मसूद अजहर: UN से ग्लोबल आतंकी घोषित होने के बाद अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन क्या बोले
न्यूयॉर्क। बुधवार को भारत के लिए यूनाइटेड नेशंस (यूएन) से उस जीत की खबर आई, जिसका इंतजार पिछले तीन वर्षों से हो रहा था। यूएन ने आखिरकार जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित कर दिया। यूएन के इस फैसले का अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने स्वागत किया है। अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक की ओर से इस नए घटनाक्रम पर बयान जारी किए गए हैं। साथ ही फ्रांस ने भी इसे एक अहम सफलता करार दिया है। आपको बता दें कि अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन की ओर से अजहर को बैन करने के लिए नया प्रस्ताव लाया गया था।

अब हर देश पर एक जिम्मेदारी
अमेरिकी विदेश विभाग ने यूएन के फैसले पर बयान जारी किया है। विदेश विभाग ने कहा है कि ग्लोबल आतंकी घोषित होने के बाद अब यूएन के हर सदस्य देश पर जिम्मेदारी होगी कि वह अजहर की संपत्ति को बैन कर दे, उस पर ट्रैवल बैन लगाए और साथ ही उस पर हथियारों के प्रयोग से जुड़ा बैन भी लगाए। यूके के विदेश और कॉमनवेल्थ ऑफिस की ओर से इस फैसले को दक्षिण एशिया क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक घटनाक्रम करार दिया है। फ्रांस ने कहा है कि इस कदम से साबित होता है कि उसकी कोशिशें सफल हुई हैं। यूएन के महासचिव एंटोनिया गुटारेशे ने उम्मीद जताई है कि सभी सदस्य देश प्रतिबंध समिति का पालन करेंगे।
पुलवामा आतंकी हमले का गुनाहगार मसूद
फ्रांस, अमेरिका और यूके ने अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के लिए यूएन में नया प्रस्ताव पेश किया था। 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से ही अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने की मांग फिर से जोर पकड़ने लगी थी। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। चीन ने 13 मार्च को चौथी बार अजहर को आतंकी घोषित करने वाले प्रस्ताव पर टेक्निकल होल्ड लगा दिया था। इसके बाद तीनों देशों की ओर से यह प्रस्ताव पेश किया। एक मई को चीन ने अपना टेक्निकल होल्ड हटाया। चीन ने कहा कि उसे अमेरिका, फ्रांस और यूके की ओर से पेश किए प्रस्ताव में कोई भी विरोधाभास नजर नहीं आया।
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