मर्डर के लिए नींबू, सिंदूर से करती थी टोटके! सगी मां की हत्या करवाने वाली आयुषी कितना पढ़ी है, क्या है जाति?
Ayushi mother murder case Rajasthan: राजस्थान की खूबसूरत पिंक सिटी जयपुर से दिल दहला देने वाली हत्या की वारदात ने सबको हिला कर रख दिया है। 24 साल की आयुषी शर्मा ने अपनी सगी विधवा मां नीरज शर्मा की बेरहमी से हत्या करवा डाली। करोड़ों की जायदाद और सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए मां को रास्ते से हटाने के लिए आयुषी ने बदमाशों को सात लाख की सुपारी देकर ये हत्या करवाई। इस कलयुगी लड़की ने मां और बेटी के सबसे अनमोल रिश्ते को तार-तार कर दिया है।
शुरूआत में पुलिस और रिश्तेदार जिस घटना को तेज रफ्तार गाड़ी से टक्कर और सड़क दुघर्टना मान रहे थे लेकिन जब सच सामने आया तो सभी हैरान हो गए। स्कॉर्पियो कार से टक्कर के बाद घटनास्थल से सौ फीट दूर गिरकर मां नीरज शर्मा की मौत कोई इत्तेफाक नहीं था बल्कि उसकी बेटी द्वारा रची गई सुनियोजित हत्या की साजिश का हिस्सा था ताकि मौत हत्या नहीं दुर्घटना लगे। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और मां की हत्या करवाने वाली आरुषि क्या करती है और कितनी पढ़ी लिखी है?

दरअसल, जयपुर के एयरपेार्ट कॉलोनी में आयुषी शर्मा के पिता विजय शर्मा ने दो साल पहले अपना नया आलीशान मकान बनवाया था और पूरे परिवार समेत वहीं शिफ्ट हो गए, लेकिन 2025 में उनकी मौत हो गई। कोर्ट में एलडीसी के पद पर तैनात विजय शर्मा की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति यानी सरकारी नौकरी परिवार के एक सदस्य को मिलनी थी।
बेटी चाहती थी सरकारी नौकरी, लेकिन मां ने ज्वॉइन कर ली
स्वर्गीय विजय शर्मा की बेटी आयुषी चाहती थी कि उसे ही पिता की जगह नौकरी मिले लेकिन उसके मामा राकेश शर्मा ने समझाया कि उसकी मां नीरज शर्मा पढ़ी लिखी है और उसके ऊपर जिम्मेदारियां है इसलिए उसे ही ये नौकरी करने दे। जिसके बाद हालात के चलते 45 वर्षीय मां नीरज शर्मा ने पति की जगह नौकरी ज्वॉइन कर ली क्योंकि उन्हें बेटी आयुषी के साथ अपने मानसिक रूप से कमजोर बेटे की देखभाल करनी थी।

