'दंगों के दौरान सेना बुलाने में नहीं की गई थी कोई देरी', अमित शाह ने किया गुजरात की मोदी सरकार का बचाव
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को समाचार एजेंसी एएनआई से 2002 गुजरात दंगों को लेकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने दंगों के पीछे के मुख्य कारण को बताया।
नई दिल्ली, 25 जून : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को समाचार एजेंसी एएनआई से 2002 गुजरात दंगों को लेकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने दंगों के पीछे के मुख्य कारण को बताया। उन्होंने कहा कि दंगों के पीछे प्राथमिक कारण गोधरा ट्रेन जलाने की घटना थी। अमित शाह ने कहा कि इन दंगों का मुख्य कारण गोधरा ट्रेन का जलना था।

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गृह मंत्री शाह ने तात्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का बचाव करते हुए कहा कि गुजरात सरकार ने दंगों को दबाने के लिए सेना बुलाने में कोई देरी नहीं की। गुजरात सरकार ने किसी भी चीज में देरी नहीं की। जब गुजरात बंद की घोषणा की गई तो हमने सेना को बुलाया। सेना को पहुंचने के लिए कुछ समय चाहिए। गुजरात सरकार ने एक दिन की भी देरी नहीं की और अदालत ने भी इसकी सराहना भी की
एम्बुलेंस में घर वापस ले जाया गया शव
अमित शाह ने कहा कि राज्य सरकार ने गुजरात दंगों को नियंत्रित करने के लिए सभी प्रयास किए और सही समय पर सही निर्णय लिए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने कम नुकसान के साथ स्थिति को नियंत्रित किया है। उन्होंने बताया कि गोधरा कांड के शवों की कोई परेड नहीं की गई थी। शवों को सिविल अस्पताल ले जाया गया और फिर परिवारों द्वारा बंद एम्बुलेंस में घर वापस ले जाया गया। मैं वहां अस्पताल में था।
गोधरा के बाद के दंगे राजनीति से प्रेरित
ट्रेन में आग लगा देने से 59 लोगों की मौत हो गई। मैंने देखा कि एक 16 दिन का बच्चा अपनी मां की गोद में बैठा है और उस ट्रेन में आग लगा दी गई है। मैंने अपने हाथों से दाह संस्कार किया। इस घटना के कारण राज्य में दंगे शुरू हुए थे। गृहमंत्री ने कहा कि गोधरा के बाद के दंगे राजनीति से प्रेरित थे। आरक्षण के खिलाफ आंदोलन को दंगों में बदल दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने नरेंद्र मोदी को दिया क्लिन चिट
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुजरात के तात्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य लोगों को गुजरात दंगों में क्लिन चिट देने के बाद पूर्व कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी की विधवा जकिया जाफरी ने याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। याचिका खारिज होने के एक दिन बाद अमित शाह का यह बयान सामने आया है। बता दें कि एहसान जाफरी अहमदाबाद के गुलबर्गा सोसाइटी में दंगों के दौरान मारे गए 69 लोगों में शामिल थे।












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