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मसूद अजहर: बैन पर बोले विदेश मंत्री माइक पोंपेयो, अमेरिकी कूटनीति की बड़ी जीत!

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वॉशिंगटन। पाकिस्‍तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के सरगना मसूद अजहर को यूनाइटेड नेशंस सिक्‍योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) ने एक मई ग्‍लोबल आतंकी घोषित कर दिया। इस पर अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपेयो ने कहा है कि यह दरअसल अमेरिका और इसके कूटनीतिक प्रयासों की बड़ी जीत है। व्‍हाइट हाउस की ओर से जारी बयान के मुताबिक यूएन का यह कदम बताता है कि संगठन पाकिस्‍तान में मौजूद आतंकवाद को खत्‍म करने को लेकर प्रतिबद्ध है। इसके अलावा उसका यह फैसला बताता है कि दक्षिण एशिया में सुरक्षा और स्थिरता लाने के लिए प्रयास लगातार जारी हैं।

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10 वर्षों से लगा था चीन का टेक्निकल होल्‍ड

10 वर्षों से लगा था चीन का टेक्निकल होल्‍ड

माइक पोंपेयो ने यूएन के इस कदम का स्‍वागत किया और कहा कि यह न सिर्फ अमेरिका बल्कि अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय के लिए भी बड़ी जीत है जो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। पोंपेयो ने यूएन में यूएस मिशन को इस जीत पर बधाई दी है। पोंपेयो के मुताबिक यूएन में अमेरिकी मिशन ने इस प्रयास को आगे बढ़ाने में एक सक्रिय भूमिका अदा की। चीन ने पिछले 10 वर्षों से मसूद अजहर पर टेक्निकल होल्‍ड लगा रखा था। यूएनएससी के स्‍थायी सदस्‍य अमेरिका के अलावा ब्रिटेन और फ्रांस के साथ ही भारत लगातार अजहर को ब्‍लैकलिस्‍ट कराने की कोशिशें कर रहा था।

यूएस ने अपनी टीम को दी बधाई

पोंपेयो ने ट्वीट किया और लिखा, 'जैश के मसूद अजहर को एक आतंकी के तौर पर घोषित होने पर यूएन में हमारी टीम को बधाई।' उन्‍होंने आगे कहा, 'इस एक्‍शन का इंतजार पिछले कई वर्षों से था और यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहे अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय और अमेरिकी कूटनीति की बड़ी जीत है।' उन्‍होंने यह भी कहा कि यूएन के इस कदम के बाद दक्षिण एशिया शांति के रास्‍तों पर बढ़ सकेगा। वहीं अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्‍ता मॉर्गन ओरटागस का कहना है कि जैश कई आतंकी हमलों के लिए जिम्‍मेदार है और दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है। उन्‍होंने कहा, 'जैश को अमेरिका ने साल 2001 में विदेश आतंकी संगठन और वैश्विक आतंकी संगठन घोषित कर दिया था। तब से ही इसे यूएन ने भी एक आतंकी संगठन माना था।'

यह भी पढ़ें-अजहर पर बैन से पहले चीन ने दिए थे ये तीन तर्क

पुलवामा हमले के पीछे भी जैश

पुलवामा हमले के पीछे भी जैश

मॉर्गन के मुताबिक जैश का संस्‍थापक और इसका सरगना अजहर को ग्‍लोबल आतंकी घोषित किया गया क्‍योंकि वह यूएन के मानकों पर खरा उतरता था। अब अमेरिका उम्‍मीद करता है कि सभी सदस्‍य देश प्रतिबंध के बाद जरूरी सभी तरह की कार्रवाई करेंगे। यूएन की अल-कायदा और इस्‍लामि‍क स्‍टेट 1267 प्रतिबंध समिति की ओर से जैश सरगना को बैन किया गया है। जैश ने 14 फरवरी को पुलवामा हमले की जिम्‍मेदारी ली थी जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।

आतंकवाद को जड़ से खत्‍म करेंगे

आतंकवाद को जड़ से खत्‍म करेंगे

इस हमले के बाद भारत और पाकिस्‍तान के बीच तनाव नए स्‍तर पर पहुंच गया है। व्‍हाइट हाउस की नेशनल सिक्‍योरिटी कांउसिल के प्रवक्‍ता गैरेट मारकिस ने कहा, 'मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने से साफ है कि हम सभी पाकिस्‍तान में मौजूद आतंकवाद को जड़ से खत्‍म कर देना चाहते हैं।' अमेरिका की ओर से यूएनएससी की 1267 प्रतिबंध समिति के पास अजहर को प्रतिबंधित करने का प्रस्‍ताव दिया गया था।

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English summary
US Secretary of State Mike Pompeo has said that Masood Azhar global terrorist tag is a victory for American diplomacy and its efforts.
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