CDS Bipin Rawat: जनरल बिपिन रावत ने किस बात पर कहा था "ऐसे पाप की इजाजत सेना में नहीं देंगे"
नई दिल्ली, 08 नवंबर। तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के कुन्नूर में सेना के वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों को ले जा रहा भारतीय वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर बुधवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलीकॉप्टर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत उनकी पत्नी समेत कुल 14 लोग सवार थे! इस भीषण हादसे में जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुरिमा रावत समेत हेलिकॉप्टर में सवार सभी 13 लोगों की मौत हो गई! भारतीय सेना के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ विपिन रावत हमेशा अपने तेज तर्रार अंदाज के लिए जाने जाते रहे हैं। जनरल बिपिन रावत आर्मी में किसी भी तरह की दखलनदाजी बर्दास्त नहीं करते थे। आइए जानते हैं कि वो कौन सी बात थी जब बिपिन रावत को ये कहना पड़ा था कि ऐसे पाप की इजाज सेनो में वो नहीं देंगे?

बिपिन रावत ने कहा था इस मामले में सेना रुढ़िवादी है
दरअसल, ये बात बिपिन रावत ने थल सेना प्रमुख के पद पर रहते हुए जनवरी 2019 में कही थी। वो भी देश की सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा दिए गए एक आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए विपिन रावत ने ये तक कह दिया था कि इस मामले में सेना रुढ़िवादी है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था ये ऐतिहासिक फैसला
बता दें 2018 के अंत में देश की सर्वोच्च न्यायालय ने समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से हटाने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। इसके साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को खत्म कर दिया है। यह धारा अप्राकृतिक यौन संबंध को अपराध मानती थी। जबकि कोर्ट ने कहा कि यह धारा बराबरी के अधिकार का उल्लंघन करती है।
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इसे सेना में लागू करने से कर दिया था इंकार
कभी अपने सिद्धान्तों से ना समझौता करने वाले तत्कालीन थल सेना प्रमुख बिपिन रावत ने जनवरी 2019 में इस निर्णय पर अपनी प्रितिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था इसे सेना में लागू नहीं किया जा सकता। सेना में ऐसी चीजों के लिए रोक है और सेना कानून से के ऊपर नहीं है।

हम ऐसे पाप की इजाजत सेना में बिलकुल नहीं देंगे
बिपिन रावत ने सुप्रीम कोर्ट के एडल्ट्री पर दिए फैसले पर अपत्ति जताते हुए मीडिया में ये कहा था सेना इस मामले में रुढ़िवादी है। हम ऐसे पाप की इजाजत सेना में बिलकुल नहीं देंगे।

बिपिन रावत के नेतृत्व में हुई थी ये सर्जिकल स्ट्राइक
सीडीएस बिपिन रावत को काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशन के लिए जाना जाता है। जनरल बिपिन रावत भारत के पहले और वर्तमान रक्षा प्रमुख या चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाए गए। 1 जनवरी को रक्षा प्रमुख के पदभार ग्रहण किया था। इससे पूर्व वो भारतीय थलसेना के प्रमुख थे। जवाबी हमले में माहिर रहे तत्कालीन थल सेना प्रमुख बिपिन रावत के नेतृत्व में 29 दिसंबर 2016 को पाकिस्तान में घुस कर आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी। जिसमें ट्रेंड पैरा कमांडों ने इस सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान की सीमा में घुस कर सबक सिखाया था। ये उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद की भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई थी।












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