अमेरिका में ख़ुफ़िया जानकारी चुराने के आरोप में चीनी अफ़सर को 60 साल की सज़ा
अमेरिका की एक जूरी एक चीनी अफ़सर को विमानन कंपनियों के राज़ चुराने की साजिश का दोषी पाया है.
अमेरिका के न्याय विभाग के मुताबिक़ शु यैंजुन को आर्थिक मामलों में जासूसी और व्यापार की ख़ुफिया जानकारियां चुराने के पाँच मामलों में दोषी पाया गया है. उन्हें 60 साल की जेल और 50 लाख डॉलर का जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है.
शु को पहली बार साल 2018 में बेल्जियम में गिरफ़्तार किया गया था और मुमकिन है कि इस मामले में क़ानूनी कार्रवाई के लिए अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने वाले वो पहले चीनी व्यक्ति हों.
चीनी अधिकारियों ने शुक्रवार को दिए गए इस फ़ैसले पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की. हालांकि पहले चीन ने सभी आरोपों को ग़लत बताया था और कहा था कि इनका कोई आधार नहीं है.
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अमेरिकी न्याय विभाग ने एक बयान जारी कर कहा है कि शु चीन के सुरक्षा मंत्रालय के जिआंग्शु ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी है. ये एजेंसी काउंटर इंटेलिजेंस, विदेशी इंटेलिजेंस, और आंतरिक सुरक्षा के लिए काम करती है.
शु पर आरोप है कि साल 2013 से उन्होंने अमेरिका की कई कंपनियों के कर्मचारियों को निशाना बनाया. एक मौक़े पर उन्होंने जीई एविएशन कंपनी के एक कर्मचारी के लिए चीन के एक विश्वविद्यालय में प्रेज़ेन्टेशन देने की व्यवस्था भी की थी, साथ ही उनकी यात्रा और स्टाइपेंड का ख़र्च भी उठाया था.
कई जानकारियां मांगने का आरोप
इसके अगले साल शु ने उसी एक्सपर्ट से "सिस्टम और डिज़ाइन प्रोसेस" से जुड़ी जानकारियां देने के लिए कहा. जांच एजेंसी एफ़बीआई के साथ काम करने वाली एक कंपनी के साथ मिलकर उस कर्मचारी ने शु को दो पन्नों के दस्तावेज़ ईमेल किए और बताया कि उनमें ख़ुफ़िया जानकारियां हैं.
कुछ समय बाद शु ने कर्मचारी से उनके कंप्यूटर की फ़ाइल डायरेक्टरी की एक कॉपी मांगी. शु ने बेल्जियम में कर्मचारी के मिलने की कोशिश की जिसके बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया.
एफ़बीआई के असिस्टेंट डायरेक्टर एलेन कोहलर ने कहा, "जिन्हें चीन की असल मंशा पर शक़ है, इस घटना से उनकी नींद खुल जानी चाहिए. वो अपनी अर्थव्यवस्था और सैन्य क्षमता में सुधार के लिए अमेरिकी तकनीक चुरा कर रहे हैं."
ये आरोप ऐसे समय में सामने आया है जब चीन और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा है. चीन ने हाल ही में एक हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया है और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वो चीनी सेना से ताइवान की रक्षा करेंगे.
सीएनएन के मुताबिक़ सीआईए के डायरेक्टर बिल बर्न्सन ने तकनीक के मामले में चीन को अमेरिका के लिए बहुत बड़ा ख़तरा बताया है. पिछले महीने उन्होंने कहा था कि उनकी खुफ़िया एजेंसी चीन के ख़िलाफ अपना अभियान तेज़ करेगी.
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