बॉलीवुड की पहली 'लेडी सुपरस्टार' ने 4 Minute तक किया था Kiss, हीरो के छूट गए थे पसीने, फिर मचा था ऐसा बवाल
Devika Rani 4 Minute Long Kiss: जब भी हिंदी सिनेमा की लेडी सुपरस्टार की बात होती है, तो ज्यादातर लोग श्रीदेवी (Sridevi) का नाम लेते हैं लेकिन सच इससे कहीं पुराना और दिलचस्प है। दरअसल ये खिताब उस दौर की मशहूर एक्ट्रेस देविका रानी को मिला था, जिन्होंने करीब 92 साल पहले अपने शानदार अभिनय और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस से हिंदी सिनेमा पर राज किया था।
सबसे महंगी एक्ट्रेस थीं देविका रानी
देविका रानी ने भले ही लंबे समय तक फिल्मों में काम न किया हो लेकिन अपने लगभग एक दशक के करियर में उन्होंने हिट फिल्मों की झड़ी लगा दी थी। देविका रानी उस दौर की सबसे महंगी एक्ट्रेस थीं।

हिंदी सिनेमा की पहली लेडी सुपरस्टार थीं देविका रानी
देविका रानी का नाम सबसे अमीर अभिनेत्रियों में शामिल था। उनकी लोकप्रियता हर फिल्म के साथ बढ़ती चली गई थी। यही वजह थी कि उन्हें हिंदी सिनेमा की पहली लेडी सुपरस्टार कहा गया था।
1933 में दिया ऐसा किसिंग सीन, जिसे देखकर चौंक गए थे लोग
-आज के दौर में ऑन-स्क्रीन रोमांस आम बात है लेकिन 1930 के दशक में ये कल्पना से भी परे था। हालांकि साल 1933 में देविका रानी ने फिल्म 'कर्मा' (Karma) में एक ऐसा सीन दिया जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया।
-ये किसिंग सीन करीब 4 मिनट लंबा था। इसे भारतीय सिनेमा का सबसे लंबा किस माना जाता है। 92 साल बाद भी ये रिकॉर्ड कायम है। ये फिल्म हिमांशु राय (Himanshu Rai) ने बनाई थी, जो उस समय लंदन से लौटकर भारतीय सिनेमा को नई दिशा देने में जुटे थे।
4 मिनट के किसिंग सीन को लेकर हुआ था विवाद
इस 4 मिनट के किसिंग सीन को लेकर उस समय काफी विवाद हुआ था। समाज के कई वर्गों ने इसका जमकर विरोध किया था लेकिन इसके बावजूद ये सीन इतिहास का हिस्सा बन गया। दिलचस्प बात ये है कि फिल्म में देविका रानी के साथ किसिंग सीन करने वाले कोई और नहीं बल्कि उनके पति हिमांशु राय ही थे।
देविका रानी का जन्म और पढ़ाई
-देविका रानी का जन्म 30 मार्च 1908 को मद्रास प्रेसिडेंसी (वर्तमान में आंध्र प्रदेश) में हुआ था। 9 साल की उम्र में देविका को इंग्लैंड भेज दिया गया था। देविका रानी ने Royal Academy of Dramatic Art से अभिनय की पढ़ाई की थी।
-इसके अलावा देविका रानी ने Royal Academy of Music से संगीत की शिक्षा प्राप्त की थी। आर्किटेक्चर, टेक्सटाइल और डेकोर डिजाइन में भी उन्होंने डिग्री ले रखी थी। उन्होंने कुछ समय तक टेक्सटाइल इंजीनियर के रूप में भी काम किया था।
हिमांशु राय से मुलाकात और फिल्मी सफर की शुरुआत
-साल 1928 में देविका रानी की मुलाकात हिमांशु राय से हुई थी जो उस समय एक मशहूर फिल्ममेकर हुआ करते थे। उन्होंने देविका रानी की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें फिल्म 'ए थ्रो ऑफ डाइस' (A Throw of Dice) से जोड़ा था।
-हालांकि शुरुआत में देविका रानी एक अभिनेत्री नहीं बल्कि कॉस्ट्यूम डिजाइनर और आर्ट डिपार्टमेंट में काम कर रही थीं। यहीं से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में दोनों ने शादी कर ली थी।
देविका रानी ने फिल्मों से बनाई दूरी और शुरू की नई जिंदगी
साल 1933 में भारत लौटने के बाद देविका रानी ने फिल्म 'कर्मा' में लीड रोल निभाया था और स्टारडम हासिल किया था। हालांकि पति हिमांशु राय के निधन के बाद स्टूडियो में विवाद बढ़ने लगे थे, जिसके चलते देविका रानी ने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली थी। बाद में उन्होंने रूसी चित्रकार Svetoslav Roerich से शादी की थी और बेंगलुरु में सेटल हो गई थीं।
देविका रानी को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए कई बड़े सम्मान मिले हैं-
पद्मश्री- (1958)
दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड- (1970)
सोवियत लैंड नेहरू अवॉर्ड- (1990)
भारतीय सिनेमा की नींव मजबूत बनाने वाली एक्ट्रेस थीं देविका रानी
-जानकारी के अनुसार 9 मार्च 1994 को देविका रानी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था लेकिन उनका योगदान आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
-देविका रानी सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं थीं बल्कि भारतीय सिनेमा की नींव मजबूत करने वाली एक अग्रणी शख्सियत थीं। उन्होंने उस दौर में वो किया, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल था।












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