Gyanvapi: ज्ञानवापी के वीडियो सर्वे का आदेश देने वाले जज को मिली धमकी, विदेश से आई कॉल
वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर के वीडियोग्राफी सर्वेक्षण देने वाले जज ने बड़ा दावा किया है। वाराणसी सत्र न्यायालय के न्यायधीश रवि कुमार दिवाकर ने दावा किया है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय नंबरों से कॉल आई और धमकी दी गई, जिसको लेकर उन्होंने पुलिस से शिकायत की है।
बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक घुले सुशील चंद्रभान ने कहा कि उन्हें न्यायाधीश दिवाकर का एक पत्र मिला है जिसमें अज्ञात कॉल के बारे में शिकायत की गई है। दरअसल, 2022 में वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर के वीडियोग्राफी सर्वेक्षण का आदेश देने वाले फास्ट ट्रैक कोर्ट I के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने पुलिस के की गई शिकायत में दावा किया कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय नंबरों से कॉल आ रही थीं।

वाराणसी के एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान के मुताबिक, न्यायाधीश दिवाकर की गवाही के मुताबिक, 15 अप्रैल को रात 9.45 बजे एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आया लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। वहीं रिपोर्ट के मुताबिक साइबर सेल और कोतवाली पुलिस को मामले की जांच करने का निर्देश दिया गया है और उनके परिवार की सुरक्षा की निगरानी के लिए दो सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
बता दें कि ज्ञानवापी मामले में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश दिवाकर सुर्खियों में बने हुए थे। मामले में फैसला देने के बाद उनका तबादला बरेली कर दिया गया था। यहां उन्होंने 2010 में हुए दंगे के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए मौलाना तौकीर रजा को दोषी माना था। मौलाना तौकीर मामले में सुप्रीम कोर्ट चले गए। उन्हें सर्वोच्च अदालत से राहत मिली। दरअल, इन दंगों में बरेली में काफी नुकसान हुआ था और 27 दिन कर्फ्यू लगा था।












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