Chinese Loan Apps: सावधान! चाइनीज मोबाइल एप से लोन लेने वाले फंस रहे हैं जाल में
पिछले कुछ समय से चाइनीज लोन ऐप्स द्वारा फ्रॉड के मामले बहुत ज्यादा गंभीर हो गए हैं। सरकारी एजेंसियां लगभग हर महीने फ्रॉड चाइनीज लोन ऐप्स के ठिकानों पर छापे मार रही हैं।

Chinese Loan Apps: भारत में आज के समय में अनेक चाइनीज लोन ऐप्स आ गए हैं जो आम जनता को ट्रेडिशनल बैंक्स के मुकाबले बहुत ज्यादा दरों पर तुरंत लोन देते हैं। यही नहीं, जो इंटरेस्ट वे चार्ज करते हैं वह भी 15% से 40% के बीच होता है। देश में इन चाइनीज ऐप्स से लोन लेने वालों की कमी नहीं है, और जब ये लोग चाइनीज ऐप्स का लोन नहीं चुका पाते तब उनके एजेंट इन लोगों को बुरी तरह प्रताड़ित और ब्लैकमेल करते हैं।
ऐसा ही एक मामला नवंबर 2020 में सामने आया, जब साईं अलविन नामक व्यक्ति ने एक चाइनीज ऐप से मात्र ₹3000 का लोन लिया लेकिन जब वह इसे चुकाने में असक्षम रहे, तब उस चाइनीज ऐप ने साई के फोन की फोटो गैलरी और उसकी कांटेक्ट लिस्ट के माध्यम से उन्हें उत्पीड़ित किया, जिसके बाद साईं ने आत्महत्या कर ली।
भारत में चाइनीज लोन ऐप्स का आतंक
भारत में 1100 के लगभग डिजिटल लोन ऐप्स मौजूद हैं और इनमें तकरीबन 600 गैरकानूनी रूप से ऑपरेट कर रही हैं। गौरतलब है कि इन 600 ऐप्स में से ज्यादातर चाइनीज डिजिटल लोन ऐप्स हैं। 1 अप्रैल 2021 से 30 नवंबर 2022 के बीच इन चाइनीज लोन ऐप्स और उनके रिकवरी एजेंट्स के खिलाफ लगभग 12,907 मामले पुलिस द्वारा दर्ज किए गए हैं। कुछ हफ्ते पहले ही 15 चाइनीज लोन ऐप्स के बहुत कम दरों पर लोन देने और फर्जीवाड़ा करने के मामले में ₹300 करोड़ दिल्ली पुलिस द्वारा बरामद किए गए थे।
कौन लोग हैं इन चीनी ऐप्स के निशाने पर
चीन विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत में डिजिटल लोन सेवाओं की शुरुआत कर चुका है। यह प्लेटफॉर्म अक्सर उच्च ब्याज दरों पर लोगों और छोटे व्यवसायों के लिए ऋण देते हैं। यह डिजिटल लोन सेवाएं भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं क्योंकि चाइनीज ऐप्स बहुत आसानी से लोन प्रदान करती है, विशेष रूप से जिनकी कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है या ट्रेडिशनल बैंक्स से लोन लेने में सफल नहीं हो पाते।
सरकार का क्या स्टैंड है
राज्यसभा में डिजिटल लैंडिंग ऐप्स के मामले में सवाल पूछे जाने पर केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि चीनी ऐप्स के बारे में जो मुद्दा उठाया जा रहा है और इनमें से कुछ ऐप द्वारा आम लोगों को कैसे परेशान और धोखा दिया जा रहा है, इसलिए कुछ कार्रवाई को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि "पिछले 6-7 महीनों में, मैंने RBI के प्रतिनिधियों और मंत्रालय में अपने सचिवों के साथ व्यक्तिगत बैठकें की हैं। बहुत सारे ऐसे ऐप जो बुरी तरह से दुरुपयोग कर रहे हैं। इसलिए ऐसे ऐप्स को रोकने के लिए प्रयास किया जा रहा है और ऐसे ऐप्स का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।" RBI ने भी इस मामले की गंभीरता को समझते हुए डिजिटल लोन ऐप्स की व्हाइट लिस्ट बनाने की बात कही है, इस लिस्ट में जो भी डिजिटल लोन ऐप्स होंगे वो पूरी तरह भारतीय और विश्वसनीय होंगे।
चाइनीज लोन ऐप्स और भरोसेमंद लोन ऐप्स में फर्क
भारत में चीनी लोन ऐप और भरोसेमंद लोन ऐप के बीच अंतर करने का सबसे मुख्य तरीका है कि RBI की वेबसाइट पर देखना कि यह ऐप RBI के साथ रजिस्टर्ड है या नहीं। RBI के साथ रजिस्ट्रेशन देखने के साथ एक और चीज देखना जरूरी है कि कोई भी लोन ऐप आप को लोन देने से पहले प्रॉपर पेपर वर्क करता है या नहीं। अगर कोई ऐप सही तरीके से पेपर वर्क नहीं करता तो उसके फर्जी होने की संभावना है क्योंकि RBI के नियमों के अनुसार किसी भी व्यक्ति को लोन देने से पहले बैंक को सही तरह से पेपर वर्क पूरा करना अनिवार्य है।
चाइनीज लोन ऐप का पता लगाने का दूसरा तरीका यह है कि क्या कोई लोन ऐप आपसे आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के बारे में जानकारी ले रहा है? अगर कोई ऐप आपको आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के बेस पर लोन देता है तो उसके भरोसेमंद होने की संभावना है क्योंकि ज्यादातर चाइनीज लोन ऐप आपसे आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के बारे में नहीं पूछते।
किसी भी चाइनीज लोन ऐप को पता लगाने का एक और तरीका है। दरअसल, यह देखा जा सकता है क्या उस लोन ऐप का भारत में कोई पता है? अगर उस लोन ऐप का भारत में कोई एड्रेस नहीं है तो उसके फ्रॉड होने की पूरी संभावना है।
सरकारी एजेंसियों के पिछले कुछ साल में चाइनीज लोन ऐप्स के फर्जीवाड़े पर एक्शन!
● जुलाई 2022 में करोड़ों का चाइनीज लोन ऐप ऑपरेट करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया और वे चाइनीज लोन ऐप फर्मों के साथ मिलकर पूरे भारत में लोगों से जबरन वसूली करने वाले रैकेट में भी शामिल थे।
● सितंबर 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चाइनीज लोन एप मामले में ईजबज, रेजरपे, कैशफ्री और पेटीएम के विभिन्न बैंक खातों और वर्चुअल खातों में रखे ₹46.67 करोड़ का पता लगाया और फ्रीज कर दिया।
● दिसंबर 2022 में नोएडा पुलिस ने एक चाइनीज लोन ऐप कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया और लैपटॉप, डेस्कटॉप, डायलर, कैश आदि बरामद किए। ये लोग ग्राहकों को कर्ज चुकाने के बदले उनकी मॉर्फ्ड फोटो भेजकर उनसे पैसे वसूलते थे।
● सितंबर 2022 में ED ने कोलकाता में छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकदी जब्त की, जो चीन से जुड़े ऋण ऐप से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में थी और वहां से कुल ₹7 करोड़ जब्त किए गए।
● अक्टूबर 2022 में ED ने चाइनीज लोन ऐप मामले से संबंध में बेंगलुरु में 5 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया और विभिन्न मर्चेंट आईडी और बैंक खातों में पड़े ₹78 करोड़ की राशि जब्त की।
Recommended Video

