कोर्ट का दिल्ली हिंसा मामलों के वकील महमूद प्राचा के घर छापेमारी का वीडियो सुरक्षित रखने का आदेश
कोर्ट का दिल्ली हिंसा मामलों के वकील महमूद प्राचा के घर छापेमारी का वीडियो सुरक्षित रखने का आदेश
नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने राजधानी में इस साल फरवरी में हुए दंगों के मामलों में वकील महमूद प्राचा के दफ्तर में छापेमारी की वीडियो को संरक्षित करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिया है कि प्राचा के ऑफिस में छापे के वीडियो वो सुरक्षित रखे। रविवार को कोर्ट ने ये आदेश दिया है। 5 जनवरी को कोर्ट इस केस में अगली सुनवाई करेगा।

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल ने 24 दिसंबर को प्राचा के दफ्तर में रेड की थी। स्पेशल टीम ने करीब 15 घंटों तक प्राचा के दफ्तर की तलाशी ली थी। प्राचा ने कहा है कि रेड के दौरान उनसे और उनके सहयोगियों से सही बर्ताव नहीं किया गया और मारपीट भी की गई। मामले में प्राचा ने कोर्ट में अर्जी दी है। प्राचा ने 25 दिसंबर को तलाशी की वीडियोग्राफी की कॉपी मांगने के लिए कोर्ट का रुख किया था।
वहीं दिल्ली पुलिस ने भी वकील महमदू प्राचा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। प्राचा और उनके सहयोगियों पर पुलिस टीम से बदतमीजी करने और उन्हें धमकाने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि ये सब तब हुआ जब पुलिस 24 और 25 दिसंबर को उनके दफ्तर की छानबीन कर रही थी। महमूद प्राचा दिल्ली दंगों के अलावा भी कई बड़े केसों को लड़ रहे हैं। दिल्ली दंगों से पहले जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में महमूद प्राचा सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।
प्राचा ने इस छापेमारी के बाद ये भी कहा है कि वो ऐसे लोगों का केस लड़ रहे हैं, जिन्होंने दिल्ली पुलिस और भाजपा के लोगों पर आरोप लगाए हैं। वीडियो और सबूतों के आधार पर मैंने कई एफआईआर भी कराईं। इसी वजह से मुझे निशाना बनाया जा रहा है। प्राचा ने ये भी कहा कि पुलिस ने उनके मुवक्किलों को भी धमकी दी कि अपना वकील महमूद प्राचा को मत बनाओ।












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