Ram Mandir: 'राम मंदिर में नहीं....', प्राण-प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिलते ही संग्राम सिंह ने क्यों कही ये बात?
Wrestler-Actor Sangram Singh Interview: 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होने जा रही है, जिसके लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही है। इस विशेष कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश के कई गणमान्य लोगों को न्यौता भेजा गया है।

उन गणमान्य लोगों में से एक इंटरनेशनल रेसलर संग्राम सिंह भी हैं, जिन्होंने इस बारे में वनइंडिया हिंदी से Exclusive बातचीत की।
'मैं इसके लिए खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं'
उन्होंने कहा कि 'मैं इसके लिए खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं। 500 की लंबी लड़ाई के बाद फाइनली रामलला आ रहे हैं, मैं रामजी को किसी धर्म-जाति से नहीं जोड़ता हूं। राम जी की जिंदगी को जिसने पढ़ लिया ना उसे फिर कुछ पढ़ने की जरूरत ही नहीं हैं।'
'मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन सिर्फ ये बताता है कि अगर सामान्य मानव भी सही तरीके से मेहनत करेगा तो वो भी भगवान के समकक्ष पहुंच सकता है।'
'राम और रावण दोनों को अपनी ताकत के बारे में पता था'
संग्राम सिंह ने आगे कहा कि 'एक 20-22 साल का लड़का संसार के सबसे बड़े बदमाश को मारकर आ जाता है, क्योंकि वो अपने दम पर आगे बढ़ा। देखिए राम और रावण दोनों को अपनी ताकत का अनुभव था लेकिन रामजी को अपने ज्ञान और सच्चाई का पता था लेकिन रावण को अपने ज्ञान पर घमंड था।'
'अगर आपको खुद पर अभिमान हो जाता है...'
'तो इसका मतलब ये हुआ कि आप चाहे जितने भी बड़े हो, ताकतवर हो लेकिन अगर आपको खुद पर अभिमान हो जाता है तो आप बचोगे नहीं।'
'आप हमेशा अपने काम के प्रति ईमानदार रहो'
'राम जी का चरित्र यही सिखाता है कि आप हमेशा अपने काम के प्रति ईमानदार रहो, मेहनत करते रहो और चरित्रवान रहो। आप देखिए ना राम जी के पिता ने तीन शादियां की थीं।'
'रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाएं पर वचन ना जाईं'
'जब सीता मईया आईं तो उन्होंने भी रामजी से पूछा कि आप भी दूसरी शादी कर लोगे तो उसी से प्रेम करोगे, तो इस पर रामजी ने उनसे कहा था कि ऐसा नहीं होगा। उन्होंने तब प्रतिज्ञा ली थी और कहा था मैं कभी दूसरी शादी करूंगा नहीं। इसलिए कहते हैं ना 'रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाएं पर वचन ना जाईं, तब से ये रीत बन गई।'
'सच्चाई परेशान हो सकती है लेकिन पराजित नहीं'
'उन्होंने एक बात बोली थी कि सच्चाई परेशान हो सकती है लेकिन पराजित नहीं। भगवान कृष्ण की जिंदगी मोटिवेशनल थी, उन्होंने ज्ञान दिया लेकिन राम जी की जिंदगी प्रेरणाश्रोत हैं, पग-पग पर उन्होंने संघर्ष सहा है।'
'राम वन गए तो बन गए'
'इसलिए कहते हैं कि 'राम वन गए तो बन गए'। इसलिए जिंदगी में जो संघर्ष आता है उसे मन से स्वीकार करना चाहिए क्योंकि संघर्ष प्रकृति का आमंत्रण होता है। इसलिए मुश्किलों के वक्त हथियार नहीं डालना चाहिए। मैं यहां एक बात कहना चाहूंगा आज की जनरेशन से।'
'राम मंदिर में नहीं बल्कि आपके मां-पिता के रूप में हैं'
'जो आपके माता-पिता और गुरु हैं, उनके पहले पैर छूना चाहिए, असल में भगवान वो ही हैं। माता-पिता में ही भगवान राम हैं, राम जी कहीं और नहीं है, पत्थर में नहीं हैं, जो आपके बड़े हैं वो ही राम जी है, आपके अंदर भी हैं लेकिन अंदर वालों को तो आप पहचान नहीं सकते हैं इसलिए उनको पहचान लो। देश सरकार से नहीं संस्कार से चलता है और ये ही संस्कार हमें अपने बच्चों को देना है।'
6 साल बाद मैट पर वापसी को तैयार संग्राम सिंह
आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय रेसलर और अभिनेता संग्राम सिंह 6 साल बाद मैट पर वापसी करने जा रहे हैं। 'बिग बॉस 7' से लेकर कई टीवी शोज में नजर आ चुके संग्राम सिंह 24 फरवरी 2024 को दुबई में होने वाली दुबई प्रो रेसलिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे, जिसकी तैयारियों में जुटे हुए हैं।
देखें पूरा इंटरव्यू












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