Varanasi News: स्टेज पर इंतजार करता रहा दूल्हा, दुल्हन हुई फरार, लोग बोले- 'शादी में जरूर आना' जैसा मामला!
Varanasi News: साल 2017 में आई फिल्म 'Shaadi Mein Zaroor Aana' का गाना 'ठुकरा के मेरा प्यार, मेरा इंतकाम देखोगी' आज भी कई लोग गुनगुनाते नजर आते हैं। फिल्म अभी एंटरटेनमेंट और प्यार से भरपूर थी और लोगों द्वारा उसकी खूब सराहना भी की गई थी।
फिल्म में दिखाया गया है कि दरवाजे पर बारात आने के बाद एक लड़की जो अधिकारी बनना चाहती है वह अपनी शादी में ऐन वक्त पर फरार हो जाती है। उसके बाद शादी किए बिना दूल्हा वापस लौट जाता है।

इधर फरार हुई लड़की अधिकारी बन जाती है लेकिन शादी न होने के बाद नाराज दूल्हा उससे बड़ा अधिकारी बन जाता है। फिर वह अपने प्यार का इंतेक़ाम लेता है। फिल्म की कहानी काफी दिलचस्प है।
अब वाराणसी से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है हालांकि भविष्य में क्या होगा यह नहीं पता लेकिन वाराणसी में भी एक दूल्हा धूमधाम से बारात लेकर दुल्हन के दरवाजे पर पहुंचा। स्टेज पर बैठकर दुल्हन के आने का इंतजार करता रहा लेकिन दुल्हन फरार हो गई।
इस मामले में दोनों पक्षों के बीच काफी पंचायत चली लेकिन मामले का हल नहीं निकला। बाद में मामला पुलिस के पास पहुंचा और जिन सामानों का आदान-प्रदान हुआ उन्हें वापस लेने के बाद शादी किए बिना दूल्हा वापस लौट गया। लोगों का कहना है कि यह शादी भी 'शादी में जरूर आना' फिल्म जैसी है।
चिरईगांव का है पूरा मामला
दरअसल, गाजीपुर जनपद के एक गांव के रहने वाले युवक की शादी वाराणसी जनपद के चौबेपुर थाना क्षेत्र के चिरईगांव की रहने वाली एक युवती के साथ तय थी। मंगलवार को दोनों की शादी होने वाली थी। ऐसे में गाजीपुर से बारात धूमधाम से चिरईगांव पहुंची।
बारात पहुंचने के बाद लड़की पक्ष के लोगों ने दूल्हे और बारातियों की अच्छी खातिरदारी की। द्वार पूजा संपन्न हुआ, उसके बाद स्टेज का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। दूल्हा स्टेज पर पहुंचा और बैठकर दुल्हन के आने का इंतजार करने लगा।
इधर दुल्हन के घर वाले जब दुल्हन के कमरे में पहुंचे तो दुल्हन गायब थी। कमरे में दुल्हन न मिलने के को बाद परिवार वाले हैरान रह गए। लोग इधर-उधर और गांव में सड़क पर खोजने लगे लेकिन दुल्हन के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।
धीरे-धीरे यह बात जब बारातियों तक पहुंची तो सभी हैरान हो गए। दोनों पक्ष के संभ्रांत लोग जुटे और लोगों ने फैसला किया की दूसरी लड़की से दूल्हे की शादी कर दी जाए। लेकिन लड़के वाले इस बात पर तैयार नहीं हुए।
उसके बाद मामला चौबेपुर थाने पहुंचा। चौबेपुर थाने में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक पंचायत चली। पंचायत के बाद यह फैसला लिया गया कि दोनों पक्षों का जो भी खर्च हुआ है और जिन सामानों का आदान-प्रदान हुआ है उन्हें एक दूसरे को वापस कर दिया जाएगा।
सहमति बनाने के बाद बिना दुल्हन के बारात और दूल्हा वापस लौट गए। इधर दुल्हन कहां गई है? क्या उसे भी पढ़ लिख कर अधिकारी बनना है या फिर प्रेम प्रसंग के चलते वह अपने प्रेमी के साथ फरार हुई है। इसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।












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