में राजनीति घुसाने जैसे आरोप लगाए।

नोएडा-गाजियाबाद सीमा पर रविवार शाम को गौरव शर्मा नाम के शख्स की हुई मौत का मामला एक बार फिर गर्मा गया है। इस बार सपा मुखिया अखिलेश यादव ने उस घटना को लेकर बीजेपी सरकार को निशाने पर लिया है और नए मोटर व्हीकल ऐक्ट को उत्पीड़न करने वाला कानून बताते हुए यूपी सरकार से इसके नाम पर कथित उत्पीड़न बंद करने की मांग की है।
अखिलेश यादव ने ट्विटर पर लिखा है- "भाजपा सरकार द्वारा लागू 'ट्रैफिक टेररिज्म' के कारण नोएडा में वाहन चेकिंग के दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हार्ट अटैक से मृत्यु बेहद दुखद घटना है। मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना! भाजपा शासित गुजरात ने इन प्रताड़नाकारी नियमों को नकार दिया है, उप्र सरकार भी उत्पीड़न बंद करे।"
दरअसल, रविवार को 34 साल के गौरव शर्मा नोएडा से अपनी कार में अपने माता-पिता के साथ गाजियाबाद जा रहे थे। तभी उनके पिता मूलचंद शर्मा के मुताबिक एक ट्रैफिक पुलिस वाले ने उनसे गाड़ी के पेपर दिखाने के नाम पर बोनट पर डंडे मारने शुरू कर दिए। जब गाड़ी साइड करके गौरव उतरे तो वहीं लड़खड़ा कर गिर पड़े। बाद में अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक वे डायबिटिक थे और उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है।
अब इस मामले को अखिलेश ने जिस तरह से ट्रैफिक टेररिज्म करार दिया है, उसके कारण ट्विटर पर उनके खिलाफ लोग तंज कस रहे हैं।
एक यूजर ने कहा है कि देश में रोजाना 417 लोग रैश ड्राइविंग के चलते मारे जाते हैं और आप इसे ट्रैफिक टेररिज्म का नाम दे रहे हैं।
एक शख्स ने लिखा है कि हार्ट अटैक और चालान का लिंक क्या है?
एक यूजर ने लिखा है कि विरोध करना इसलिए कुछ भी बोल रहे हैं।
उदयवीर सिंह ने लिखा है कि 'शायद आप ज़मानत ज़ब्त का अर्थ ही नहीं जानते। किस मानक पर ज़मानत ज़ब्त होती है। हद है मानसिक ग़ुलामी की - कुछ भी लिख देते है।'
एक यूजर ये भी लिखता है कि भारत इकलौता देश है जहां लोग नियम-कायदे से सबसे ज्यादा घराते हैं।
हालांकि, कुछ यूजर्स ने अखिलेश का समर्थन ये कहते हुए किया है कि यूपी में भी कम करना पड़ेगा।












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