कौन हैं शीला भट्ट, जिन्होंने दाऊद इब्राहिम का लिया था Interview, महिला पत्रकार ने खोले साक्षात्कार के बड़े राज
Sheela Bhatt Dawood Ibrahim Interview: वरिष्ठ पत्रकार शीला भट्ट इन दिनों काफी सुखिर्यों में हैं। कुख्यात डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ उनके इंटरव्यू की काफी चर्चा होने लगी है। हाल ही में उन्होंने एएनआई के साथ दाऊद से लिए इंटरव्यू की पूरी कहानी बताई है।
'दाऊद उस वक्त छोटा अपराधी था'
उन्होंने एएनआई की वरिष्ठ पत्रकार स्मिता प्रकाश को बताया कि कैसे उन्होंने माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम का इंटरव्यू लिया था। उन्होने बताया कि उनकी पहली मुलाकात डॉन दाऊद इब्राहिम से तब हुई थी, जब वह एक छोटा अपराधी था और अपराध की दुनिया में उभर रहा था।

करीम लाला के साथ तस्वीर ने खींचा दाऊद का ध्यान
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वह उनसे कई बार मिलीं और भारत और दुबई दोनों जगह उनका साक्षात्कार भी लिया। हाल ही में उन्होंने अपनी और भारत के मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम की एक पुरानी तस्वीर पोस्ट कर इंटरनेट पर हलचल मचा दी है। यह तस्वीर 1988 में ली गई थी। डॉन का साक्षात्कार लेने के लिए वह दुबई भी गई थीं। 1970 के दशक के अंत में चित्रलेखा पत्रिका में मुंबई के माफिया डॉन करीम लाला के साथ शीला भट्ट की तस्वीर ने दाऊद का ध्यान खींचा था।
पति के साथ दाऊद का इंटरव्यू लेने गई थी
इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि दाऊद ने उन्हें मुंबई में मोहम्मद अली रोड पर एक सरकारी रिमांड होम में करीम लाला के लोगों द्वारा लड़कियों के कथित उत्पीड़न के खिलाफ लिखने में मदद करने के लिए बुलाया था। आप करीम लाला से मिल लेते हो, हमारी बच्चियों को कैसे परेशान करते हैं, आप इसके बारे में लिखिए। वह अपने पति के साथ दाऊद का इंटरव्यू लेने गई थी।
'बड़ौदा जेल में फुटबॉल खेल रहा था दाऊद'
शीला भट्ट ने बताया कि उन्होंने हमें जेल रोड (मुंबई) के पास टैंकर स्ट्रीट पर बुलाया था। फिर उन्होंने हमें काली खिड़कियों वाली एक कार में बिठाया और पाकमोडिया स्ट्रीट पर ले गए। इसके बाद हम मिले। मैं, मेरे पति,दाऊद और छोटा शकील मौजूद थे। उन्होंने कहा कि वह बार-बार यही कह रहा था कि करीम लाला एक बुरा आदमी है। इस मुलाकात के बाद शीला भट्ट ने कहा कि वह बड़ौदा जेल में डॉन से फिर मिलीं। जहां वह फुटबॉल खेल रहा था।
इन अंडरवर्ल्ड माफिया का ले चुकी हैं इंटरव्यू
इसके बाद 1987 में दाऊद ने फिर फोन किया। कई बार कॉल करने के बाद उन्हें अपॉइंटमेंट मिला। उन्होंने कहा कि मुझे दाऊद से मिलने से ज्यादा टिकट पर खर्च होने वाले पैसे 3500 रुपये की चिंता थी। उन्होंने कहा कि मुझे कोई डर नहीं था और उन्होंने पहले जरनैल सिंह भिंडरावाले, छोटा राजन, वरदराजन मुदलियार, यूसुफ पटेल, हाजी मस्तान, अरुण गावली जैसे खतरनाक अंडरवर्ल्ड माफिया का साक्षात्कार लिया था।
दुबई में तीसरे दिन दिया इंटरव्यू
दुबई में पहले दिन दाऊद ने इंटरव्यू के लिए मना कर दिया था और कहा कि चलो खाना खाते हैं। वह अगले दिन वापस आई और उसने फिर भी उसे साक्षात्कार से इनकार कर दिया, लेकिन खूब बातचीत की। तीसरे दिन इंटरव्यू हुआ, लेकिन उन्हें इसे टेप करने की इजाजत नहीं दी थी।
'कबूला कि मैंने हत्या की'
उसने मेरी डायरी देखी और उसे ले लिया। फिर उन तीन हत्याओं के बारे में बात की जिनमें वह आलमजेब की हत्या सहित शामिल था। उसने कहा कि अगर मैं उसे नहीं मारता तो वो मुझे मार देता।
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