नाराज होकर पुराने मकान में शिफ्ट हो गई आयुषी
मां के नौकरी ज्वॉइन करने के बाद आयुषी अपना घर छोड़कर जयपुर की कल्याण कॉलोनी में स्थित अपने पुराने घर में रहने चली गई। जहां वो नया घर बनने से पहले अपने पापा-मंमी और भाई के साथ रहती थी। इस घर में उसके साथ उसका चचेरा भाई बलराम रहता था। इसी घर में उसने अपनी मां की हत्या की साजिश रचनी शुरू की।
मां की हत्या के लिए दी सात लाख रुपये की सुपारी
आयुषी ने अपने चचेरे भाई बलराम को करोड़ों की जमीन का लाचल देकर साजिश में शामिल किया। उन्होंने तय किया कि गाड़ी से कुचकर मां नीरज शर्मा को मरवा दिया जाएगा ताकि किसी को शक ना हो ये सड़क हादसा लगे। इसके लिए इन दोनों ने भरतपुर के हेमंत शर्मा को हत्या की सुपारी दी और साल लाख रुपये एडवांस के पैसे दे दिए।
आयुषी ने चचेरे भाई और तारु को लालच देकर खूनी खेल में किया शामिल
आयुषी को सरकारी नौकरी के अलावा पिता की लगभग दस करोड़ की पैतृक संपत्ति, जयपुर में दो करोड़ों के घर और भरतपुर में चार बीघा और आगरा रोड पर पांच बीघा जमीन पाने की हवस थी। उसने अपने चचेरे भाई बलराम और ताऊ मोहन शर्मा को आगरा रोड वाली करोड़ों जमीन देने का लालच देकर अपनी मां के खूनी खेल में शामिल कर लिया था।
हत्या की असफल कोशिश के बाद मां हो गई थी सतर्क
जून महीने में किराए की गाड़ी थार लेकर नीरज शर्मा को कुचलने का प्रयास किया गया लेकिन वो बाल-बाल बच गई। इस जानलेवा हमले के बाद डर के मारे नीरज शर्मा ने अपने घर से निकलना बंद कर दिया और अपने भाई से जान का खतरा होने की बात भी शेयर की।
नींबू, सिंदूर और नारियल जलाकर घर से बाहर निकालने लिए करने लगी टोटके
चूंकि नीरज शर्मा ने घर से निकलना बंद कर दिया तो आयुषी ने घर के दरवाजे और सीढ़ी पर नींबू-मिर्चा और जले हुए नारियल पर सिंदूर जैसे तंत्र मंत्र से डरवाया ताकि उसकी मां डर कर घर से बाहर निकले और उसको गाड़ी से कुचलवा कर हत्या कर दी जाए। हालांकि नीरज सतर्क हो गई और उसने सीसीटीवी कैमरे और घर की सुरक्षा के लिए लोहे की जाली लगवा दी।
स्कॉपियों ने टक्कर मारकर कर दी हत्या
लेकिन 3 जुलाई केा नीरज शर्मा अपने मानसिक रूप से कमजोर बेटे को फिजियोथेरेपी सेंटर छोड़कर जब घर लौट रही थी तभी 4 बजकर 45 मिनट पर जयपुर के प्रताप नगर में करीब 130 किमी की प्रति घंटे की रफ्तार से आई स्कॉपियों ने टक्कर मार दी और नीरज शर्मा का शरीर हवा में उछला और सौ फीट दूर जाकर गिरा और तुरंत उनकी मौत हो गई।
मां की मौत की खबर खुद मामा को दी
मां की हत्या करवाने के बाद आयुषी ने अपने मामा राकेश कुमार शर्मा को खुद फोन पर दी और बताया कि मां की एक्सीडेंट में मौत हो गई है। चूंकि नीरज शर्मा ने मौत से पहले अपने भाई राकेश से बेटी आरुषि और जेठ के बेटे द्वारा संपत्ति के लिए परेशान किए जाने और जान से मारने की धमकी की बात बता चुकी थी इसलिए उसने पुलिस ने शिकायत दर्ज करवाई। जिसके बाद सीसीटीवी की फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां दिखीं और हत्यारी बेटी और ससुराल पक्ष पर शिकंजा कसता गया और मां की हत्यारन आरुषि का पर्दाफाश हो गया।
आयुषी ने कबूला मां की हत्या क्यों करवाई?
पुलिस ने आरेापी आयुषी शर्मा के अलावा मोहित शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, हेमंत और तारु मोहन स्वरूप समेत सात लोगों को अरेस्ट किया है। फिलहाल आरूषि शर्मा का चचेरा भाई बलराम फरार चल रहा है। आरुषि ने पुलिस के सामने खुद कबूला कि सरकारी नौकरी और करोड़ों की जायजाद की लालच में उसने अपने भाई और चचेरे भाई और ताऊ के साथ मिलकर अपनी सगी विधवा मां की हत्या की साजिश रची।
कितनी पढ़ी-लिखी है आयुषी शर्मा?
24 साल की आयुषी ने जयपुर के प्राइवेट स्कूल से ही पढ़ाई की है और मां के सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद जब वो अपने पुराने घर में शिफ्ट हुई तो उसने अपने चचेरे भाई बलराम के साथ लॉ में एडमीशन लिया था। पिता की जगह कोर्ट में सरकारी नौकरी करने के मंशा से वो लॉ की डिग्री हासिल करना चाहती थी।
आयुषी शर्मा की जाति क्या है?
हालांकि सगी मां की हत्या करवाने वाली आयुषी शर्मा की जाति क्या है इसकी पुख्ता पुष्टि कहीं नहीं की गई है लेकिन राजस्थान में शर्मा सरनेम सामान्य तौर पर ब्राह्मण समाज के लोग करते है। जयपुर ही नहीं राजस्थान के अन्य क्षेत्रों में शर्मा सरनेम ब्राह्मण परिवार ही करते हैं।
नोट- इस आयुषी की जाति की पुष्टि का दावा वनइंडिया नहीं करता है।













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