अमेरिका में एक और खतरनाक वायरस की दस्तक, दो दशक बाद मिला मंकीपॉक्स का पहला केस
वाशिंगटन, 16 जुलाई। कोरोना वायरस के कहर से बुरी तरह प्रभावित रहे अमेरिका में एक और खतरनाक वायरस ने दस्तक दे की है। दो दशकों में पहली बार अमेरिका के टेक्सास में खतरनाक मंकीपॉक्स बीमारी का दुर्लभ केस सामने आया है। अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने इस बारे में पुष्टि की है। लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक मरीज अमेरिकी नागरिक और कुछ दिन पहले ही नाइजीरिया से लौटा था।

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मरीज को डलास के एक अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया है। इसके साथ ही सीडीसी ने एयरलाइन और राज्य की स्थानीय स्वास्थ्य एजेंसी के साथ मिलकर मरीज के संपर्क में आए लोगों को ट्रेस करना शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक शख्स नाइजीरिया के लागोस से 8 जुलाई को अटलांटा पहुंचा था और 9 जुलाई को अटलांटा से डालास आया था।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक मंकीपॉक्स का अकेला मामला खतरे की वजह नहीं है और इसके चलते आम जनता को कोई खतरा नहीं है।
2003 में अमेरिका में मिला था मंकीपॉक्स का मामला
2003 में मंकीपॉक्स वायरस का प्रकोप देखा गया था। तब इस वायरस से संक्रमित 47 मरीजों का पता चला था। उसके बाद अमेरिका में मंकीपॉक्स से होने वाली बीमारी के एक भी केस सामने नहीं आया है।
मंकीपॉक्स एक संक्रामक वायरस है और यह सांस के माध्यम से भी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है। हालांकि सीडीसी का कहना है कि ऐसा होने की संभावना बहुत कम है क्योंकि कोविड-19 के चलते ऐसा होने की संभावना काफी कम है क्योंकि एयरलाइंस और अमेरिकी हवाई अड्डों पर मास्क पहनना अनिवार्य है, जिससे हवा में मौजूद पदार्थों के जरिए वायरस के संक्रमण का जोखिम कम हो जाता है।
क्या है मंकीपॉक्स?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार मंकीपॉक्स एक दुर्लभ लेकिन संभावित रूप से गंभीर वायरल बीमारी है। यह ज्यादातर मध्य और पश्चिमी अफ्रीका के दूरदराज के हिस्सों में पाया जाता है। वैसे तो यह वायरस जानवरों में रहता है लेकिन कभी-कभी यह जानवरों से लोगों में पहुंच जाता है।
मंकीपॉक्स, चेचक के समान विषाणुओं के परिवार में है, लेकिन यह अपेक्षाकृत कम संक्रमण का कारण बनता है। यह आम तौर पर फ्लू जैसी बीमारी और गले की सूजन से शुरू होता है। इसमें चेहरे और शरीर पर बड़ी मात्रा में दाने उभर आते हैं। अधिकांश इसका संक्रमण दो-चार सप्ताह तक चलता है।
कैसे फैलता है?
वायरस मुख्य रूप से हवा के जरिए फैलता है जो आंख, मुंह और नाक के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के घावों या शरीर के तरल पदार्थ के संपर्क में आने पर भी मंकीपॉक्स फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के कपड़े, बिस्तर के संपर्क में आना भी संक्रमण की वजह बन सकता है।












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