कांग्रेस का टिकट चाहिए तो तीन बाधाएं पार करनी होंगी, सितम्बर 2022 तक सभी ग्राम पंचायतों तक पहुंचने का प्लान
लखनऊ, 14 सितम्बर: उत्तर प्रदेश में अगले साल शुरु हो रहे विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरु कर दिया है। कांग्रेस की सूत्रों की माने तो लखनऊ में प्रियंका की मैराथन बैठकों के बाद यह तय किया गया कि कांग्रेस की नेताओं की माने तो प्रियंका ने उमीदवारों को चयन को लेकर थ्री लेयर की प्रक्रिया बनाई है और इससे गुजरने के बाद ही उम्मीदवारों का टिकट फाइनल किया जाएगा। हालांकि प्रियंका का फोकस केवल विधानसभा चुनाव नहीं है। वह चाहती हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले यूपी ग्राम पंचायत स्तर पर संगठन खड़ा हो सके। इसके लिए उन्होंने सितम्बर 2022 का टारगेट तय किया है।

तीन स्तर पर होगा उम्मीदवारों का असेसमेंट
कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि 14 सितंबर से 26 सितंबर के बीच उमीदवारों के एप्लीकेशन जमा किए जाएंगे और उसके बाद विधानसभा के हिसाब से उम्मीदवारों का असेसमेंट शुरू किया जाएगा। एसेसमेंट पार्टी के पदाधिकारियों की मौजूदगी में राज्य चुनाव समिति की तरफ से किया जाएगा। उम्मीदवारों के बारे में तीन स्तर पर स्कूटनी की जाएगी। पहले विधानसभा में असेसमेंट किया जाएगा, उसके बाद जिला कमेटी उन नामों को अप्रूव करेगी फिर उसे राज्य चुनाव समिति के पास भेजा जाएगा।
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केंद्रीय चुनाव समिति देगी अंतिम मंजूरी
पार्टी के पदाधिकारी ने बताया कि इन तीनों स्तरों पर उम्मीदवारों को फाइनल होने के बाद अंतिम मंजूरी के लिए उसे केंद्रीय चुनाव समिति के पास भेजा जाएगा जो चयनित उम्मीदवारों की सूची जारी करेगी। उम्मीदवारों के चयन से पहले हर स्तर पर उनके बारे में पता लगाया जाएगा ताकि बेस्ट का चयन किया जा सके। पदाधिकारी ने बताया कि, चयन प्रोसेस में पूरी तरह से पारदर्शिता रखने के लिए ही तीन स्तर बनाए गए हैं। हर स्तर पर मंजूरी मिलने के बात ही संभावित नामों को केंद्रीय चुनाव समिति के पास भेजा जाएगा। जब 50 सदस्यों वाली चुनाव समिति नाम को फाइनल कर लेगी उसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए कांग्रेसी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के पास भेजा जाएगा।

काशी विद्यापीठ वाराणसी में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर रहे प्रशांत कुमार कहते हैं कि,
"कांग्रेस एक नया संगठनात्मक ढांचा स्थापित कर रही है, जब राज्य में 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए केवल छह महीने बचे हैं। क्या अब नियुक्त किए जा रहे कांग्रेस पदाधिकारी इतने कम समय में काम कर पाएंगे और पार्टी की मदद कर पाएंगे? प्रियंका गांधी वाड्रा ने अब जो कुछ भी किया है, वह लंबे समय में पार्टी की मदद कर सकता है। प्रियंका को दीर्घकालिक उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए पार्टी के पुनर्गठन के बारे में भी सोचना चाहिए।"
सितम्बर 2022 तक हर ग्राम पंचायत तक पहुचंने की कवायद
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पार्टी की राज्य इकाई को 22 सितंबर तक यूपी की शेष सभी ग्राम पंचायतों में जमीनी स्तर के संगठनात्मक ढांचे का गठन करने का काम सौंपा है.जैसा कि कांग्रेस अगले महीने की शुरुआत में राज्य भर में प्रस्तावित कांग्रेस प्रतिज्ञा यात्रा सहित विभिन्न कार्यक्रमों को शुरू करने का निर्देश दिया था। प्रियंका चाहती हैं कि उत्तर प्रदेश के हर जिले में सभी स्तरों पर संगठनात्मक संरचना हो।
प्रियंका ने अपनी तीन दिवसीय यात्रा को समाप्त करने और सोमवार को नई दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए संगठन की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए पार्टी नेताओं के साथ हुई विभिन्न बैठकों में इस संबंध में निर्देश दिए। दरअसल, उत्तर प्रदेश में 58,000 ग्राम पंचायतें हैं। कांग्रेस ने अभी तक केवल 20,000 ग्राम पंचायतों में अपनी इकाइयां स्थापित की हैं। इसके अलावा, राज्य, जिला और शहर इकाइयों में कांग्रेस का राज्य के 831 ब्लॉक, 2614 वार्डों और 8134 'न्याय पंचायतों' में संगठनात्मक ढांचा है।












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