● अगस्त 2021 में ED ने चीन के नियंत्रण वाली एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) की करीब ₹107 करोड़ की धनराशि जब्त की।
यह भी पढ़ें: SwasthGarbh मोबाइल app क्या है ? गर्भवती महिलाओं के लिए IIT रुड़की और AIIMS दिल्ली ने विकसित किया है
-
Gold Silver Rate Today: सोने चांदी में जबरदस्त गिरावट, गोल्ड 8000, सिल्वर 13,000 सस्ता, अब ये है लेटेस्ट रेट -
Silver Rate Today: चांदी में हाहाकार! 13,606 रुपये की भारी गिरावट, 100 ग्राम से 1 किलो की कीमत जान लीजिए -
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच धराशायी हुआ सोना! 13,000 सस्ता, 18K और 22k गोल्ड की ये है कीमत -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट, कहां पहुंचा रेट? -
Bengaluru Metro Pink Line: मेट्रो पिंक लाइन का शुरू हो रहा ट्रायल, जानें रूट और कब यात्री कर सकेंगे सवारी? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर -
15289 करोड़ रुपये में बिक गई राजस्थान रॉयल्स, कौन हैं खरीदने वाले काल सोमानी, IPL से पहले मचा तहलका -
US Iran War: 5 दिन के सीजफायर की बात, 10 मिनट में Trump का पोस्ट गायब! ईरान ने कहा- 'हमारे डर से लिया फैसला’












Click it and Unblock the Notifications