कोरोना वैक्सीन पर बोले AIIMS डायरेक्टर- सही प्रभाव के लिए तय वक्त पर दो डोज जरूरी
Corona Vaccine Update: नए साल पर देश के लोगों को सरकार की ओर से एक खास तोहफा मिला, जहां कोरोना वायरस की दो वैक्सीन को मंजूरी दे दी गई। इसके बाद से अफवाहों का दौर जारी है। जिस पर अब दिल्ली एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया (Dr Randeep Guleria) ने सफाई दी है। साथ ही वैक्सीन को पूरी तरह सुरक्षित बताया। बस वैज्ञानिकों की ओर से तय की गई डोज ही तय समय पर इंसान को मिलनी चाहिए। उन्होंने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

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डॉ. गुलेरिया के मुताबिक कोरोना का टीकाकरण स्वेच्छिक है यानी जो लोग लेना चाहते हैं, वहीं लें। इसके अलावा वैक्सीन की दो डोज किसी भी इंसान को दी जानी जरूरी है, जब दूसरी डोज मिल जाएगी उसके 14 दिन बाद शरीर कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी बनाना शुरू करेगा। उन्होंने साफ किया कि भारत में बनी कोवैक्सीन भी कोरोना के खिलाफ उतनी ही कारगर है, जितनी दूसरे देशों में बनी वैक्सीन है।
कोरोना वैक्सीन के साइड-इफेक्ट पर डॉ. गुलेरिया ने कहा कि जब भी किसी बीमारी से संबंधित वैक्सीन आती है, तो उसके कुछ दुष्प्रभाव भी रहते हैं। कोरोना वैक्सीन के मामले में भी साइड-इफेक्ट भी हैं, लेकिन वो इतने गंभीर नहीं हैं। कुछ लोगों को वैक्सीन लेने के बाद इंजेक्शन की जगह पर दर्द, शरीर में दर्द, हल्के बुखार जैसी समस्या हो सकती है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है, ये एक सामान्य बात है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने प्राथमिकता वाले समूहों (Priority Groups) का चयन किया है, जिनका टीकाकरण किया जाएगा। पहले समूह में स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल हैं, जबकि दूसरे समूह में 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग और 50 से कम उम्र के विशेष बीमारियों से ग्रसित मरीज शामिल हैं, जिन्हें कोरोना से खतरा ज्यादा है।












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