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Top 5 Army Heroes 2025: ये 5 भारतीय सेना के जवान बने साल के सबसे बड़े हीरो, कारनामे जान सीना हो जाएगा चौड़ा

Top 5 Army Heroes 2025: साल 2025 भारत के लिए घटनाओं, संघर्षों और गर्व के लम्हों से भरा रहा। आतंक के खिलाफ कड़ा जवाब हो या दुनिया के सामने भारत की सैन्य ताकत का प्रदर्शन, भारतीय सेना और वायुसेना के कई चेहरे पूरे साल सुर्खियों में रहे। ऑपरेशन सिंदूर ने जहां देश की सुरक्षा नीति को नए सिरे से परिभाषित किया, वहीं अंतरिक्ष तक पहुंचते भारतीय सैन्य अधिकारी ने भारत की क्षमताओं का डंका पूरी दुनिया में बजाया।

इन सबके बीच कुछ नाम ऐसे रहे, जिन्होंने अपने साहस, सोच और नेतृत्व से देश को गर्व करने का मौका दिया। आइए जानते हैं 2025 के उन पांच भारतीय सेना के नायकों के बारे में, जिनकी चर्चा हर मंच पर होती रही।

Top 5 Army Heroes 2025

1. कर्नल सोफिया कुरैशी: जब महिला अफसर बनीं भारत की सख्त आवाज

Colonel Sofia Qureshi: ऑपरेशन सिंदूर की सबसे यादगार तस्वीरों में कर्नल सोफिया कुरैशी का चेहरा साफ नजर आता है। सीमा पार आतंकी ठिकानों पर भारत की कार्रवाई के बाद जब दुनिया की नजरें दिल्ली पर टिकी थीं, तब प्रेस ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरैशी ने आत्मविश्वास के साथ भारत का पक्ष रखा।

Colonel Sofia Qureshi

सिग्नल कोर की वरिष्ठ अधिकारी सोफिया कुरैशी इससे पहले भी इतिहास रच चुकी हैं। वह संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी रही हैं। 2025 में उन्होंने न सिर्फ सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी, बल्कि यह भी दिखाया कि भारतीय सेना में नेतृत्व अब पूरी तरह बदल चुका है।

2. विंग कमांडर व्योमिका सिंह: आसमान से संदेश देने वाली जांबाज पायलट

Wing Commander Vyomika Singh: ऑपरेशन सिंदूर की प्रेस ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरैशी के साथ जिस दूसरे चेहरे ने लोगों का ध्यान खींचा, वह थीं विंग कमांडर व्योमिका सिंह। भारतीय वायुसेना की यह हेलीकॉप्टर पायलट अपनी शांत लेकिन सटीक भाषा के लिए चर्चा में रहीं।

Wing Commander Vyomika Singh

एनसीसी से शुरुआत कर इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने वाली व्योमिका सिंह को 2019 में फ्लाइंग ब्रांच में स्थायी कमीशन मिला था। 2025 में उन्होंने साबित किया कि भारतीय वायुसेना की नई पीढ़ी सिर्फ उड़ान भरना ही नहीं जानती, बल्कि रणनीतिक संवाद में भी पूरी तरह सक्षम है।

3. एयर मार्शल ए.के. भारती: रामचरितमानस से दिया सख्त संदेश (Air Marshal A. K. Bharti)

पहलगाम आतंकी हमले के बाद जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था, तब एयर मार्शल ए.के. भारती का बयान सोशल मीडिया पर छा गया। तीनों सेनाओं की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने रामचरितमानस की पंक्तियों का जिक्र करते हुए जो संदेश दिया, उसने देश और दुश्मन दोनों को साफ संकेत दे दिया।

डायरेक्टर जनरल एयर ऑपरेशंस के रूप में एयर मार्शल भारती ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई एयर स्ट्राइक पूरी तरह सटीक रही और तय लक्ष्यों पर मनचाहा असर पड़ा। उनका आत्मविश्वास और रणनीतिक स्पष्टता 2025 की सबसे चर्चित सैन्य आवाजों में शामिल रही।

एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा था, "मैं आपको रामचरित मानस की कुछ पंक्तियां याद दिलाऊंगा, याद कीजिए वह पंक्ति- 'विनय न माने जलधि जड़, गए तीनि दिन बीति। बोले राम सकोप तब भय बिनु होय ना प्रीति'। समझदार के लिए इशारा काफी है।" इसके अलावा उन्होंने 'किराना हिल्‍स' के आसपास हुए बमबारी पर भी प्रतिक्रिया दी थी। मीडिया रिपोर्ट की माने तो किराना हिल्‍स वही जगह है, जहां पाकिस्‍तान अंडरग्राउंड परमाणु बम का टेस्‍ट कर रहा है।

4. ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला: जब वायुसेना का अफसर पहुंचा अंतरिक्ष

Group Captain Shubhanshu Shukla: 2025 में अगर किसी एक नाम ने अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरीं, तो वह थे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला। Axiom-4 मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक पहुंचने वाले वह पहले भारतीय बने। राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय के रूप में उन्होंने इतिहास रचा।

Group Captain Shubhanshu Shukla

भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट रहे शुभांशु शुक्ला के पास 2000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव है। अंतरिक्ष में रहते हुए उन्होंने जैव विज्ञान, स्वास्थ्य और टिकाऊ जीवन से जुड़े कई प्रयोग किए। उनका सफर इस बात का प्रतीक बना कि भारतीय सेना के अधिकारी अब धरती से लेकर अंतरिक्ष तक देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

5. जनरल उपेंद्र द्विवेदी: नेतृत्व, संतुलन और रणनीति का चेहरा (General Upendra Dwivedi)

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी 2025 में लगातार चर्चा में रहे। 30वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में उन्होंने ऐसे दौर में कमान संभाली, जब देश की सीमाओं पर चुनौतियां लगातार बनी रहीं। उत्तरी कमान से लेकर उप सेना प्रमुख तक के अनुभव ने उन्हें एक संतुलित और सख्त नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित किया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना की रणनीति और संयम दोनों उनके नेतृत्व की झलक दिखाते हैं।

साल 2025 ने यह साफ कर दिया कि भारतीय सेना के ये चेहरे सिर्फ वर्दीधारी अधिकारी नहीं, बल्कि बदलते भारत की ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक हैं। उनके कारनामे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे और देश का सिर गर्व से ऊंचा रखते रहेंगे।

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