Microsoft Chinese malware पर भड़का, गुआम में सिस्टम पर 'अटैक' के बाद आरोप- चीनी सरकार के हैकिंग ग्रुप ने किया
माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि चीनी मालवेयर से अमेरिका के गुआम में कंप्यूटर सिस्टम प्रभावित हुए हैं। रहस्यमयी कोड के सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। आरोप चीनी सरकार के हैकिंग ग्रुप पर लगाए गए हैं।

Microsoft Chinese Malware के इस्तेमाल से खफा है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और माइक्रोसॉफ्ट ने एक रहस्यमय कंप्यूटर कोड का पता लगाया है। इससे गुआम और अमेरिका में दूरसंचार प्रणालियों पर असर पड़ा है।
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि जिस मैलवेयर से सिस्टम हिट हुए हैं, इस कोड को एक चीनी सरकार हैकिंग समूह ने डेवलप और इंस्टॉल किया है।
अमेरिका के लिए क्यों अहम है गुआम
गुआम में सिस्टम पर मैलवेयर का अटैक चिंताजनक इसलिए हैं क्योंकि खतरा कई गुणा बढ़ जाता है। गुआम प्रशांत बंदरगाहों और विशाल अमेरिकी हवाई ठिकाने के साथ, ताइवान के आक्रमण या नाकाबंदी के लिए किसी भी अमेरिकी सैन्य प्रतिक्रिया का केंद्र बिंदु है।
द न्यू यॉर्क टाइम्स के अनुसार, कोड (Chinese Malware) को चुपके से स्थापित किया गया था, कभी-कभी घुसपैठ को ट्रैक करने के लिए कठिन बनाने के लिए राउटर और अन्य सामान्य इंटरनेट यूजर्स के डिवाइस में भी चीनी मैलवेयर पाया गया।
Microsoft और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी को बुधवार को कोड के विवरण प्रकाशित करने को कहा गया था। इससे कॉर्पोरेट यूजर्स, निर्माताओं और अन्य लोगों के लिए चीनी मैलवेयर का पता लगाना और इसे हटाना संभव बन जाएगा।
समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार मैलवेयर के इस कोड को "वेब शेल" कहा जाता है। ये दुर्भावनापूर्ण स्क्रिप्ट होती है जिससे सर्वर पर स्टोर संवेदनशील जानकारी रिमोट लोकेशन तक पहुंचाई जा सकती है।
द न्यू यॉर्क टाइम्स के अनुसार, होम राउटर विशेष रूप से कमजोर हैं, विशेष रूप से पुराने मॉडल जिनके पास सॉफ़्टवेयर अपडेट और सिक्योरिटी फीचर नहीं हैं। Microsoft ने हैकिंग समूह को "वोल्ट टाइफून" बताया है।
माइक्रोसॉफ्ट का आरोप है कि मैलवेयर अटैक का ये मामला चीनी सरकार की तरफ से प्रायोजित प्रयास का हिस्सा था। इसका मकसद न केवल संचार, बिजली और गैस उपयोगिताओं जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, बल्कि समुद्री संचालन और परिवहन पर नजर के साथ-साथ कंट्रोल रखना भी है।
फिलहाल, मैलवेयर को जासूसी अभियान का प्रयास माना जा सकता है लेकिन चीनी इस कोड का उपयोग फ़ायरवॉल को चकमा देने में भी कर सकते हैं, क्योंकि इसकी डिज़ाइन ही इस तरह की है। यदि चीन चाहे तो आने वाले दिनों में विनाशकारी साइबर हमले किए जा सकेंगे।
माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, फिलहाल, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि चीनी समूह ने किसी आक्रामक हमले के लिए गुआम में मिली एक्सेस का इस्तेमाल किया है। रूसी समूहों के विपरीत, चीनी खुफिया और सैन्य हैकर आमतौर पर जासूसी को ही प्राथमिकता देते हैं।
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साक्षात्कार में, प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि उनका मानना है कि कोड (Chinese Malware) एक विशाल चीनी खुफिया संग्रह प्रयास का हिस्सा था। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार हाल ही में साइबरस्पेस, बाहरी अंतरिक्ष और अमेरिकी क्षेत्र में चीनी गुब्बारे की घटना का विस्तार से जिक्र किया है।
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