हिमाचल: नाबालिग लड़की से शादी कर पत्नी को दिया 'अवैध' तीन तलाक

हैरानी की बात है कि महिला को जब तलाक दिया गया तो वह उस समय अपने शौहर के घर में भी ही नहीं। उसका दस माह का बच्चा भी है।

शिमला। देश में भले ही सुप्रीम कोर्ट कोर्ट तीन तलाक को अवैध ठहरा चुका हो लेकिन हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा में एक मुस्लिम महिला तीन तलाक की शिकार हो गई। हैरानी की बात है कि महिला को जब तलाक दिया गया तो वह उस समय अपने शौहर के घर में भी ही नहीं। उसका दस माह का बच्चा भी है।

पत्नी को दिया एकतरफा तलाक

पत्नी को दिया एकतरफा तलाक

मिली जानकारी के मुताबिक, मुस्लिम महिला को उसके शौहर ने घर के कुछ सदस्यों के साथ बैठकर कथित सहमति से तलाक दे दिया। यह सब उस समय हुआ, जब वह अपने शौहर के घर पर नहीं थी। जब वह घर लौटी तो इस बारे में उसे बताया गया। पीड़िता का 10 माह का बच्चा भी है। अब उसने इंसाफ के लिए इस महिला ने नारी अदालत के जागोरी कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है। पीड़िता ने बताया कि उसकी गैरमौजूदगी में एकतरफा तलाक देने वाले उसके शौहर ने एक नाबालिग युवती से निकाह भी कर लिया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक जिस दिन से उसे इस एकतरफा तलाकनामे की इत्तला दी गई है, वह बेहद परेशान है।

अदालत ने महिला को घर पर रहने को कहा

अदालत ने महिला को घर पर रहने को कहा

दरअसल, अदालत ने एकतरफा तलाक को गैर कानूनी करार देते हुए महिला को उसके घर पर रहने का फैसला सुनाया है। अदालत यह भी देख रही है कि तलाकनामे की तारीख सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से पहले की है या बाद की। पीड़ित महिला ने अदालत को बताया जब उसे अगस्त माह में तलाकनामा हो जाने की इत्तला दी गई। उसके शौहर ने घर के चार अन्य लोगों की सहमति की दलील देकर कहा है कि अब वह उसकी बीवी नहीं रही और उसने एक नाबालिग लड़की से निकाह कर लिया है।

नाबालिग से निकाह करने के बाद दिया तलाक

नाबालिग से निकाह करने के बाद दिया तलाक

वहीं दूसरी ओर महिला का कहना है कि दस महीने के बच्चे को लेकर कहां जाए। यदि घर पर बैठकर ऐसे फरमान सुनाए जाने लगे तो महिलाओं के साथ अन्याय की रिवायत चल पड़ेगी। महिला की दलीलें सुनने के बाद नारी अदालत ने कहा पीड़िता अपने घर पर ही रहेगी। घरेलू तलाक गैरकानूनी है और इस मामले की पूरी तहकीकात होगी जिसमें नाबालिग का मेडिकल भी होगा। दोष साबित होने पर कठोर कार्रवाई भी सुनिश्चित होगी।

मामले की जांच की जाएगी और दोष साबित होने पर कठोर कार्रवाई भी सुनिश्चित होगी। नारी अदालत ने कहा कि इसकी पूरी तहकीकात की कड़ी में उस युवती का मेडिकल भी शामिल होगा। जिलाधीश चंबा सुदेश मोख्टा ने कहा कि इस मामले की निष्पक्षता से जांच की जाएगी। नारी अदालत जागोरी की परियोजना समन्वयक उमा कुमारी ने बताया कि इस मामले को लेकर जांच की जा रही है।

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