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'Hi Janu..'मैसेज के चक्कर में कैसे हुआ था पुलवामा के साजिशकर्ता का सफाया? जानिए

नई दिल्ली, 14 फरवरी: 14 फरवरी, 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले के एक प्रमुख साजिशकर्ता का अगले ही महीने सुरक्षा बलों के हाथों सफाया हो गया था। वह जैश ए मोहम्मद के सरगना का भतीजा था और स्मार्टफोन के लिए उसकी दीवानगी आतंकी आकाओं को भी परेशान करती थी। उसने अपने स्मार्टफोन से पुलवामा हमले से महीनों पहले एक गलती नहीं की होती तो शायद सुरक्षा बलों के लिए उस तक पहुंचना इतना आसान नहीं होता। लेकिन, उसने एक इश्किया अंदाज में एक मैसेज भेजा था, जो उसकी जान का दुश्मन बन गया।

मोबाइल पर भेजे एक संदेश ने किया साजिकर्ता का सफाया

मोबाइल पर भेजे एक संदेश ने किया साजिकर्ता का सफाया

तीन साल पहले 14 फरवरी के दिन ही आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। हमलावर ने पुलवामा में विस्फोटकों से लदे एक वाहन को सीआरपीएफ के काफिले की गाड़ी से टकराकर धमाका कर दिया था। करीब डेढ़ महीने बाद ही पुलवामा हमले के एक मुख्य साजिशकर्ता मोहम्मद उमर फारूक अल्वी को सुरक्षा बलों ने एक और आतंकी मोहम्मद कामराम के साथ सफाया कर दिया था। अल्वी पाकिस्तान में बैठे जैश के सरगना मसूद अजहर का भतीजा था। 29 मार्च, 2019 को दोनों आतंकी जम्मू-कश्मीर के नौगाम के सुथसू कला इलाके में छिपे हुए थे। सुरक्षा बलों को उनके वहां छिपे होने की भनक लगी और महज 30 मिनट चले ऑपरेशन में दोनों ही आतंकी ढेर कर दिए गए थे। (पहली फाइल तस्वीर- उमर फारूक अल्वी और इंशा जान की)

पुलवामा हमले का प्रमुख साजिशकर्ता था मोहम्मद उमर

पुलवामा हमले का प्रमुख साजिशकर्ता था मोहम्मद उमर

न्यूज18 ने पुलवामा हमले के तीन साल पूरे होने पर सूत्रों के हवाले से बताया कि कैसे उस हमले का एक प्रमुख साजिशकर्ता जैश का आतंकी उमर फारूक खालिद सुरक्षा बलों के हत्थे चढ़ा और फिर हमेशा-हमेशा के लिए उसका खात्मा कर दिया गया। दरअसल, अल्वी का खुद का एक पुराना व्हाट्सऐप मैसेज उस दिन उसके लिए काल बन गया था। यह मैसेज उसने काफी पहले पुलवामा के एसपी को भेजा था, जिसमें उसने उनकी हत्या करने की धमकी दी थी। अनजान मोबाइल नंबर से आए उसके मैसेज को एसपी ने सेव करके रख लिया था, जो एकाउंटर वाले दिन सुरक्षा बलों के बहुत ही कारगर साबित हुआ।

पुलवामा के एसपी को आतंकी ने भेजा था मैसेज

पुलवामा के एसपी को आतंकी ने भेजा था मैसेज

उच्च सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि जैश आतंकी अल्वी ने एसपी को जो व्हाट्सऐप मैसेज भेजा था...उसकी शुरुआत उसने 'हाय जानू' लिखकर किया था। मैसेज के साथ उसने पिस्टल वाली एक इमोजी भी भेजी थी और दूसरे संदेश में लिखा था, 'मैं तुम्हारे घर आऊंगा और तुम्हारी हत्या कर दूंगा।' एसपी ने उस अनजान नंबर को कॉन्टैक्ट में 'हाय जानू' के नाम से ही सेव कर लिया और उस नंबर को सर्विलांस के लिए टेक्निकल टीम को भेज दिया। महीनों से यह नंबर ऐक्टिव नहीं हो रहा था।

पुलवामा हमले के डेढ़ महीने बाद ढेर हुआ था

पुलवामा हमले के डेढ़ महीने बाद ढेर हुआ था

उस रात, जब मोहम्मद अल्वी और मोहम्मद कामरान नौगाम के घर में छिपे हुए थे, अल्वी ने अपने मोबाइल फोन में वही पुराना सिम डाल दिया। जैसे ही सिम ऐक्टिवेट हुई पुलवामा पुलिस की साइबर सेल को अलर्ट मिल गया, क्योंकि वह नंबर अभी तक सर्विलांस पर था। 29 मार्च, 2019 को टेक्निकल टीम ने मोबाइल सिंग्नल के आधार पर उनके ठिकाने का एकदम सटीक पता लगा लिया। तत्काल ऑपरेशन की योजना बनाई गई और सुरक्षा बलों को मौके पर भेज दिया गया। अल्वी को जैसे ही अंदाजा लगा कि अब बचकर निकलना मुश्किल है, उसने पाकिस्तान के बहावलपुर में अपने आकाओं को त्राहिमाम भेजना शुरू किया, लेकिन कुछ भी काम नहीं आया। (ऊपर वाली फाइल तस्वीर-मोहम्मद कामरान)

स्मार्टफोन की दीवानगी में ढेर हुआ था साजिशकर्ता

स्मार्टफोन की दीवानगी में ढेर हुआ था साजिशकर्ता

सूत्रों का कहना है कि मसूद अजहर के भतीजे की स्मार्टफोन के प्रति दीवानगी पाकिस्तान में बैठे उसके आकाओं के लिए भी चिंता की वजह बनी हुई थी। आतंकी ट्रेनिंग के दौरान उसे बार-बार इसके कम इस्तेमाल और लगातार सिम बदलने की ट्रेनिंग मिली थी। लेकिन, वह इसे नजरअंदाज करता रहा था। सूत्रों का कहना है कि पुलवामा हमले के बाद भी उसके पाकिस्तानी हैंडलर और मौलाना मसूद अजहर के भाई रऊभ असगर ने भी उससे अपने फोन को नष्ट करने के लिए कहा था। लेकिन, अल्वी ने दूसरा फोन नष्ट करके उसे फर्जी वीडियो भेज दिया था। सूत्रों का यह भी कहना है कि जब सुरक्षा बलों के हातों उसका खात्मा हुआ, उससे पहले वह वॉट्सऐप पर किसी इंशा जान (पहली तस्वीर) से वॉयस नोट एक्सचेंज कर रहा था।

पुलवामा में के वीरों को राष्ट्र ने दी श्रद्धांजलि

पुलवामा में के वीरों को राष्ट्र ने दी श्रद्धांजलि

गौरतलब है कि 14 फरवरी, 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले का जवाब भारत ने 12 दिन के भीतर ही पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकी कैंप पर एयर स्ट्राइक करके ले लिया था। 26 फरवरी, 2019 को भारतीय वायु सेना ने लड़ाकू विमानों से आतंकी कैंपों को बम गिराकर तबाह कर दिया था। उस कार्रवाई में सैकड़ों की तादाद में आतंकियों के खात्मे की रिपोर्ट पहले ही आ चुकी हैं। पुलवामा हमले की तीसरी बरसी पर पीएम मोदी ने शहादत देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी है।

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