UPSC की परीक्षा में जम्मू की अनमोल राठौर ने हासिल की 7वीं रैंक, बोलीं- मैं हमेशा से समाधान की पक्षधर थी
यूपीएससी की परीक्षा में सातवीं रैंक हासिल करने वाली अनमोल राठौर जम्मू से आती हैं। जिस तरह से यूपीएससी की परीक्षा में उन्हें सफलता हासिल हुई है उसपर अनमोल ने कहा कि मैं हमेशा से समाधान का हिस्सा बनना चाहती थी और एक बदलाव लाने में विश्वास करती हूं।
बता दें कि अनमोल राठौर ने जम्मू कश्मीर सिविल सर्विसेज परीक्षा में पिछले वर्ष पहली रैंक हासिल की थी। उन्होंने कहा कि मेरा मुख्य लक्ष्य हमेशा से यूपीएससी की परीक्षा को पास करना था।

अनमोल राठौर ने कहा कि पिछले वर्ष मैंने जेके सिविल सर्विसेज एग्जाम में क्वालिफाई किया था, जिसमे मैंने पहला स्थान हासिल किया था। इसके साथ ही मैंने हमेशा यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। यूपीएससी में यह मेरा तीसरा प्रयास था। मैं बहुत शुक्रगुजार हूं कि मैं इसमे सफल हो पाई।
बेसिक्स पर दिया ध्यान
यूपीएससी परीक्षा में अपनी तैयारी को लेकर अनमोल ने कहा कि यह दुनिया की सबसे कठिन परीक्षा है। मैंने हमेशा से बेसिक सोर्स पर भरोसा किया, जिसे टॉपर्स ने सजेस्ट किया। मैंने कोई कोचिंग नहीं की, मैंने सामान्य प्रक्रिया को ही अपनाया जैसा की हर कोई सलाह देता है।
कैसे की तैयारी
मैंने एनसीईआरटी की किताबों और टेस्ट सीरीज पर ध्यान केंद्रित किया। इस बार मैंने मुख्य रूप से मुख्य परीक्षा लेखन पर ध्यान दिया। अपनी पर्सनालिटी टेस्ट के दौरान मैंने करेंट अफेयर्स पर ध्यान दिया और अपने वैकल्पिक विषय लॉ को मजबूत किया।
समाधान की पक्षधर
अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए अनमोल ने कहा कि मैं हमेशा से ही समाधान का हिस्सा बनना चाहती थी। बचपन के दिनों में मैं अपने माता-पिता से समस्या के बारे में पूछती थी। सड़कों की स्थिति, घर पर टेलीफोन कनेक्शन आदि। मेरे माता-पिता मुझे डीसी बनने के लिए प्रेरित करते थे और कहते थे कि इन समस्याओं को हल करना, उसके बाद से ही मैं समाधान का हिस्सा बनना चाहती थी।
शुरुआती चुनौतियां
अपनी चुनौतियों के बारे में अनमोल ने कहा कि मुझे कुछ हद तक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। किश्तवाड़ के सुदूर इलाके से से जम्मू शिफ्ट होना मुश्किलभरा था। मैंने अपनी शुरुआती पढ़ाई किश्तवाड़ में ही की। कक्षा पांच तक की पढ़ाई के बाद मैं जम्मू आ गई। किश्तवाड़ में अक्सर कर्फ्यू लगता था, जो मुझे समझ नहीं आता था। उस वक्त मेरे माता-पिता ने समस्या के हल को लेकर मुझे प्रेरित किया।
1016 अभ्यर्थी सफल
बता दें कि यूपीएससी ने 16 अप्रैल को सीएसी 2023 के परिणामों की घोषणा की। लखनऊ के आदित्य श्रीवास्तव ने पहली रैंक हासिल की है। जबकि अनिमेश प्रधान ने दूसरी रैंक और डी अनन्या रेड्डी ने तीसरा स्थान हासिल किया है। कुल 1016 उम्मीदवारों को सिविल सेवा की परीक्षा में सफलता हासिल हुई है। उन्हें अलग-अलग केंद्र सरकार की सेवाओं में तैनात किया जाएगा।












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