अपने पायलटों और क्रू मेंबर्स को डायपर पहनकर विमान में चढ़ने को क्यों कह रहा है चीन
नई

पायलट डायपर पहनकर उड़ाएं विमान- चीन
चीन के सिविल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन का क्रू मेंबर्स और पायलटों को डायपर पहनने का यह सुझाव उन चार्टर फ्लाइट्स पर लागू होना है जो उन देशों या इलाकों के लिए उड़ान भरते हैं या वहां से आते हैं, जहां कोरोना संक्रमण की दर हर 10 लाख आबादी में 500 से ज्यादा है। डायपर पहनने की यह सलाह केबिन क्रू और पायलटों के पीपीई वाले सेक्शन में शामिल है, जिसके तहत उन्हें तमाम प्रोटेक्टिव चीजों का इस्तेमाल करते हुए ही विमान में बोर्डिंग करनी है। इसके अलावा पूरे विमान के केबिन को विभिन्न हिस्सों में बांटने को कहा गया है- क्लीन एरिया, बफर जोन, यात्रियों के बैठने की जगह और क्वारंटीन एरिया। यह सारे हिस्से डिस्पोजेबल पर्दों से अलग किए जाएंगे। चीन के सिविल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक अंतिम तीनों कतार इमरजेंसी क्वारंटीन एरिया के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा सीएएसी ने ज्यादा विस्तृत जानकारी देने से मना कर दिया है।

विमान से सफर में संक्रमण का कितना है खतरा ?
गौतलब है कि विमान कंपनियों का कहना है कि महामारी के दौरान भी विमानों से यात्रा करना सुरक्षित है। इसकी वजह वो ये बताती हैं कि विमानों में अस्पतालों के स्तर का एयर-फिल्टर लगा होता है। लेकिन, शोधकर्ताओं का कहना है कि अबतक इसपर अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता है कि जोखिम कम है। कुछ ऐसे मामलों के भी दावे किए गए हैं कि विमानों के अंदर भी जब यात्रियों ने मास्क पहने हैं और दूरी बनाकर बैठे हैं फिर भी संक्रमण रिपोर्ट की गई है। कई रिसर्च के बाद विशेषज्ञों ने पाया है कि विमान यात्रा इस महामारी के दौरान सबसे जोखिम वाला काम नहीं है। भीड़ वाली जगहों में जाने से यह काफी सुरक्षित है। लेकिन, इसका मतलब ये नहीं है कि इसमें कोई जोखिम है ही नहीं। खासकर लंबी दूरी के उड़ानों में संक्रमण के कई मामले बताए गए हैं। वैज्ञानिकों ने पाया है कि कई बार बोर्डिंग और विमान से उतरते वक्त जो अचानक भीड़ की स्थिति पैदा होती है, उसमें जोखिम से इनकार नहीं किया जा सकता।

संभल रहा है चीन का एविएशन मार्केट
चीन के वुहान से कोरोना वायरस के संक्रमण की शुरुआत होने के बाद से उसके एविएशन मार्केट को बहुत बड़ा झटका लगा था। घरेलू मार्केट पर भी बहुत बड़ा असर पड़ा था। लेकिन, अब उसकी घरेलू विमान सेवा लगभग कोरोना से पहले वाली स्थिति में लौट चुकी है। जबकि, यूरोप और अमेरिका जैसे देश अभी भी कोविड-19 को नियंत्रित करने से जूझ रहे हैं। बता दें कि कोविड को जन्म देने के एक साल बाद भी चीन में इस बीमारी के आजतक सिर्फ 86,673 मामले ही सामने आए हैं, जिनमें से 81,754 ठीक भी हो चुके हैं और मरने वालों की संख्या सिर्फ 4,634 ही बताई जाती है।












Click it and Unblock the Notifications