मोदी सरकार ने बदली हिमाचल प्रदेश के शिक्षा की सूरत, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज से लेकर IIT-IIM तक, दी कई सौगात
Himachal Pradesh: भारत के उत्तरी क्षेत्र में प्रकृति की गोद में स्थित हिमाचल प्रदेश, प्रकृति की अनुपम सुंदरता का एक बेमिसाल उदाहरण है। पश्चिमी हिमालय में स्थित ग्यारह पहाड़ी राज्यों में से एक, हिमाचल प्रदेश भारत के सबसे हरे भरे राज्यों में से एक है। इस राज्य में 37,033 वर्ग किलोमीटर का वन क्षेत्र है, जो कुल भारतीय भूमि का करीब 66 प्रतिशत है।
देवभूमि के नाम से प्रसिद्ध यह राज्य धर्म और आस्था का अनोखा संगम है। इसके विकास के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। किसी भी क्षेत्र के विकास में शिक्षा की अहम भूमिका होती है। यही वजह है कि 21वीं सदी के इस नए भारत में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
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बीते कुछ सालों से हिमाचल प्रदेश में भी शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और युवाशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। प्रदेश के कोने-कोने में नए शिक्षण संस्थानों की स्थापना भी की गई है। हिमाचल प्रदेश को सशक्त बनाने में केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश को दी गई सौगातों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
बिलासपुर के बंदला में 140 करोड़ की लागत से बनने वाला गवर्नमेंट हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज, हाइड्रो सेक्टर में देश का दूसरा कॉलेज है। देशभर से बच्चे यहां शिक्षा हासिल करने आ रहे हैं। 27 अप्रैल 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कॉलेज की आधारशिला रखी और 5 अक्टूबर 2022 को ये इंजीनियरिंग कॉलेज राष्ट्र को समर्पित किया, जिसका साक्षी हिमाचल के साथ-साथ पूरा देश बना।
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कॉलेज को नेशनल हाइड्रो पॉवर कॉरपोरेशन, एनएचपीसी और नेशनल थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन, एनटीपीसी की 125 करोड़ की वित्तीय सहायता से 11.6 एकड़ के क्षेत्र में स्थापित किया गया है। ये संस्थान आने वाले समय में पन विद्युत परियोजनाओं एंव अन्य रोजगार के क्षेत्रों में अवसर प्रदान करने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में हिमाचल प्रदेश को गवर्नमेंट हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के अलावा, आईआईएम सिरमौर, आईआईटी मंडी और आईआईटी ऊना जैसे बेहतरीन शिक्षण संस्थान का उपहार मिला है। इनकी बदौलत अब बच्चों को शिक्षा के लिए अपने राज्य को छोड़कर दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा।
हिमाचल प्रदेश के बच्चे अब अपने राज्य में रहकर अच्छी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। मोदी सरकार के 10 साल के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में भी लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इन प्रतिष्ठित संस्थानों के खुलने से शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति तो आई ही है, साथ ही प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र को भी काफी लाभ मिल रहा है।
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