Pink Card Truth: एक बस के बाद दूसरी में नहीं चलेगा कार्ड? CM रेखा गुप्ता ने तोड़ दी ‘ट्रैवल लिमिट' वाली अफवाह
Delhi Saheli Pink Smart Card Truth: दिल्ली में महिलाओं के लिए शुरू किया गया 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड' इन दिनों चर्चा में है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि इस कार्ड से एक बार बस में सफर करने के बाद दूसरी बस में दोबारा टैप नहीं किया जा सकता। इस दावे ने हजारों महिलाओं के बीच भ्रम पैदा कर दिया। लेकिन अब खुद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सामने आई हैं और इस पूरे मामले की सच्चाई साफ कर दी है।
'ट्रैवल लिमिट' सिर्फ अफवाह
सीएम रेखा गुप्ता ने वीडियो संदेश जारी कर साफ कहा कि पिंक कार्ड पर ट्रैवल लिमिट की बात पूरी तरह झूठ है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक लोग जानबूझकर अफवाह फैला रहे हैं कि अगर कोई महिला एक बस से उतरकर दूसरी बस में चढ़ती है तो कार्ड काम नहीं करेगा। सीएम के मुताबिक, "आपका पिंक कार्ड 100% काम कर रहा है। आप एक बस से उतरकर 5, 10 या 20 मिनट बाद दूसरी बस में चढ़ें, कार्ड पूरी तरह वैलिड रहेगा।"

विपक्ष पर साधा निशाना
सीएम रेखा गुप्ता ने इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (AAP) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक प्रोपेगेंडा का हिस्सा है, जिससे महिलाओं के लिए शुरू की गई इस सुविधा को बदनाम किया जा सके। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि "आपदा को बेटियों की साइकिल खटक रही है, तो पिंक कार्ड कैसे सुहाएगा।"
कैसे काम करता है पिंक कार्ड?
सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड दरअसल दिल्ली सरकार की एक डिजिटल पहल है, जो महिलाओं और ट्रांसजेंडर के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देता है। यह पहले मिलने वाले पिंक टिकट की जगह एक आधुनिक सिस्टम के तौर पर लाया गया है। इस कार्ड को बस में चढ़ते समय मशीन पर टैप करना होता है, जिससे हर यात्रा का रिकॉर्ड दर्ज होता है। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनती है और किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम होती है।
रोज 20 लाख महिलाएं कर रहीं सफर
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में रोजाना करीब 75 लाख बस यात्राएं होती हैं, जिनमें से लगभग 20 लाख ट्रिप महिलाएं करती हैं। पहले इन यात्राओं का कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं होता था, जिससे आंकड़ों में गड़बड़ी की आशंका बनी रहती थी। लेकिन अब पिंक कार्ड के जरिए हर ट्रिप का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जा रहा है, जिससे सरकार सीधे भुगतान कर रही है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो गई है।
भ्रष्टाचार रोकने में मदद
सरकार का दावा है कि इस कार्ड से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कोई भी फर्जी क्लेम या गड़बड़ी नहीं हो पाएगी। जितनी बार कार्ड इस्तेमाल होगा, उतनी ही बार का डेटा रिकॉर्ड होगा और उसी हिसाब से पेमेंट किया जाएगा। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना किसी निजी व्यक्ति को फायदा पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह महिलाओं के हित में बनाई गई है।
दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि अगले तीन महीने तक सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड बनाए जाएंगे। इसके लिए 50 से ज्यादा केंद्रों पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है। महिलाएं बिना किसी जल्दबाजी के आराम से अपना कार्ड बनवा सकती हैं और जितनी बार चाहें, बस में मुफ्त सफर कर सकती हैं।
सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड को लेकर फैलाई जा रही ट्रैवल लिमिट की खबरें पूरी तरह गलत साबित हो चुकी हैं। सीएम रेखा गुप्ता के मुताबिक, यह योजना पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और महिलाओं के हित में है। ऐसे में महिलाओं को किसी भी अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है और वे बेफिक्र होकर इस सुविधा का लाभ उठा सकती हैं।












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