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Urooz Hussain : रेस्टोरेंट की यह मालकिन क्यों बन गई ट्रांसजेंडर, 22 साल की उम्र तक जी लड़कों जैसी लाइफ

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Transgender Woman Urooz Hussain Started Cafe In Noida: नोएडा। ट्रांसजेंडर्स (Transgender) पहली नजर में लोगों को सिर्फ एक किन्नर, ताली बजाकर भीख मांगने वाले या सेक्स वर्कर्स के तौर पर ही नजर आते हैं, लेकिन असलियत इससे काफी अलग है। हम बात कर रहे हैं राजधानी दिल्ली से सटे यूपी के नोएडा (Noida) की रहने वाली 27 वर्षीय ट्रांसजेंडर वुमन उरूज हुसैन (Urooz Hussain) की। उरूज नोएडा में स्ट्रीट टेम्पटेशन नाम का एक रेस्टोरेंट चलाती हैं। उरूज का कहना है कि उन्हें खुद पर गर्व होता है कि वह समाज के बनाए स्टीरियोटाइप तोड़ कर, खुद के दम पर अपना रेस्टोरेंट चला रहीं हूं। उरूज अपने समाज के लोगों के लिए प्रेरणा हैं।

    Noida: Transwoman बनकर Cafe चला रहीं हैं Urooz, Community के लिए बनीं Inspiration । वनइंडिया हिंदी
    वर्कप्लेस पर उत्पीड़न से तंग आकर खोला रेस्टोरेंट

    वर्कप्लेस पर उत्पीड़न से तंग आकर खोला रेस्टोरेंट

    वर्कप्लेस पर उत्पीड़न से तंग आकर एक उरूज ने नोएडा के सेक्टर 119 में अपना कैफे खोला है। वह कहती हैं कि यह कैफे हर किसी के साथ एक समान व्यवहार करता है। कैफे का नाम स्ट्रीट टैंपटेशन (Street Temptations) है। उरूज ने बताया कि उन्होंने भी एक सामान्य बच्चे की तरह जन्म लिया था। धीरे-धीरे उन्हें ये एहसास होने लगा कि उनका शरीर ही सिर्फ लड़कों जैसा है, लेकिन फीलिंग्स लड़कियों जैसी है। इसी वजह से उन्हें परिवार और समाज में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उरूज बताती हैं कि उनका परिवार, दोस्त सब चाहते थे कि वह एक लड़के की तरह बर्ताव करें। उन्होंने ऐसा करने की काफी कोशिश भी की, लेकिन हो नहीं पाया। 22 साल तक वह एक लड़के के रूप में रहीं। वर्कप्लेस पर एक पुरुष कर्मचारी के तौर पर काम किया, लेकिन साथ उन्हें हमेशा चिढ़ाते थे।

    2013 में दिल्ली आईं थी उरूज हुसैन

    2013 में दिल्ली आईं थी उरूज हुसैन

    उरूज ने स्कूलिंग के बाद होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया और 2013 में दिल्ली आ गई। यहां एक इंटर्नशिप के दाैरान वर्कप्लेस पर उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव हुआ। लोग उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश करते थे। परेशान होकर उन्होंने खुद को लोगों से दूर रखना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने हिम्मत जुटाई और सोचा कि हिम्मत नहीं हारनी है। साल 2014 में उरूज ने खुद को बदलने के लिए साइकोमैट्रिक टेस्ट कराने के बाद लेजर थेरेपी ट्रीटमेंट कराना शुरू किया। इस दौरान वह घर में बंद रहीं, अकेलापन महसूस होता है। कई बार सुसाइडल थॉट्स भी आते थे, लेकिन आज वह अपनी बॉडी से खुश हैं।

    2019 में खोला था रेस्टोरेंट, अपने समाज को दे रहीं प्रेरणा

    2019 में खोला था रेस्टोरेंट, अपने समाज को दे रहीं प्रेरणा

    उरूज बताती हैं कि 22 नवंबर 2019 को उन्होंने नोएडा में एक रेस्टोरेंट की शुरुआत की। अभी रेस्टोरेंट में सात लोगों की टीम काम करती है, जिसमें दो शेफ हैं। उरूज की ख्वाहिश है कि हर शहर में उनके रेस्टोरेंट हों, जिसे ट्रांसजेंडर्स ही चलाएं। इसके पीछे एक और मकसद था कि इससे सभी ट्रांसजेंडर्स को खुद के दम पर कुछ करने और अपने आप को और मजबूत बनाने की प्रेरणा मिलेगी।

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    English summary
    Urooz Hussain transgender woman started a cafe in noida
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