Tesla News: भारत में टेस्ला की फैक्ट्री लगने का सपना टूटा? Elon Musk ने इस वजह से मारी पलटी!
Tesla News: भारत में दुनिया की सबसे मशहूर इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी टेस्ला (Tesla) की फैक्ट्री लगने का सपना टूट सकता है, क्योंकि पिछली तिमाही के सबसे खराब गुजरने के बाद टेस्ला को भारत में अपना कारखाना खोलने में देरी करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
टेस्ला ने मंगलवार को घोषणा की है, कि वह अपने मौजूदा कारखानों का उपयोग नए और ज्यादा किफायती वाहन बनाने के लिए करेगी। जिससे संकेत मिल रहे हैं, कि टेस्ला ने भारत में फैक्ट्री लगाने के प्लान को फिलहाल टाल दिया है।

टेस्ला का भारत प्लान कैंसिल?
इसी हफ्ते टेस्ला कंपनी के मालिक एलन मस्क पहली बार भारत का दौरा करने वाले थे, जहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से होने वाली थी, लेकिन उन्होंने अचानक भारत का दौरा टाल दिया।
टेस्ला का फैसला, मेक्सिको और भारत में नई फैक्टरियां लगाने की योजना को कम से कम निकट भविष्य के लिए टालने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। नई मैन्युफैक्चरिंग लाइनों में निवेश पर विचार करने से पहले ईवी निर्माता का लक्ष्य 2023 की तुलना में उत्पादन को 50 प्रतिशत बढ़ाकर लगभग 30 लाख वाहनों तक ले जाना है।
अप्रैल महीने में समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया था, कि टेस्ला ने अपने किफायती मॉडल 2 वाहन को लॉन्च करने की योजना को रद्द कर दिया था, जिसका उत्पादन टेक्सास, मैक्सिको और अन्य देश में होने की उम्मीद थी। हालांकि, सीईओ एलन मस्क ने एक्स पर रॉयटर्स की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे "झूठ" कहकर खारिज कर दिया था।
मंगलवार को, टेस्ला ने नये मॉडल पर चर्चा की है, जो रॉयटर्स की रिपोर्ट में जिस मॉडल-2 की बात की गई थी, उससे अलग है।
इसी साल जनवरी में, एलन मस्क ने टेस्ला की क्रांतिकारी मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी और टेस्ला के भविष्य के डेवलपमेंट को चलाने की क्षमता पर प्रकाश डालते हुए, 2025 की दूसरी छमाही तक एक सस्ता नया मॉडल बनाना शुरू करने की योजना की घोषणा की थी। मॉडल-2 से मिले झटके के बावजूद, टेस्ला ऐसे इनोवेटिव वाहन पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो इसके विस्तार के अगले चरण को आकार दे सकें।
टेस्ला के इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख लार्स मोरावी ने मंगलवार को नई मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस और प्रोडक्शन लाइनों से जुड़े जोखिमों पर जोर दिया था। उन्होंने टेस्ला के नजरिए में एक "प्रमुख बदलाव" पर प्रकाश डाला, जिसमें टेस्ला के पास जो मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है, उसी का उपयोग करते हुए सस्ती गाड़ियों के निर्माण पर फोकस किया गया था।
और इस बीच, सीईओ एलन मस्क की भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पहले से तय बैठक स्थगित कर दी गई, जिसके पीछे एलन मस्क ने "बहुत भारी टेस्ला दायित्वों" का हवाला दिया। उन्होंने इस साल के अंत में भारत फिर से आने का इरादा जताया, जिसमें एक छोटे, किफायती मॉडल का उत्पादन करने के मकसद से एक ऑटो फैक्ट्री में बड़े निवेश की घोषणाएं शामिल होने की उम्मीद थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में कई इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनाने वाली कंपनियों ने काफी सस्ती कीमतों पर अच्छी गाड़ियां बाजार में उतार दिया है, जिससे टेस्ला की गाड़ियां की बिक्री में भारी कमी आ गई है, जिससे टेस्ला के शेयर्स भी गिर गये हैं। चीन की सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों के निर्माण में भारी भरकम सब्सिडी दे रही है, जिसने टेस्ला के कारोबार को बुरी तरह से प्रभावित किया है और इसी का असर माना जा रहा है, कि टेस्ला भारत में अपनी फैक्ट्री लगाने से पीछे हटती दिखाई दे रही है।
टेस्ला ने मंगलवार को दोहराया है, कि इस साल उसकी वाहन उत्पादन दर 2023 की तुलना में काफी कम हो सकती है। मस्क ने एक कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान इस बात पर जोर दिया, कि संभावित चुनौतियों के बावजूद बिक्री अभी भी पिछले साल से बढ़ेगी।












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