Purnia Lok Sabha Seat: जनता कृष्ण है और मैं अर्जुन, यह लड़ाई अब निजी नहीं सार्वजनिक हो गई है- पप्पू यादव
Purnia Lok Sabha: बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट देशभर में हॉट लोकसभा सीट बन चुकी है। इसकी बस एक ही वजह है यहां से दिग्गज नेता पप्पू यादव निर्दलीय चुनावी ताल ठोक रहे हैं। पूर्णिया में हो रहे त्रिकोणीय मुकाबले को लेकर ग्राउंड रिपोर्ट जानने के लिए वन इंडिया हिंदी की टीम पूर्णिया पहुंची। इसी क्रम में पप्पू याद ने वन इंडिया हिंदी से एक्स्लूसिव बातचीत की।
पप्पू यादव से जब सवाल किया गया कि त्रिकोणिय मुकाबला होने जा रहा है, इसे किस तरह से देख रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि यह जनता से पूछिए कि इस मुकाबले को किस तरह से देख रहे हैं। हम तो हमेशा से ही जात पात से ऊपर उठकर अपने जनता की भलाई के लिए क़दम उठाते रहे हैं। कोरोना काल और बाढ़ जैसे हालातों में मैंने जनता की सेवा बेटा बनकर की है।

पप्पू यादव ने कहा कि हम तो जनता के सेवक है, 24 घंटा काम करते हैं और लोगों के लिए उपलब्ध रहते हैं। मेरे जीवन का मकसद सेवा, मदद और जस्टिस है, इसलिए ही जनता मुझे जानती है। मैं इसी में संतुष्ट रहता हूं, राजनीति तो मुझे आती नहीं है। मैं जनता बेटा और उनका सेवक बनक हमेशा उनके सुख दुख में साथ रहूंगा।
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पप्पू यादव से जब यह सवाल किया गया कि आप लालू यादव को पिता और तेजस्वी को भाई की तरह मानतें हैं, तो फिर ऐसी क्या नाराज़गी हो गई कि तेजस्वी यादव आपको देखना तक पसंद नहीं कर हैं। इस पर उन्होंने कहा कि लालू यादव को अभिभावक और तेजस्वी यादव को भाई की तरह मानता हूं और आगे भी मानता रहूंगा।
जनता का उन्हें साथ मिलेगा तो उनके साथ मैं भी खड़ा रहूंगा। मेरी कोशिश रहेगी उनके क़दम से क़दम मिलाकर चलने की। उनकी बहने चुनावी मैदान में हैं, मेरी कोशिश रहेगी कि मैं उनकी बहनों के साथ खड़ा रहूं क्योंकि वह मेरी भी बहन है। राजनीति में भ्रष्टाचार, परिवारवाद कई सारे मुद्दे हैं।
राजनीति में यह बात मायने रखती है कि आप कितने फेयर हैं, कितनी दिल की गहराईयों से जनता की सेवा करते हैं। लोगों के लिए बना जात पात और धर्म के है कि नहीं यही महत्वपूर्ण है। वह (तेजस्वी) इस देश की पॉलिटिकल चेन में नहीं है। राजनीति में कोई परमानेंट दुश्मनी नहीं होती है, पता नहीं क्यों लालू जी और तेजस्वी मुझसे नाराज़ हैं।
पप्पू यादव से जब पूछा गया कि आप अपनी जनता को किस तरह से देखते हैं, उनसे क्या अपील करना चाहेंगे। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जनता इतना आशीर्वाद दे रही है, इसके अलावा और क्या चाहिए। शिव की पूजा तो रावण ने भी की थी, दुर्योधन भी गए थे अर्जुन से आशीर्वाद लेने। आशीर्वाद तो अर्जुन को मिला था। मैं अभिन्यू नहीं हूं ना कोई कर्ण हूं। मैं अर्जुन हूं जनता कृष्ण है।
पूरे देश में 140 करोड़ लोगों के दिल में मैं बैठ चुका हूं, आज की तारीख में पूर्णिया को लोग जानना चाहते हैं। पूर्णिया के मान सम्मान की लड़ाई है। यह पप्पू की लड़ाई नहीं रह गई, पूर्णिया के सेंटिमेंट्स और इमोशन की लड़ाई है। मां, बहनों बेटियों और युवाओं की लड़ाई है। यह लड़ाई अब नीजी नहीं सार्वजनिक हो गई है। पूर्णिया की जनता के आशीर्वाद से मैं एक नया इतिहास लिखने जा रहा हूं।












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