Nitish Kumar Resigns: नीतीश कुमार का बड़ा फैसला, MLC पद से इस्तीफा, मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने पर सस्पेंस
Nitish Kumar Resignation News: बिहार की राजनीति में आज बड़ा अपडेट सामने आया है। नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से औपचारिक तौर पर इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा MLC संजय गांधी लेकर विधान परिषद पहुंचे और सभापति सौंप दिया। 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उन्हें 30 मार्च तक इस्तीफा देना अनिवार्य था।
विजय चौधरी ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री अब राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं, इसलिए यह पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि आज ही इस्तीफा देना जरूरी था और प्रक्रिया पूरी कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, यह त्यागपत्र एमएलसी संजय गांधी के जरिए भी सभापति को सौंपा गया।

इस बीच सीएम हाउस में भी राजनीतिक हलचल तेज रही। सुबह 9 बजे से ही राजीव रंजन (ललन सिंह), संदय झा और विजय चौधरी मौजूद रहे। वहीं वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद बाहर निकल गए। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि अंदरखाने रणनीतिक चर्चाएं जारी थीं।
मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने पर सस्पेंस
दरअसल नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद नियमों के तहत उन्हें विधान परिषद की सदस्यता छोड़ना अनिवार्य था, जो उन्होंने कर दिया है।
हालांकि, एमएलसी पद से इस्तीफा देने के बावजूद उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कोई तत्काल असर नहीं पड़ेगा। संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक वे बिना किसी सदन के सदस्य बने भी अगले छह महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं।
नीतीश कुमार अब देश के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद-चारों सदनों की सदस्यता हासिल की है। यह उपलब्धि उन्हें भारतीय राजनीति में एक अलग पहचान देती है।
CM पद पर क्या होगा असर? (Impact on Chief Minister post)
सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर नीतीश कुमार MLC पद छोड़ते हैं, तो क्या उन्हें मुख्यमंत्री पद भी छोड़ना पड़ेगा? इस पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार चाहें तो बिना किसी तकनीकी बाधा के 6 महीने तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं। संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत, कोई भी व्यक्ति जो किसी सदन का सदस्य नहीं है, वह 6 महीने तक मंत्री या मुख्यमंत्री रह सकता है।
इस प्रावधान के तहत नीतीश कुमार के पास सितंबर 2026 तक का समय होगा। इस अवधि के भीतर उन्हें या तो विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। यानी फिलहाल सरकार पर कोई तत्काल खतरा नहीं है।
जेडीयू की बैठक और अंदर की हलचल
रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू नेताओं की अहम बैठक हुई। इसमें कई बड़े नेता शामिल हुए, जिनमें अनंत सिंह, ललन सिंह और विजय चौधरी जैसे नाम शामिल हैं। मोकामा विधायक अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार को इस्तीफा न देने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। इससे साफ संकेत मिलता है कि इस्तीफा लगभग तय माना जा रहा है।
बिहार विधानमंडल में 29 मार्च तक अवकाश था, जिसके कारण इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। अब 30 मार्च को यह औपचारिकता पूरी की जाएगी। इसी वजह से दोनों नेताओं के इस्तीफे में देरी हुई और अब आखिरी दिन पर सबकी नजरें टिकी हैं।
नितिन नबीन ने भी दिया इस्तीफा
उधर नितिन नबीन के इस्तीफे को लेकर बना सस्पेंस भी अब खत्म हो गया है। बीजेपी अध्यक्ष ने रविवार (29 मार्च) को ही बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को अपना इस्तीफा सौंप दिया था, जिसे आज औपचारिक रूप से जमा किया जाएगा। संजय सरावगी ने बताया कि नितिन नबीन का असम जाना जरूरी था, इसलिए उन्होंने पहले ही इस्तीफा सौंप दिया। वहीं नितिन नबीन ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वह बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
कुल मिलाकर, बिहार की सियासत में आज का दिन अहम साबित हुआ है। एक तरफ नीतीश कुमार ने संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की, तो दूसरी तरफ नितिन नवीन ने भी इस्तीफे की औपचारिकता पूरी कर दी, जिससे आगे की राजनीतिक तस्वीर और साफ हो गई है।
राज्यसभा के लिए चुने गए अन्य नेताओं में उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर पहले से ही राज्यसभा सदस्य हैं। वहीं शिवेश कुमार राम किसी सदन के सदस्य नहीं थे। इस वजह से इन तीनों को किसी पद से इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है।
बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम है। एक तरफ संवैधानिक प्रक्रिया पूरी हुई है, तो दूसरी तरफ इससे आगे की राजनीतिक रणनीति भी तय होगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि नीतीश कुमार और नितिन नवीन कब और कैसे अपना इस्तीफा देते हैं।
FAQs
Q1. क्या नीतीश कुमार आज MLC पद से इस्तीफा देंगे?
संभावना काफी मजबूत है, क्योंकि आज 14 दिन की संवैधानिक समयसीमा का आखिरी दिन है।
Q2. क्या इस्तीफा देने के बाद वे मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं?
हाँ, संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत वे 6 महीने तक CM बने रह सकते हैं।
Q3. नितिन नवीन का इस्तीफा क्यों चर्चा में है?
क्योंकि वे अभी तक इस्तीफा नहीं दे पाए हैं और उनका शेड्यूल काफी व्यस्त है, जिससे सस्पेंस बना हुआ है।
Q4. अगर 6 महीने में सदस्य नहीं बने तो क्या होगा?
उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ेगा।
Q5. क्या बिहार में सरकार पर कोई खतरा है?
फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है, क्योंकि संवैधानिक प्रावधान सरकार को स्थिर बनाए रखते हैं।












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