Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

मोदी सरकार ने हिमाचल के शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को किया दुरुस्त, नल कनेक्शन से कनेक्टिविटी तक, हुए शानदार काम

Himachal Pradesh Urban Infrastructure: हिम के आंचल में बसा प्रदेश हिमाचल अपनी सुरम्य सुंदरता और आकर्षक धवल शिखरों के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां की प्राकृतिक छटा किसी को भी सम्मोहित कर सकती है। इसकी गोद में बसे छोटे-छोटे गांव, कस्बे और शहर अपनी संस्कृति को संरक्षित किए हुए हैं। लेकिन एक राज्य के समग्र शहरी विकास के पैमाने पर यहां बहुत संभावनाएं बाकी थीं। राज्य के शहरी बुनियादी ढांचे को नए सिरे से विकसित किए जाने की जरूरत थी। केंद्र सरकार के योजनाओं के तहत हिमाचल में शहरी सुविधाओं को यहां जिस चरणबद्ध तरीके से विकास किया गया, उसने यहां के लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी।

Himachal Pradesh Urban Infrastructure

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने हिमाचल के शहरी बुनियादी ढांचे को किया दुरुस्त

हिमाचल प्रदेश भौगोलिक रूप से पहाड़ी राज्य है, ऐसे में यहां पर शहरी बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के लिए बड़े स्तर के प्रयोग किए गए। ऐसा इसलिए क्योंकि मैदानी शहरों के मुकाबले यहां पर बुनियादी शहरी जरूरतों को पूरा करना थोड़ा ज्यादा चुनौतीपूर्ण था।

Himachal Pradesh

मोदी सरकार ने लॉन्च किया हिमाचल के लिए ये खास मिशन

साल 2015 में केंद्र सरकार ने अटल नवीकरणीय ऊर्जा और शहरी परिवर्तन मिशन अमृत को लॉन्च किया। इस योजना के तहत शहरों में चरणबद्ध तरीके से हर घर में नल कनेक्शन से जल आपूर्ति के साथ-साथ सीवरेज कनेक्शन को भी सुनिश्चित किया जा रहा है। इन योजनाओं के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए शहरों में हरियाली और खुले स्थानों पर पार्कों को संवारा जा रहा है।

जिन पार्कों में प्लांटेशन की जरूरत है, वहां पर पौधारोपण भी किया जा रहा है। शिमला जैसे शहरों में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव के चलते लोगों को सार्वजनिक परिवहन के साथ-साथ गैर मोटर चालित वाहन जैसे साइकिल आदि का के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। अटल अमृत योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास में बड़ा परिवर्तन देखा जा रहा है।

अटल अमृत योजना के तहत किन-किन शहरों में विकास के कितने काम हो चुके हैं?

अटल अमृत योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास में कई बड़े परिवर्तन आए हैं। यहां के जिन घरों तक नल से जल की आपूर्ति नहीं थी, वहां भी अब जल आपूर्ति होने लगी है। स्ट्रीट लाइट्स और शहरी सौंदर्यीकरण की दिशा में भी खूब काम हुए हैं।

शिमला में पर्यटन के मुख्य सीजन में जिन मार्गों पर जाम की समस्या रहा करती थी, वहां पर वैकल्पिक रास्तों का प्रबंध किया गया है। शहर में पार्किग की समस्या पर भी काम हुए हैं। नगर निगम स्तर पर इस बात को भी सुनिश्चित किया गया है कि शहर की सड़कों, बाज़ारों और चौराहों पर गंदगी ना जमा होने पाए। इस योजना के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए तेज़ गति से काम आगे बढ़ाया गया है, जिससे शहरी नागरिक भी संतुष्ट हैं।

Himachal Pradesh Urban Infrastructure

हिमाचल पर्यटन को भी मोदी सरकार ने बढ़ाया

हिमाचल प्रदेश की पर्वतीय अंचल में शहरी विकास को पर्यटन के दृष्टिकोण से भी जोड़कर देखा गया है। यहां की भौगोलिक पहाड़ी संरचना को देखते हुए, यातायात के मार्ग एवं संसाधनों को अलग ढंग से विकसित किया गया। इसके लिए धर्मशाला शहर को मैक्लोडगंज से जोड़ने वाला 1.8 किमी लंबा रोपवे तैयार किया गया। पूरे 207 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस बेहद लंबे और अनूठे रोपवे से आवागमन की सुविधा तो बढ़ी ही है, साथ ही ये देश-विदेश के पर्यटकों को भी खूब आकर्षित कर रहा है।

धर्मशाला से मैक्लोडगंज के बीच बना शानदार रोपवे

धर्मशाला शहर को मैक्लोडगंज से जोड़ने वाला 1.8 किमी लंबा रोपवे यातायात सुविधा के अलावा प्रभावी शहरी प्लानिंग, कनेक्टिविटी बढ़ाने और मैकलोडगंज के आकर्षण का प्रतीक बन गई है।

हिमाचल प्रदेश में शहरी विकास की दिशा में केंद्र सरकार का दृष्टिकोण इस तरह की प्रभावी परियोजनाओं में प्रकट होता है, जो ना केवल स्थानीय नागरिकों की जरूरतों को पूरा करते हैं बल्कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य में शहरी विकास के साथ-साथ पर्यटकों को भी ज़्यादा से ज़्यादा आकर्षित करने में भी मददगार साबित हो रहे हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+