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उत्तर प्रदेश: आवारा पशुओं को रोकने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ का मास्टरस्ट्रोक?

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नई दिल्ली- पहले की गई कोशिशों के नाकाफी साबित होने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए एक बेहद नायाब तरकीब ढूंढ़ निकाली है। इस नई योजना के तहत अब प्रदेश सरकार किसानों को ही खुले घूम रहे गोवंश को अपने पास रखकर देखभाल करने को कहेगी। इसके बदले में सरकार हर महीने उस किसान के खाते में आर्थिक सहायता पहुंचाएगी। गौरतलब है कि यूपी में आवारा पशुओं के चलते लाखों किसान परेशान हैं और पिछले चुनाव में यह एक बड़ा मुद्दा भी बन गया था।

किसानों को 900 रुपये का ऑफर

किसानों को 900 रुपये का ऑफर

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने निराश्रित गोवंश की देखभाल के लिए बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत प्रदेश सरकार ऐसे पशुओं की देखभाल करने वाले किसानों के खाते में हर महीने प्रति गोवंश के हिसाब से 900 रुपये की आर्थिक मदद ट्रांसफर करेगी। ये योजना पूरे राज्य में एकसाथ लागू की जाएगी। यूपी सरकार मानकर चल रही है कि प्रति गोवंश के लिए एक निश्चित रकम मिलने से किसान अनुपयोगी गोवंश को आवारा छोड़ने की आदत से बचेंगे और उनकी बेहतर देखभाल भी हो सकेगी। योगी ने ये घोषणा पूर्वांचल एवं बुंदेलखंड विकास बोर्ड की बैठक में की है। इस दौरान उन्होंने बुंदेलखंड में गोशालाओं के निर्माण में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।

बाद में रकम बढ़ाने पर भी विचार

बाद में रकम बढ़ाने पर भी विचार

पिछले कुछ समय से छुट्टा घूमने वाले गाय-बैल यूपी में बड़ी समस्या बने हुए हैं। ये किसानों की फसल को तो चौपट कर ही देते हैं और आवारा घूमने के कारण सड़कों पर बड़े हादसों की वजह भी बन जाते हैं। खबरों के मुताबिक इस समस्या की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी दी गई है और उन्हीं के कहने पर कुछ अफसरों ने इस मसले को लेकर प्रदेश का दौरान भी किया था। जिनके फीडबैक के आधार पर योगी सरकार ने इस समस्या के समाधान का यह नया फॉर्मूला सामने लाया है। चर्चा ये भी है कि अगर सरकार को लगेगा कि एक पशु की देखभाल के लिए किसानों को 900 रुपये कम पड़ेंगे, तो इस रकम को बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। यानी एक तरह से सरकार यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू कर रही है।

लोकसभा चुनावों में बना था बड़ा मुद्दा

लोकसभा चुनावों में बना था बड़ा मुद्दा

गौरतलब है कि 2017 में सत्ता में आने के बाद ही योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी अवैध बूचड़खाने बंद करा दिए थे। उस दौरान बड़े पैमाने पर छापेमारी और धर-पकड़ भी की गई थी। प्रदेश में आवारा जानवरों की समस्या बढ़ने के पीछे एक वजह इसे भी माना जाता है। खासकर बुंदेलखंड में तो ये समस्या पहले से ही मौजूद थी। दरअसल, होता ये है कि अक्सर किसान उन गायों को खुल्ला छोड़ देते हैं, जो बूढ़ी होने के चलते दूध देना बंद कर देती हैं। इसी तरह उन बैलों को भी आवारा घूमने के लिए छोड़ दिया जा ता है, जो बूढ़े होने पर खेती के काम में नहीं आ पाते। जब इस समस्या ने विकराल रूप ले लिया तो सरकार ने सभी 75 जिलों में गोशाला बनाने का फैसला किया। इसके लिए हर जिलों को एक-एक करोड़ रुपये दिए गए और बाकी का इंतजाम कॉर्पोरेट कंपनियों और स्वयंसेवी संस्थाओं से करने के लिए कहा गया। लेकिन, बावजूद इसके ये समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई और गोशालाओं में दूसरे तरह की कठिनाइयां भी पैदा होनी शुरू हो गईं। लोकसभा चुनावों के दौरान अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी और मायावती तक ने भी इस समस्या को मुद्दा बनाया था। अखिलेश की सभा में तो गोवंश के पशुओं के घुसने से हंगामा भी मचा था।

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English summary
up government will give 900 rs per month to farmers for keeping stray cattles
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