अमिताभ दास की रिपोर्ट के आधार पर SC ने प्रभुनाथ को पाया दोषी, अब है सज़ा मिलने का इंतज़ार
Prabhunath Case News Update: दोहरे हत्याकांड में पूर्व सांसद प्रभुनाथ को सुप्रीम कोर्ट ने दोषी करार दिया है। अब लोगों को सज़ा होने का इंतज़ार है। बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अमिताभ कुमार दास ने 2005 में ही एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें उन्होंने प्रभुनाथ को कुख्यात अपराधी बताया था।
वन इंडिया हिंदी से ख़ास बातचीत में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ कुमार दास ने कहा कि उन्हें अब 1 सितंबर का इंतज़ार है कि पूर्व सांसद को क्या सज़ा मिलती है? अमिताभ दास ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 28 साल पुराने (दोहरे हत्याकांड) मामले दोषी पाया है।

इस मामले में 18 साल पहले ही प्रभुनाथ को कुख्यात अपराधी बताते हुए रिपोर्ट सौंपी थी। विशेष शाखा के अपर पुलिस महानिदेशक, आरक्षी महानिरीक्षक के साथ ही उप महानिरीक्षक (शाहाबाद ज़ोन) को चिट्ठी लिखकर सांसद प्रभुनाथ को ख़तरनाक अपराधी बताया था।
प्रभुनाथ की आपराधिक इतिहास की पूरी कुंडली सौंपी थी, उन्ही रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट बहस के दौरान रखा गया। रिपोर्ट के आधार पर ही पूर्व सांसद प्रभुनाथ दोषी पाये गए। पुरानी बातों को याद करते हुए अमिताभ दास ने बताया कि, वह बक्सर के एसपी थे। उन्हें सांसद प्रभुनाथ को सुरक्षा देने के निर्देश मिले थे।
बक्सर के तत्कालीन एसपी रहे अमिताभ कुमार दास ने आरक्षी अधीक्षक (सुरक्षा) को पत्र लिखकर अपनी बात रखी थी कि, आपके दफ्तर से ज्ञांपाक 9110 दिनांक 18.10.2005 के तहत सांसद प्रभुनाथ सिंह देने का निर्देश मिला है। जबकि आपके पत्र के ज़रिए आरक्षी अधीक्षक सारण, छपरा के पत्र में सांसद प्रभुनाथ कुख्यात अपराधी है।
प्रभुनाथ पर मशरख विधायक अशोक सिंह समेत कई लोगों के हत्या का आरोप है। इसके साथ ही मशरख थाना में विभिन्न धाराओं में 20 से 25 मामले भी दर्ज हैं। अमिताभ दास ने ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा, मेरी रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन सांसद प्रभुनाथ सिंह को दोषी करार दिया गया। यह ख़ुशी की बात है कि हम लोगों की मेहनत रंग लाई।
पूर्व आईपीएस अमिताभ दास ने कहा कि दोहरे हत्याकांड के दोषी पूर्व सांसद प्रभुनाथ को 1 सितंबर को फ़ैसला आने वाला है। सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले में प्रभुनाथ को कम स कम भी उम्रक़ैद की सज़ा ज़रूर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह हमेशा से ही अपनी ज़िम्मेदारियों को निभाते हुए अपराध और अपराधियों पर शिकंजा कसा है। आज की तारीख में भी लड़ाई लड़ ही रहे हैं।












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