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सुडोकू हल करके खुद को स्मार्ट समझने से पहले मिलिये प्रसन्ना से

By दीक्षा चतुर्वेदी
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अखबार में छपने वाले हाई लेवल सुडोकू को हल करने के बाद अगर आप खुद को बहुत स्मार्ट समझते हैं, तो यह आपकी सबसे बड़ी गलत फहमी है। असल में अखबार में छपने वाले पज्जल सुडोकू की नर्सरी कक्षा के सवाल होते हैं। चौंकिये मत क्योंकि हम अपको मिलवाने जा रहे हैं भारत के सुडोकू चैंपियन से, जो आपके सारे कंफ्यूजन दूर कर देंगे। नाम है प्रसन्ना वेंकटेश शेषाद्री। आपको जानकर हैरानी होगी कि देश में गिने-चुने सात या आठ लोग ही हैं, जो विश्व स्तर पर पज्ज़ल बनाते हैं। उन्हीं में से एक है प्रसन्ना वेंकटेश शेषाद्री। जिनसे हम आपको यहां मिलवाने जा रहे हैं।

प्रसन्ना वो व्यक्त‍ि हैं, जिन्होंने छात्र जीवन से ही पज्ज़ल बनाना शुरू कर दिया। उनके पज्ज़ल अखबारों में प्रकाश‍ित हुए और देखते ही देखते वो देश के सुडोकू चैंपियन बन गये। प्रसन्ना ने तर्क शक्त‍ि के इस गेम को कैसे अपना करियर बनाया, दुनिया में कितने पज्ज़ल मेकर सक्रिय हैं और सुडोकू की दुनिया में भारत कहां खड़ा है, यह सब हम पढ़ेंगे यहां।

दिन के 15 मिनट और 5000 रुपए

कंप्यूटर साइंस से पोस्ट ग्रेजुएट करने के बाद प्रसन्ना को पुणे के अखबार Life 365 में बड़ा अवसर मिला। वह महज 10 से 15 मिनट में एक सुडोकू बना लेते थे। दिन के वह 10-15 मिनट देने पर वह महीने में 5 हजार रुपये कमाते थे। इसके बाद उन्होंने Sportzconsult कंपनी के लिए पज्जल बनाए। 2014 से प्रसन्ना यूएसए बेस्ड कंपनी में 'ग्रांड मास्टर्स पज्जल' में नौकरी करते हैं, उनका काम पज्जल क्रिएट करना है। वह इस कंपनी के ऑफीशियल मेंबर्स में से अकेले भारतीय हैं। आइआइटीएन शेषाद्री व सेंट्रल एक्साइज में कार्यरत ऊषा शेषाद्री के बेटे प्रसन्ना मदुरई में पैदा हुए। मुंबई में उनकी स्टडीज पूरी हुईं, फिलहाल वह बेंगलुरू में रहते हैं।

जानें प्रसन्ना की उपलब्धियां

सुडोकू चैंपियन प्रसन्ना विश्व स्तर पर टॉप 10 में शामिल हैं। वह हाल ही में बुल्गारिया में वर्ल्ड सुडोकू चैंपियनशिप से लौटे हैं, जहां उन्होंने विश्व स्तर पर 7वीं रैंक हासिल की है, जो किसी भी भारतीय की अब तक की बेस्ट रैंकिंग है। टीम चैंपियनशिप में भारत 6वें (2014) स्थान पर रहा था। वर्ल्ड पज्जल में भी प्रसन्ना की वर्ल्ड रैंकिंग 19 है, वह भी भारत की बेस्ट रैंकिंग है। मुंबई से कंप्यूटर साइंस में परास्नातक प्रसन्ना लगातार तीन साल से वर्ल्ड पज्जल में भारत की बेस्ट रैंकिंग पर काबिज हैं। इतना ही नहीं वह भारत में ऑनलाइन और ऑफलाइन सुडोकू-पज्जल चैंपियनशिप का आयोजन करते हैं। भारतीय खिलाड़यों के लिए यह एकदम फ्री होती हैं।

भारत में होगी वर्ल्ड सुडोकू चैंपियनश‍िप

हंगरी, यूके और चीन समेत करीबन 10 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत की चमक बिखेर चुके प्रसन्ना अपने साथियों के साथ मिलकर भारत में भी वर्ल्ड सुडोकू-वर्ल्ड चैंपियनशिप आयोजित करने जा रहे हैं। प्रसन्ना ने बताया यह चैंपियनशिप सितंबर 2017 में बेंगलुरू में आयोजित की जाएगी। इस चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए भारतीयों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेना होगा। ऑनलाइन प्रतियोगिताए भारतीय खिलाड़ियों के लिए फ्री होगी।

माइंड गेम्स से जुड़े कुछ सवाल और प्रसन्न के रोचक जवाब जो रखते हैं आपसे ताल्लुक-

प्र. आम आदमी कैसे ले सकता है पज्जल में भाग?

प्र. आम आदमी कैसे ले सकता है पज्जल में भाग?

उ. पज्जल और सुडोकू की हर हफ्ते ढेरों कैश प्राइज ऑनलाइन चैंपियनशिप होती हैं। इसके स्कोप का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि ऑनलाइन इंटरनेशनल खिलाड़यों के साथ पज्जल सॉल्व करने का मौका भी आपको मिल सकता है।

प्र. जो गण‍ित में कमजोर है क्या वो सुडोकू खेल सकता है?

प्र. जो गण‍ित में कमजोर है क्या वो सुडोकू खेल सकता है?

उ. नंबर गेम के कारण सुडोकू को लोग मैथ्स समझ लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। सुडोकू सिर्फ लॉजिक गेम है, जिसमें कोई मैथ्स नहीं होती। हर कोई इसे खेल सकता है।

प्र. क्या सुडोकू स्कूल में पढ़ाया जाना चाहिये?

प्र. क्या सुडोकू स्कूल में पढ़ाया जाना चाहिये?

उ. हां जरूर लेकिन एक्स्ट्रा करिकुलर एक्ट‍िविटी के रूप में। सुडोकू ही नहीं, पज्जल भी शामिल होने चाहिये। इससे बच्चों की तर्कशक्त‍ि बढ़ती है।

प्र. आम भारतीय चैंपियनश‍िप में कैसे भाग ले सकता है?

प्र. आम भारतीय चैंपियनश‍िप में कैसे भाग ले सकता है?

उ. logicmastersindia.com पर जाकर हर जानकारी मिल जाएगी। यही भारत में प्रतियोगिताएं आयोजित करती है। यहां पर नेशनल और इंटरनेशनल चैंपियनशिप का ब्यौरा भी है। इस वेबसाइट पर मॉक टेस्ट, साप्ताहिक व मासिक टेस्ट होते रहते हैं।

प्र. सुडोकू खेलने की न्यूनतम उम्र क्या होती है?

प्र. सुडोकू खेलने की न्यूनतम उम्र क्या होती है?

उ. यह तर्क शक्त‍ि का गेम है, जितना तेज दिमाग चलेगा, उतनी तेजी से आप आगे बढ़ेंगे। उम्र की कोई सीमा नहीं। लेकिन हां 12 से 13 साल के बच्चों के लिये यह उपयुक्त है।

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English summary
Meet Sudoko Champion Prasanna Venkatesh Seshadri and know how Sudoku and other Puzzle games are famous all around the World. Also some reality which you don't know.
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