'भारत बंद' के कारण नोएडा में धारा 144 लागू! जानें क्या-क्या प्रतिबंध
संयुक्त किसान और किसान मजदूर मोर्चा ने एकजुट होकर 16 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है। पुलिस ने एक बयान में कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और विभिन्न संगठनों द्वारा शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन आदि जैसे विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इसलिए, 16 फरवरी को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू की जाती है।
गौतम बौद्ध नगर पुलिस ने गुरुवार को कहा कि सीआरपीसी की धारा 144 के तहत अनधिकृत सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध रहेगा। यह निर्णय किसानों के संगठन संयुक्ता द्वारा प्रस्तावित विरोध मार्च के मद्देनजर लिया गया है।

इन पर भी रहेगा प्रतिबंध
आदेश के अनुसार, पांच या अधिक लोगों की गैरकानूनी सभा, राजनीतिक या धार्मिक सहित अनधिकृत जुलूस या प्रदर्शन पर प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश सरकारी प्रतिष्ठानों के 1 किमी के दायरे में निजी ड्रोन के उपयोग पर भी रोक लागू होगा। सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को लाठी, रॉड, त्रिशूल, तलवार, आग्नेयास्त्र आदि ले जाने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
किसानों को एक दिन की हड़ताल करने के लिए कहा
बीकेयू के स्थानीय नेता पवन खटाना ने कहा कि उनकी यूनियन द्वारा बुलाए गए 'भारत बंद' के दौरान, किसानों को अपनी मांगों के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए एक दिन की हड़ताल करने के लिए कहा गया है। खटाना ने बताया कि किसानों से कहा गया है कि वे कल खेतों में काम न करें या किसी भी खरीदारी के लिए बाजार न जाएं। व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों से भी कल हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया गया है। किसान नेता ने कहा कि प्रदर्शनकारी अपने क्षेत्रों में ही रहेंगे और दिल्ली की ओर मार्च नहीं करेंगे।
व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव
नोएडा के सेक्टर 18 मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने कहा कि बार-बार होने वाले किसान आंदोलनों से रोजमर्रा की व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। परिवहन मार्ग बंद होने से सभी को नुकसान हो रहा है। जैन ने कहा कि हम सरकार और किसानों से बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने की अपील करते हैं, न कि आम नागरिकों के जीवन में बाधा डालकर।












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