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Article 370: पाकिस्तान ने इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलापा कश्मीर का राग तो शशि थरूर ने धो डाला

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नई दिल्ली- वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने रविवार को एशियन पार्लियामेंट्री असेंबली की बैठक में कश्मीर का मुद्दा उठाने के लिए पाकिस्तान की जमकर लताड़ लगाई है। दरअसल, सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में आयोजित हो रही इस बैठक में पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति के चलते वह दिसंबर में इसके वार्षिक सम्मेलन की मेजबानी करने में असमर्थ है। इसी पर शशि थरूर ने पाकिस्तान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया कि वह इस मंच पर का दुरुपयोग भारत के आंतरिक मामलों पर राजनीति के लिए कर रहा है। इस समय वहां इंटर पार्लियामेंट्री यूनियन का सम्मेलन चल रहा है, जिसके लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की अगुवाई में सांसदों एक दल वहां पहुंचा हुआ है। इसी के साइडलाइन में एशियन पार्लियामेंट्री असेंबली की बैठक भी आयोजित हो रही है।

थरूर ने लगाई पाकिस्तान को लताड़

थरूर ने लगाई पाकिस्तान को लताड़

बेलग्रेड में एशियन पार्लियामेंट्र असेंबली की बैठक इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन के वार्षिक सम्मेलन के मद्देनजर आयोजित की जा रही है। पहले से निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (आईपीयू) का वार्षिक सम्मेलन दिसंबर में पाकिस्तान में आयोजित होना तय है। लेकिन, पाकिस्तानी सीनेट के चेयरमैन ने जम्मू-कश्मीर का बहाना बनाकर एपीए का वार्षिक सम्मेलन आयोजित करा पाने में अपनी असमर्थता जताई है। इसी पर थरूर ने आईपीयू को चिट्ठी लिखने वाले पाकिस्तानी सीनेट के चेयरमैन पर पलटवार किया है कि वह बिना मतलब के एपीए जैसे मंच का दुरुपयोग कर रहे हैं। थरूर ने कहा, 'जम्मू और कश्मीर भारतीय संघ का अभिन्न अंग है। जम्मू और कश्मीर की स्थिति किसी भी सूरत में उनके देश में रहने या वहां काम करने की परिस्थितियों को किसी भी तरह से प्रभावित नहीं कर सकता, अकेले इस्लामाबाद को तो छोड़ दीजिए।' थरूर बोले कि 'भारत का आंतरिक मामला न तो खिसकर सीमा के पार जा सकता है और न ही उसका हमारे पड़ोसी पर कोई असर पड़ता है।'

असमर्थता छिपाने के लिए बेतुके बहाने बना रहा है पाकिस्तान

असमर्थता छिपाने के लिए बेतुके बहाने बना रहा है पाकिस्तान

शशि थरूर ने पाकिस्तान को यहीं तक नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि 'इन परिस्थितियों में यह दुर्भाग्यपूर्ण और अजीब है कि वे इस सम्मानित असेंबली से उम्मीद करते हैं कि वह उनके ऐसे बेतुके बहाने को स्वीकार करे, जिसमें दिसंबर में एपीए के वार्षिक सम्मेलन की मेजबानी करने की उनकी असमर्थता और अनिच्छा झलकती है। ' गौरतलब है कि पाकिस्तान इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसी तरह से कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश कर चुका है और हर बार उसे मुंह की खानी पड़ी है।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहले क्या हुआ?

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहले क्या हुआ?

पिछले महीने श्रीलंका में आयोजित यूनिसेफ की एक बैठक में भी पाकिस्तान ने कश्मीर के नाम पर ऐसी ही हरकत की थी, जिसपर भारतीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने उसे खूब खरी-खोटी सुनाई थी। श्रीलंका से पहले मालदीव में आयोजित साउथ एशियन स्पीकर्स समिट में भी भारत ने इस तरह की हरकत करने पर पाकिस्तान को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा करार दिया था। तब राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने पाकिस्तान पर भारत की ओर से जवाबी हमला बोला था। अभी बेलग्रेड में भारतीय सांसदों के प्रतिनिमंडल की अगुवाई लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला कर रहे हैं, जो वहां 13 से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इंटर पार्लियामेंट्री यूनियन के 141वें सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए वहां गए हुए हैं। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में सभी पार्टियों के सांसद शामिल हैं जिनमें शशि थरूर, कनिमोझी करुणानिधि, वानसुक स्याम, राम कुमार वर्मा और सस्मित पात्रा जैसे कुछ नाम हैं।

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English summary
Pakistan raised Kashmir issue at Asian Parliamentary Assembly meet,Shashi Tharoor hit out on it
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