भारत में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के 13 और मामले मिले, संख्या बढ़कर हुई 71
कोविड 19 के यूके के नए वेरिएंट Sars-CoV-2 के भारत में 13 और नए मामले सामने आए हैं।
कोविड 19 के यूके के नए वेरिएंट Sars-CoV-2 के भारत में 13 और नए मामले सामने आए हैं। केंद्र सरकार के अनुसार, इसी के साथ यूके से वापस लौटे व कोविड के नए वेरिएंट (प्रकार) से संक्रमित ऐसे भारतियों की कुल संख्या देश में अब 71 हो गई है।
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ये नतीजे पॉजिटिव आए रिजल्ट्स की जीनोम सीक्वेंसिंग पर आधारित हैं जिन्हें भारतीय Sars-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) लैब्स ने प्रकाशित किया है। बता दें कि केंद्र द्वारा इन लैब्स को वायरस के किसी भी प्रकार के म्यूटेशन (बदलाव) की जांच पड़ताल के लिए गठित किया है।
जैव प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डॉ. रेनू स्वरूप ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि अभी तक देश की अलग-अलग लैब्स में यूके के नए वेरिएंट से संक्रमित कुल 71 मामलों की पुष्टि की जा चुकी है। केंद्र सरकार ने राज्यों से इन पॉजिटिव लोगों के कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में तेजी लाने और उन्हें आइसोलेट करने को कहा है ताकि मूल वायरस से 70% अधिक प्रभावी समझे जा रहे इस नए वेरिएंट को फैलने से रोका जा सके।
खबर के अनुसार, सैंपलों की अब तक देश भर में नामित 10 प्रयोगशालाओं में से 6 में सीक्वेंसिंग की गई है। ज्ञात हो कि जीनोम सीक्वेंसिंग के बाद नए संस्करण के लिए पॉजिटिव नमूनों की वापसी करने वाली प्रयोगशालाओं के INSACOG नेटवर्क में NIMHANS, बेंगलुरु, CCMB, हैदराबाद, NIV, पुणे, IGIB, दिल्ली, NCDC, नई दिल्ली और NCERTG, कोलकाता शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त NCBS, InSTEM, बेंगलुरु, CDFD हैदराबाद, ILS भुवनेश्वर, और NCCS पुणे की लैब ने अपने यहां हुई नमूनों की सीक्वेंसिंग में कोई भी यूके म्यूटेंट वायरस नहीं पाया है।
मालूम हो कि 25 नवंबर से 23 दिसंबर, 2020 की मध्यरात्रि तक लगभग 33,000 यात्री यूके से भारत के विभिन्न हवाई अड्डों पर पहुंचे थे। इन यात्रियों में किसी भी प्रकार के कोविड संक्रमण की राज्य स्तर पर आरटीपीसीआर टेस्ट के जरिए जांच की जा रही है।
इन सभी यात्रियों को संबंधित राज्य सरकारों द्वारा नामित हेल्थकेयर सुविधाएं के अंतर्गत सिंगल रूम में आइसोलेट किया गया है। इसके अतिरिक्त इनके संपर्क में आए लोगों को भी क्वारंटीन किया गया है और इनके साथ आए सह-यात्रियों, परिवारजन और अन्य लोगों से भी संपर्क करने की पूरी कोशिश की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अन्य नमूनों पर भी जीनोम सीक्वेंसिंग चल रही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि परिस्थिति की गहनता से निगरानी की जा रही है और राज्यों को अच्छी तरह निगरानी करने, स्थिति पर नियंत्रण रखने,जांच में तेजी लाने और नमूनों को आईएनएसएसीओजी (INSACOG) लैब भेजने के संबंध मेें नियमित सलाह दी जा रही है।
बता दें कि भारत सरकार ने Sar-CoV-2 के एक नए संस्करण के लंदन और देश के अन्य हिस्सों में प्रसारित होने के बाद यूनाइटेड किंगडम से 23 दिसंबर को हवाई यात्रा को निलंबित कर दिया था। नए वेरिएंट से संक्रमित लोगों की जांच कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि इस नए संस्करण के कारण अभी तक इन रोगियों में कोई गंभीर बीमारी नहीं मिली है।
ज्ञात हो कि अभी तक डेनमार्क, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्वीडन, फ्रांस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, जापान, लेबनान और सिंगापुर द्वारा नए यूके संस्करण की उपस्थिति की पुष्टि की जा चुकी है।












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