गुजरात दंगा: ATS ने तीस्ता सीतलवाड़ को हिरासत में लिया, NGO के केस में होगी पूछताछ
नई दिल्ली, 25 जून: गुजरात एटीएस की एक टीम शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के मुंबई स्थित आवास पहुंची। वहां से उनको हिरासत में लेकर मुंबई के सांताक्रूज थाने ले जाया गया। फिलहाल अभी थाने में कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही। इसके बाद एटीएस टीम पूछताछ के लिए उनको अहमदाबाद लेकर जाएगी। तीस्ता के एनजीओ के ऊपर कुछ आरोप लगे हैं, जिसकी जांच एटीएस कर रही। इस कार्रवाई से एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता के ऊपर तल्ख टिप्पणी की थी।
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तीस्ता पत्रकार होने के साथ सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। वो 2002 के गुजरात दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने का दावा करने वाले संगठन सिटिजन फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) की सचिव हैं। वहीं जाकिया जाफरी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी समेत 55 राजनेताओं और अधिकारियों को मिली क्लीन चिट को चुनौती दी गई। इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। साथ ही कोर्ट ने तीस्ता की भूमिका पर सवाल उठाए।
जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने शुक्रवार को कहा कि एसआईटी रिपोर्ट को स्वीकार करने वाले गुजरात के मजिस्ट्रेट द्वारा पारित 2012 के आदेश को बरकरार रखते हुए जाकिया जाफरी की याचिका में कोई दम नहीं है। तीस्ता सीतलवाड़ की और जांच की जरूरत है क्योंकि वो अपने फायदे के लिए जाकिया जाफरी की भावनाओं का इस्तेमाल कर रही थीं। इस टिप्पणी के एक ही दिन बाद गुजरात एटीएस ने उनको हिरासत में ले लिया।
अमित शाह ने कही थे ये बात
वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने न्यूज एजेंसी एएनआई को इंटरव्यू दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि जाकिया जाफरी किसी और के निर्देश पर काम करती थी। NGO ने कई पीड़ितों के हलफनामे पर हस्ताक्षर किए और उन्हें पता भी नहीं है। सब जानते हैं कि तीस्ता सीतलवाड़ का NGO ये सब कर रहा था। उस समय कांग्रेस की सरकार थी, जिसने उसके एनजीओ की खूब मदद की थी।












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