हिमाचल: खमींगर ग्लेशियर में फंसे कई ट्रेकर्स, बर्फबारी और ठंड के चलते दो की मौत
काजा, 28 सितंबर: ट्रैकिंग पर निकले पश्चिम बंगाल के पर्वतारोहियों का एक दल स्पीति घाटी के खमींगर ग्लेशियर में बर्फबारी होने के कारण फंस गया है। तो वहीं, भारी बर्फबारी और ठंड के चलते दो लोगों की मौत हो गई। पर्वतारोहियों के खमींगर ग्लेशियर में फंसने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने 32 सदस्यीय रेस्कूय टीम का गठन कर दिया है। बताया जा रहा है कि 16 ट्रेकर्स का यह दल 15 सितंबर को मनाली से खामींगर ग्लेशर को पाकर करने के लिए रवाना हुआ था।

लाहौल स्पीति के डीसी नीरज कुमार ने बताया कि स्पीति प्रशासन को सोमवार सुबह 16 सदस्यीय दल के दो सदस्यों ने काजा में आकर सूचना दी कि उनके अन्य साथी खमींगर गलेशियर में फंसे हुए है, जिनमें से दो ट्रेकर की मौके पर मौत हो चुकी है, जबकि अन्य साथी अभी वहीं पर फंसे हुए है। बताया कि अभी 14 ट्रैकर्स वहां फंसे हुए है। प्रशासन ने 32 सदस्यीय रेस्क्यू टीम का गठन कर दिया है। इस टीम में 16 आईटीबीपी के जवान, 6 डोगरा स्काउट के जवान, एक चिकित्सक भी हैं। इसके साथ ही 10 पोटर बोझा उठाने के तौर पर काम करेंगे।
उन्होंने बताया कि रेस्कयू दल को ग्लेशियर तक पहुंचने में ही कम सम कम तीन दिन का समय लगेगा। ऐसे में हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू करने के लिए बातचीत की गई। लेकिन वहां पर हेलीकॉप्टर के माध्य से नहीं पहुंचा जा सकता है, इसलिए 32 सदस्यीय रेस्क्यू टीम का गठन किया गया है। वहीं, जिन दो सदस्यों की मौत हुई उनके नाम भास्कर देव मुखोपाध्याय और संदपी कुमार ठाकुराता बताए जा रहे है।
पश्चिम बंगाल का दल गया था
डीसी नीरज कुमार ने बताया कि 15 सितंबर को इंडियन माउंटेनियरिंग फांउडेशन पश्चिम बंगाल की छह सदस्यों वाली टीम बातल से काजा वाया खमींगर ग्लेशियर ट्रेक को पार करने के लिए रवाना हुई थी। इनके साथ 10 पोटर भी शामिल है। बताया कि रेस्क्यू पिन घाटी के काह गांव से शुरू होगा। पहले दिन 28 सितंबर को काह से चंकथांगो, दूसरे दिन चंकथांगो से धार थांगो और अंतिम दिन धारथांगो से खमींगर ग्लेशियर रेस्क्यू टीम पहुंचेगी। वहीं तीन दिन वापस खमींगर से काह पहुंचने में लगेंगे।












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