दिल्ली को राहत: तेजी से घट रहे कोरोना के एक्टिव केस, अस्पतालों में खाली बेड की संख्या भी बढ़ी
कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच देश की राजधानी दिल्ली को संक्रमण के मामले में अब राहत मिलती हुई नजर आ रही है
नई दिल्ली, 19 मई: कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच देश की राजधानी दिल्ली को संक्रमण के मामले में अब राहत मिलती हुई नजर आ रही है। दिल्ली में जहां दैनिक मामलों में गिरावट आई है, वहीं ठीक होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने के साथ ही कोरोना वायरस के एक्टिव केस भी घट रहे हैं। कोरोना वायरस के मामलों में आई इस कमी से दिल्ली में कोविड-19 के खाली बेड और आईसीयू बेड की संख्या अब बढ़ गई है। मंगलवार को जारी दिल्ली सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी में कोरोना वायरस के मरीजों के लिए कुल उपलब्ध बेड में से 12907 बेड खाली हैं, जबकि 14805 बेड भरे हुए हैं।
Recommended Video

पॉजिटिविटी रेट घटकर 6.89 फीसदी हुआ
आपको बता दें कि मंगलवार को दिल्ली में कोरोना वायरस के 4482 नए मामले मिले। बीते 5 अप्रैल के बाद एक दिन में मिले कोरोना वायरस के मरीजों की यह सबसे कम संख्या है। इसके अलावा दिल्ली में कोरोना वायरस का पॉजिटिविटी रेट घटकर 6.89 फीसदी पर आ गया है। हालांकि कोरोना वायरस से होने वाली मौतों की संख्या अभी भी सरकार के लिए एक बड़ी चिंता बनी हुई है। मंगलवार को कोरोना वायरस की वजह से दिल्ली में 265 लोगों की जान गई।

सरकारी और प्राइवेट दोनों अस्पतालों में बेड खाली
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, दिल्ली में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के पीक के समय आईटीबीपी और डीआरडीओ की तरफ से तैयार किए गए कोविंड सेंटर में इस समय करीब आधे बेड खाली हैं। दिल्ली सरकार के कंट्रोल रूम में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस के खाली बेड के लिए आने वाली फोन कॉल की संख्या घटी है, हालांकि आईसीयू बेड के लिए अभी भी फोन आ रहे हैं। अधिकारी के मुताबिक एक राहत की बात यह है कि इस समय सरकारी और प्राइवेट दोनों अस्पतालों में बेड खाली हैं।

दिल्ली में रिकवरी रेट बढ़कर 94.37 हुआ
दिल्ली में मरीजों का रिकवरी रेट भी तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को दिल्ली में कोरोना वायरस के 9403 मरीज ठीक हुए, जिसके बाद रिकवरी रेट बढ़कर 94.37 फीसदी तक पहुंच गया। राजधानी में इस समय कोरोना वायरस के 50863 एक्टिव केस हैं। वहीं, आईटीबीपी और डीआरडीओ दोनों कोविड सेंटर में लगातार ठीक होने से मरीजों का कॉन्फिडेंस लेवल भी बढ़ा है। आईटीबीपी के कोविड सेंटर में इस समय 271 बेड खाली हैं, जबकि 229 बेड पर मरीजों का इलाज चल रहा है। कोविड सेंटर में तैनात आईटीबीपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहले हमारे पास हर रोज करीब 200 फोन कॉल आती थी, जो अब घटकर 500-600 तक आ गई हैं और उनमें ज्यादातर आईसीयू बेड के लिए होती हैं।

DRDO के कोविड सेंटर में 500 में से 269 बेड खाली
ठीक इसी तरह डीआरडीओ के कोविड सेंटर में भी खाली बेड की संख्या बढ़ रही है। कोविड सेंटर के एक अधिकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले तक यहां कोरोना के मरीजों के लिए बेड की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन लगातार सुधर रहे हालात को देखते हुए अब इसकी जरूरत नहीं है। डीआरडीओ कोविड सेंटर में इस समय 500 में से 269 बेड खाली हैं।
-
दिल्ली शराब नीति से जुड़े केस में दिल्ली हाई कोर्ट कर रहा सुनवाई, अरविंद केजरीवाल खुद कर रहे अपनी पैरवी -
पंजाब में 8वीं की बोर्ड परीक्षा में ईंट भट्ठे पर काम करने वाले की बेटी ने किया टॉप, केजरीवाल ने जमकर की तारीफ -
16 की उम्र में आशा भोसले ने लता दीदी के सेक्रेटरी से की शादी, पति ने घर से निकाला, RD Burman ने थामा हाथ -
Asha Bhosle: कौन होगा आशा भोसले का उत्तराधिकारी? किसको मिलने वाली है अरबों की संपत्ति, दो नाम रेस में सबसे आगे -
Iran Vs America: शांति वार्ता में 'लात-घूंसे', तुर्किए मीडिया का दावा, क्यों भिड़े ईरानी मंत्री- ट्रंप के दूत -
MI vs RCB: विराट कोहली ने मुंबई में रच दिया इतिहास, दुनिया में पहली बार हुआ अनोखा कारनामा -
Asha Bhosle Last Post: 'मैं विलीन हो जाऊंगी', निधन से पहले ही आशा ताई ने लिख दिया था 'आखिरी सच' -
MI vs RCB: वानखेड़े में पसरा सन्नाटा, रोहित शर्मा लाइव मैच से बैटिंग छोड़ गए, आखिर क्या है कारण -
Asha Bhosle Net Worth: आशा भोसले कितनी छोड़ गईं प्रॉपर्टी? सिगिंग के अलावा कहां से करती थींं करोड़ों की कमाई -
Asha Bhosle Last Wish: अधूरी रह गई आशा भोसले की अंतिम इच्छा, पॉडकास्ट में बताया था क्या थी स्पेशल ख्वाहिश -
'मैं आखिरी जिंदा मुगल हूं', मंगेशकर परिवार में जन्मीं आशा भोसले ने कब और क्यों कही थी ये बात? -
Asha Bhosle का 92 साल की उम्र में हुआ निधन, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में दिग्गज सिंगर ने ली आखिरी सांस












Click it and Unblock the Notifications