घर खरीदने का यही है सही समय, होंगे ये 8 बड़े फायदे
1 मई से रिलय एस्टेट रेग्युलेशन एंड डिवेलपमेंट एक्ट लागू हो गया है। इस एक्ट के लागू हो जाने के बाद अब नए कानून लागू हो जाएंगे, जो पूरे सेक्टर के सभी कानूनों को पूरी तरह से बदल देंगे।
नई दिल्ली। हर किसी का सपना होता है कि उसका अपना एक घर हो। अगर आप भी अपने सपनों का घर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यही सही समय है। आज यानी 1 मई से आपके लिए घर खरीदना सबसे अधिक फायदेमंद रहने वाला है। आइए जानते हैं ऐसा क्या हो गया है, जिसके चलते 1 मई से आपके लिए घर खरीदना फायदेमंद हो गया है। ये भी पढ़ें- खुशखबरी: आधार से जुड़ी एक और सुविधा होने वाली है शुरू

RERA हो गया लागू
1 मई से रिलय एस्टेट रेग्युलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट लागू हो गया है। इस एक्ट के लागू हो जाने के बाद अब नए कानून लागू हो जाएंगे, जो पूरे सेक्टर के सभी कानूनों को पूरी तरह से बदल देंगे। नए कानून आ जाने के बाद पूरे सेक्टर में न केवल जवाबदेही बढ़ जाएगी, बल्कि पारदर्शिता भी आएगी। इस नए कानून के आ जाने से घर खरीदने वालों को काफी फायदा होगा। आइए जानते हैं RERA के लागू होने से घर खरीदने वालों को क्या फायदे होंगे। ये भी पढ़ें- RBI ने बताया, क्या होगा ऐसे नोटों का जिस पर 'सोनम गुप्ता बेवफा है' लिखा है

1- हर राज्य में रेग्युलेटरी अथॉरिटी
RERA लागू हो जाने के बाद हर राज्य को रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी बनेगी। इस अथॉरिटी का काम होगा कि अगर किसी बिल्डर के खिलाफ कोई शिकायत आती है तो यह अथॉरिटी उसका निवारण करेगी। इस तरह से अगर आपको घर खरीदते समय बिल्डर से किसी तरह की दिक्कत होती है तो आप उसकी शिकायत अथॉरिटी को कर सकेंगे और वह जल्द से जल्द आपकी परेशानी का निपटारा करने की कोशिश करेगी। ये भी पढ़ें- जियो के ग्राहक फिर मनाएंगे जश्न, मिलने वाले हैं ये 5 तोहफे

2- हर प्रोजेक्ट तक होगी अथॉरिटी की पहुंच
इस अथॉरिटी की पहुंच सभी अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स तक भी होगी। जो भी प्रोजेक्ट 8 अपार्टमेंट से ज्यादा वाले होंगे, उनके लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा, भले ही वह कमर्शियल हो या फिर रेसिडेंशियल। अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो प्रोजेक्ट की लागत का 10 फीसदी जुर्माने के रूप में देना होगा। वहीं अगर दोबारा ऐसी गलती की जाती है तो इसके लिए जेल भी हो सकती है। ये भी पढ़ें- फेसबुक ने कहा- 'पसंद नहीं वाट्सऐप पॉलिसी, छोड़कर जा सकते हो'

3- समय पर मिलेगा घर
डेवलपर को फ्लैट्स खरीदने वालों से जो पैसे मिलेंगे, उसका 70 फीसदी उसे एक अलग अकाउंट में रखना होगा, जिससे कि उस प्रोजेक्ट को बनाने का खर्च निकलता रहे। इस तरह से डेवलपर खरीददारों से मिले पैसों को किसी अन्य प्रोजेक्ट में नहीं लगा सकेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि प्रोजेक्ट का काम समय पर पूरा होगा और खरीददार को उसका घर भी समय से मिल जाएगा। ये भी पढ़ें- SBI कार्ड से पेट्रोल खरीदना हुआ सस्ता, जानिए कितना

4- डेवलपर्स देंगे प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी
नए कानून के तहत सभी डेवलपर्स को प्रोजेक्ट से जुड़ी हर जानकारी मुहैया करानी होगी। इसमें प्रोजेक्ट प्लान, लेआउट, सरकारी मंजूरियां, जमीन का स्टेटस और प्रोजेक्ट खत्म होने का शेड्यूल भी उपलब्ध कराना होगा। अगर बिल्डर अपने प्रोजेक्ट की किसी भी जानकारी को मुहैया कराने में आनाकानी करता है या फिर देरी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। ये भी पढ़ें- वोडाफोन दे रहा 36 जीबी मुफ्त डेटा, ऐसे करें एक्टिवेट

5- कारपेट एरिया के आधार पर बेचे जाएंगे फ्लैट
इस नए एक्ट के लागू हो जाने के बाद बिल्ट-अप एरिया के आधार पर फ्लैट बेचने के तरीके को भी बदला जाएगा। नए कानून में घर खरीदने वाले लोगों को सिर्फ कारपेट एरिया के लिए पैसे देने होंगे। उदाहरण के लिए अभी अगर कोई व्यक्ति 1300 वर्ग फुट का घर बुक करता है तो उसे सिर्फ 900 से 1000 वर्ग फुट की जगह मिलती है, बाकी की जगह में बालकनी या फिर कॉमन स्पेस होता है। ये भी पढ़ें- रिलायंस जियो ने तोड़ा रिकॉर्ड, अब कंपनी ग्राहकों को देगी ये तोहफा

6- देरी के लिए भुगतना होगा खामियाजा
मौजूदा समय में अगर कोई प्रोजेक्ट बनाने में देरी होती है, तो इससे डेवलपर को कोई नुकसान नहीं होता है। नया कानून लागू होने के बाद प्रोजेक्ट को खत्म होने में अगर देरी होगी, तो इसका सारा खामियाजा डेवलपर को ही भुगतना पड़ेगा। खरीददार द्वारा दी गई अतिरिक्त ईएमआई पर लगने वाला सारा ब्याज डेवलपर वापस खरीददार को चुकाएगा। ये भी पढ़ें- जानिए, कैसे 29.54 रुपए वाला पेट्रोल आपको मिलता है 77.50 रुपए का

7- आदेश न मानने पर 3 साल की जेल
RERA के ट्रिब्युनल के ऑर्डर को न मानने वाले डेवलपर को 3 साल तक की जेल का भी प्रावधान है। इस तरह से खुद के खिलाफ कार्रवाई होने और सजा होने के डर से भी बिल्डर समय से काम पूरा करके ग्राहकों को घर देंगे। ये भी पढ़ें- घर खरीदने के लिए भी निकाल सकेंगे पीएफ के पैसे, बनवा लें EMI

8- आफ्टर सेल सर्विसेज
अगर प्रोजेक्ट में किसी तरह की कोई गलती पाई जाती है तो खरीददार पजेशन के 1 साल के अंदर-अंदर डेवलपर को लिखित शिकायत दे सकता है और आफ्टर सेल सर्विसेज की मांग कर सकता है। ये भी पढ़ें- जल्द ही बढ़ेगी केन्द्रीय कर्मचारियों की सैलरी और एचआरए!
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